Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीयरोजे के दिन हिन्दू दुकानदार बना रहे थे बिरयानी, पुलिस वाले ने डंडे से...

रोजे के दिन हिन्दू दुकानदार बना रहे थे बिरयानी, पुलिस वाले ने डंडे से पीटा: Video वायरल होने के बाद SHO सस्पेंड, पाकिस्तान की घटना

खानपुर के थाना प्रभारी काबिल भायो ने हिन्दुओं से भविष्य में रमज़ान के नियमों का पालन करने के लिए श्रीमद्भगवत गीता की भी कसम खिलाई। वीडियो के वायरल होने के बाद सिंध मानवाधिकार आयोग (SHRC) ने सीनियर पुलिस अधिकारियों को थानेदार पर एक्शन के लिए पत्र लिखा और एसएसपी ने उसे सस्पेंड किया।

अल्पसंख्यकों के लिए नर्क कहे जाने वाले पाकिस्तान में एक बार फिर से हिन्दुओं की दुकानों को निशाना बनाया गया है। प्रताड़ना का आरोप पुलिस पर है जिसने हिन्दू दुकानदारों पर रमज़ान में लागू क़ानून की नरफमानी का आरोप लगाया है। इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

इस वीडियो में पुलिस वाले हिन्दुओ को प्रताड़ित करते दिखाई दे रहे हैं। हिन्दू दुकानदारों पर आरोप है कि वो बाजार में सप्लाई करने के लिए बिरयानी बना रहे थे। स्थानीय थाना प्रभारी द्वारा हिन्दुओं को उनके ग्रंथों की कसम खाने पर भी मजबूर किया गया है। वीडियो वायरल होने के बाद SHO काबिल भायो को सस्पेंड कर दिया गया है।

पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक मामला पंजाब प्राप्त के बहावलपुर का है। बताया जा रहा है कि यहाँ के घोटकी जिले में कुछ हिन्दू दुकानदार आर्डर पर बिरयानी बना रहे थे। इस दौरान इलाके का थाना प्रभारी काबिल भायो पुलिस फ़ोर्स के साथ वहाँ पहुँचा। थाना प्रभारी के हाथों में डंडा था। वह हिन्दू दुकानदारों पर रोज़े के दिन खाना बनाने से नाराज हो उठा। उसने न सिर्फ डिलीवरी बॉय बल्कि हिन्दू दुकानदारों की पिटाई भी की। थाना प्रभारी द्वारा प्रताड़ित किए गए हिन्दुओं की संख्या लगभग 1 दर्जन है।

आरोप है कि खानपुर के थाना प्रभारी काबिल भायो ने हिन्दुओं से भविष्य में रमज़ान के नियमों का पालन करने के लिए श्रीमद्भगवत गीता की भी कसम खिलाई। वीडियो के वायरल होने के बाद सिंध मानवाधिकार आयोग (SHRC) ने सीनियर पुलिस अधिकारियों को थानेदार पर एक्शन के लिए पत्र लिखा। घोटकी के SSP तनवीर हुसैन ने SHO काबिल को सस्पेंड कर दिया है। पूर्व मुख्य न्यायाधीश तसद्दुक हुसैन जिलानी ने 19 जून 2014 को इसी पुलिस अधिकारी काबिल भायो का व्यवहार पाकिस्तान के अल्पसंख्यकों के खिलाफ नकारात्मक बताया था।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -