Saturday, July 27, 2024
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क्या आप हिंदुओं के खिलाफ मुस्लिमों की हिंसा की निंदा करने को तैयार हैं? : डच सांसद गीर्ट वाइल्डर्स ने बांग्लादेश हिंसा और नूपुर शर्मा का मुद्दा संसद में उठाया

"क्या आप हिंदुओं के खिलाफ मुस्लिमों की हिंसा की खुले तौर पर निंदा करने के लिए तैयार हैं?" और दूसरा प्रश्न है। "क्या आप हिंदुओं की बेहतर सुरक्षा के लिए काम करने के लिए भारत और बांग्लादेश दोनों सरकारों से अनुरोध करने के लिए तैयार हैं? अगर नहीं तो क्यों?"

आतंकवाद और धार्मिक असहिष्णुता को लेकर मुखर रहने वाले डच सांसद गीर्ट वाइल्डर्स (Geert Wilders) ने इस बार भारत और बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ इस्लामी हिंसा को लेकर अपनी आवाज बुलंद की है। उन्होंने संसद में हिंदुओं का समर्थन करने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस ओर ध्यान देने की माँग की है। इस दौरान उन्होंने पूर्व भाजपा प्रवक्ता नूपुर शर्मा के मुद्दे पर भी चर्चा की, जिन्हें ‘ईशनिंदा’ के आरोप में जान से मारने की धमकियाँ मिली थी।

वाइल्डर्स ने ट्विटर पर हिंदुओं, उनकी सुरक्षा और उनके समर्थन में 13 महत्वपूर्ण प्रश्न वाले दस्तावेज साझा किए हैं। उन्होंने बांग्लादेश और भारत में हिंदुओं के खिलाफ मुस्लिम हिंसा, नूपुर शर्मा के समर्थन में खड़े नहीं होने और हिंदुओं की सुरक्षा लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अधिक ध्यान और समर्थन देने के बारे में लिखा है।

डच सांसद ने सवालों की सूची में भारत में हिंदुओं पर हमले की हालिया घटनाओं को भी शामिल किया है और आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की माँग की है। उन्होंने नूपुर शर्मा का समर्थन करने पर दो मुस्लिमों द्वारा एक हिंदू दर्जी (कन्हैया लाल) का सिर कलम करने की घटना पर भी प्रकाश डाला है। वाइल्डर्स ने मंत्रालय से इन मुद्दों पर विचार करने की माँग की और अंतरराष्ट्रीय रुख अपनाने को कहा।

डच सांसद ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ बढ़ती हिंसा पर भी सवाल उठाए। उन्होंने विदेश मंत्रालय से बांग्लादेश में हिंदू घरों, पूजा स्थलों और दुकानों में आग लगानी वाली घटना पर विचार करने को कहा। मालूम हो कि 15 जुलाई 2022 को बांग्लादेश में लोहागारा के सहपारा इलाके में कट्टरपंथी मुस्लिमों की भीड़ ने हिन्दुओं के एक मंदिर, किराने की दुकान और कई घरों को तोड़ दिया था। पुलिस ने बताया था कि 18 साल के हिन्दू लड़के की फेसबुक पोस्ट ने मुस्लिमों को हिंसा के लिए उकसाया, जिसके बाद जुम्मे की नमाज के बाद इस घटना को अंजाम दिया गया।

वाइल्डर्स द्वारा पूछे गए दो महत्वपूर्ण प्रश्न हैं, “क्या आप हिंदुओं के खिलाफ मुस्लिमों की हिंसा की खुले तौर पर निंदा करने के लिए तैयार हैं? अगर नहीं तो क्यों?” और दूसरा प्रश्न है। “क्या आप हिंदुओं की बेहतर सुरक्षा के लिए काम करने के लिए भारत और बांग्लादेश दोनों सरकारों से अनुरोध करने के लिए तैयार हैं? अगर नहीं तो क्यों?”

ध्यान देने के लिए वाइल्डर्स ने यह भी उल्लेख किया कि नूपुर शर्मा को समर्थन देने के लिए उन्हें भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश के कई इस्लामवादियों से मौत की धमकी मिल रही है। उन्होंने संसद से पूछा, “इस पर आपकी क्या राय है? क्या संदिग्धों का पता लगाकर उन पर कार्रवाई की जाएगी? इसके लिए आप क्या अंतरराष्ट्रीय कदम उठाएंगे?”, 14 जुलाई को डच सांसद ने नुपुर शर्मा का समर्थन करते हुए कहा था, “भारत के हिंदुओं, अपने लिए खड़े हो, अपनी सुरक्षा, मूल्यों और संस्कृति के लिए, नूपुर शर्मा के लिए। आप इसके योग्य हैं।’ उन्होंने यह भी कहा, “साहसी बनें। मैं आपसे प्यार करता हूँ और आपका समर्थन करता हूँ।”

गीर्ट ने इससे पहले मुस्लिमों के त्योहार बकरीद को लेकर ट्वीट कर कहा था, “आज से शुरू हो रहे घिनौने बर्बर इस्लामी कुर्बानी के त्यौहार ईद हत्याकांड पर रोक लगाओ।” गीर्ट ने इसके साथ ही एक भेड़ की हत्या का वीभत्स फोटो भी साझा किया था। वहीं गीर्ट ने 11 जून को किए गए अपने ट्वीट में कट्टरपंथियों द्वारा नूपुर शर्मा को दी गई धमकी का स्क्रीनशॉट साझा करते हुए लिखा था, “यही है, जिसके कारण मैं बहादुर नूपुर शर्मा का समर्थन कर रहा हूँ। जान से मारने की सैकड़ों धमकियाँ। यह मुझे उनका समर्थन करने के लिए और भी अधिक दृढ़ बनाता है। क्योंकि, बुराई कभी नहीं जीत सकती। कभी नहीं।”

बता दें कि नुपूर शर्मा का समर्थन करने वाले डच सांसद को कट्टरपंथियों ने गर्दन काट मीनार पर लटकाने की धमकी दी थी। इन धमकियों की जानकारी गीर्ट वाइल्डर्स ने अपने ट्वीट में दी थी। उन्होंने लिखा था, “…तो बहादुर नुपूर शर्मा को समर्थन देने के बदले मुझे ये सब मिल रहा है। सैंकड़ों मौत की धमकियाँ। ये सब मुझे और भी ज्यादा गर्व महसूस कराता है कि मैंने नुपूर को समर्थन दिया। शैतान कभी नहीं जीतेगा। कभी नहीं।” इस ट्वीट में गीर्ट वाइल्डर्स ने एक बार फिर #Isupportnupursharma टैग का प्रयोग किया और साथ में कट्टरपंथियों की धमकियों के कुछ स्क्रीनशॉट भी लगाए थे।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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