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कुरान जलाने की घटना पर आया गुस्सा, बन गए IS के आतंकी: जर्मन कोर्ट ने 2 अफगानियों को सुनाई सजा, स्वीडन की संसद पर हमले करने की रच रहे थे साजिश

दोनों अफगानियों को आतंकवादी संगठन इस्लामी स्टेट का सदस्य होने और हत्या की साजिश रचने के आरोप में दोषी पाया गया। कोर्ट ने 30 वर्षीय एक आरोपित को पाँच साल और छह महीने तथा 24 वर्षीय दूसरे आरोपित को चार साल और दो महीने की सजा सुनाई।

जर्मन कोर्ट ने अफगान के दो इस्लामी स्टेट से जुड़े आतंकियों को स्वीडिश संसद पर हमले की योजना बनाने और पुलिसकर्मियों की हत्या की साजिश रचने के आरोप में कई वर्षों की जेल की सजा सुनाई है। बताया जा रहा है कि इन्होंने ये कुरान जलाए जाने की घटना के विरोध में किया था।

जेन हायर रीजनल कोर्ट ने इन दोनों को आतंकवादी संगठन इस्लामी स्टेट का सदस्य होने और हत्या की साजिश रचने के आरोप में दोषी पाया। कोर्ट ने 30 वर्षीय एक आरोपित को 5 साल और छह महीने तथा 24 वर्षीय दूसरे आरोपित को 4 साल और 2 महीने की सजा सुनाई

सजा के खिलाफ आरोपित अभी अपील कर सकते हैं। दोनों आरोपितों में से एक का नाम इब्राहीम एमजी है और दूसरे का रामिन एन हैं। ये दोनों पूर्वी जर्मनी के थुरिंगिया राज्य के गेरा में रहते थे और आपस में एक दूसरे को जानते थे। इनका संबंध इस्लामिक स्टेट समूह से था।

बताया जा रहा है कि ये दोनों आतंकी ऑनलाइन प्रचार के माध्यम से कट्टरपंथी बनाए गए थे। पुलिस ने पिछले साल इन दोनों को मार्च में गिरफ्तार किया गया था। उस समय ये लोग चेक गणराज्य से लौट रहे थे। जहाँ जाकर इन्होंने हमले के लिए हथियार प्राप्त करने का प्रयास किया था।

कोर्ट के मुताबिक, दोनों अफगानियों को कुछ समय से निगरानी में रखा गया था। जर्मन अधिकारियों ने बताया कि ये दोनों व्यक्ति इस्लामिक स्टेट खोरासन प्रांत (ISIS-K) से जुड़े हुए थे। इन्हें यूरोप में हमले करने का आदेश प्राप्त किया था। उनके द्वारा किए गए प्रयासों में पुलिस और अन्य लोगों को मारने की योजना शामिल थी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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