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फ्रांस में ‘अल्लाह-हू-अकबर’ के नारों के बीच दफनाया गया नाहेल का शव, मस्जिद में इकट्ठा हुई भीड़: यहूदियों के मेमोरियल पर भी हमला, अब तक 2000 दंगाई गिरफ्तार

दंगाइयों ने पुलिस विरोधी नारेबाजी करते हुए यहूदियों के मेमोरियल पर हमला कर दिया। यह स्मारक द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान फ्रांस से नाजी से भागे और मृत्यु शिविरों में निर्वासित 200,000 लोगों के साथ-साथ उन फ्रांसीसी लोगों को समर्पित है जिन्होंने नाजियों के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी।

फ्रांस में नाहेल नाम के 17 वर्षीय लड़के की हत्या के बाद वहाँ हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है। घटना के कुछ दिन बाद एक मस्जिद में समारोह करके नाहेल के शव को कब्रिस्तान में दफना दिया गया। इस दौरान उसके परिजनों के अलावा इब्न बदीस मस्जिद में भारी तादाद में भीड़ खचाखच भरी रही। किसी ने अगर फोटो या वीडियो बनाने की कोशिश की तो उसपर वहाँ मौजूद लोग काफी नाराज दिखे। लेकिन जो वीडियो सामने आई है उसमें भीड़ को अल्लाह-हू-अकबर के नारे लगाते सुना जा सकता है।

बता दें कि फ्रांस के हालात मंगलवार से बिगड़ते जा रहे हैं। दंगाई हर जगह दंगा मचा रहे हैं। बड़ी-बड़ी इमारतों में आगजनी हो रही है। शोरूम में तोड़फोड़ और लूटपाट की जा रही है। सरकार लगातार इन्हें रोकने के लिए प्रयासरत है। लेकिन दंगाई अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे। फ्रांच के गृहमंत्री गेराल्ड डार्मनिन ने बताया कि उन्होंने स्थिति को संभालने के लिए 45000 पुलिसकर्मियों को तैनात किया हुआ है। अब तक देश भर में 2000 दंगाई गिरफ्तार हो चुके हैं। बाकी हालात पर काबू करने का काम चल रहा है।

बताया जा रहा है कि दंगाइयों ने पुलिस विरोधी नारेबाजी करते हुए यहूदियों के मेमोरियल पर हमला कर दिया। यह स्मारक द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान निर्वासित 200,000 लोगों के साथ-साथ उन फ्रांसीसी लोगों को समर्पित है जिन्होंने नाजियों के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी।

उल्लेखनीय है कि मंगलवार को पुलिस की गोली लगकर एक 17 साल के युवक की हुई हत्या के बाद से फ्रांस हिंसा की आग में जल रहा है। इस हिंसा का सबसे ज्यादा असर पेरिस, ल्योन और मार्सिले जैसे शहरों पर पड़ा है। पुलिस दंगाइयों को रोकने के लिए आँसू गैस का इस्तेमाल कर रही है। इन दंगों के कारण एक ओर जहाँ फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों की जर्मनी में होने वाली राजकीय यात्रा पर प्रभाव पड़ा है। वहीं फ्रांस की चिंता यह भी है कि इस बार रग्बी विश्व कप और पेरिस ओलंपिक खेल की मेजबानी उनके कंधों पर है। अगर दंगाइयों का यही हाल रहता है तो प्रभावित जगहों और चीजों को कैसे ठीक किया जाएगा।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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