इंग्लैंड की सत्ता भारत पर से भले ही 1947 में खत्म हो गई हो पर उसका दिमाग अभी भी वहीं अटका हुआ है। इंग्लैंड जब-तब भारत के आंतरिक मामलों में अड़ाता रहता है। अब इंग्लैंड की ऑक्सफ़ोर्ड यूनियन ने कश्मीर की आजादी को लेकर एक बहस आयोजित करवाई है। इस बहस में कश्मीर क्यों एक स्वतंत्र देश होना चाहिए, इस पर बात की गई है।
इस मामले पर बात करने के लिए भी ऑक्सफ़ोर्ड ने इस्लामी आतंकियों और ISI से जुड़े लोगों को न्योता दिया जिन्होंने भारत के खिलाफ जहर उगला। इस बहस के विरोध में भारतीय छात्रों ने प्रदर्शन किया और ऑक्सफ़ोर्ड पर आतंक के साथ खड़े होने का आरोप लगाया।
ऑक्सफ़ोर्ड यूनियन ने यह बहस गुरुवार (14 नवम्बर, 2024) को आयोजित करवाई। इस बहस का शीर्षक था ‘ऑक्सफोर्ड यूनियन कश्मीर की स्वतंत्रता में विश्वास करता है।’ इस नजरिए का समर्थन करने के लिए ISI के इशारे पर काम करने वाले मुजम्मिल अयूब ठाकुर और हजारों लोगों की जान लेने वाले आतंकी संगठन JKLF के प्रोफ़ेसर जाफर खान को बुलाया।
Our debate for tonight:
— Oxford Union (@OxfordUnion) November 14, 2024
This House Believes in an Independent State of Kashmir.
Speakers for proposition:
1. Raza Nazar
2.Professor Zafar Khan
3.Dr.Muzzammil Ayub Thakur
Speakers for opposition:
1. Siddhant Nagrath
2. Yusuf Kundgol
3. Prem Shankar Jha pic.twitter.com/DY7zOQbPsd
यह वही मुजम्मिल अयूब ठाकुर है जिसका पिता अयूब ठाकुर लन्दन में ISI के लिए काम करता था। वह ISI का पैसा कश्मीर में इस्लामी आतंकी संगठनों को देता था। अयूब ठाकुर ने 70000 ब्रिटिश पाउंड आतंकी सैयद सलाहुद्दीन को तक दिए थे। उसके इन कर्मों को बेटे मुजम्मिल ने ‘जिहाद’ का नाम दिया था।
मुजम्मिल अपने बाप की तरह ही कश्मीर पर पाकिस्तानी प्रोपेगेंडा को आगे बढ़ाता रहा है। उसके ऊपर 2022 में UAPA के तहत मामला भी दर्ज किया जा चुका है। वह उस निताशा कौल के साथ भी दिखा है जो कश्मीर के हिन्दू नरसंहार को नकारती आई है और भारत के खिलाफ लिखती बोलती है।
इसके अलावा इस बहस में ज़फर खान को भी बुलाया गया। ज़फर खान यासीन मलिक के आतंकी संगठन की डिप्लोमेटिक विंग का सरगना है और इसका काम विदेशों में भारत के खिलाफ लॉबी करना है। जफर खान लन्दन में यही काम करता है। JKLF कश्मीर से हिन्दुओं को बाहर करने और उनका नरसंहार करने के लिए जिम्मेदार संगठन है।
ऑक्सफ़ोर्ड यूनियन में हुई इस बहस को लेकर लन्दन में रहने वाले भारतीयों में गुस्सा है। भारतीय छात्रों ने ऑक्सफ़ोर्ड यूनियन के बाहर इस बहस के दौरान प्रदर्शन भी किया। उन्होंने यहाँ नारे भी लगाए कि ऑक्सफ़ोर्ड यूनियन लगातार आतंकियों का समर्थन करती है। उन्होंने यहाँ भारत माता का जयघोष भी किया।
‼️BREAKING‼️
— INSIGHT UK (@INSIGHTUK2) November 14, 2024
Indian students protest infront
of the Oxford Union.
Cries of “It is known far and wide, Oxford Union stands on terrorists side”.#OxfordUnion pic.twitter.com/N1oeIvrHLn
यूनियन के भीतर भी एक भारतीय छात्र ने JKLF की पोल खोल दी और कहा कि यह वही संगठन है जिसने नरसंहार में हिस्सा लिया है। भारतीय छात्र ने आरोप लगाया कि ओक्स्फ्रोड़ यूनियन पाकिस्तान के लिए बैटिंग कर रही है। इसका एक वीडियो भी वायरल हो रहा है।
ऑक्सफ़ोर्ड में पढ़ने वाले भारतीय छात्रों ने इस आयोजन को लेकर एक पत्र भी लिखा है और कहा है कि वह इससे काफी गुस्सा और डरे हुए हैं। उन्होंने कहा है कि ऐसे संगठनों को निष्पक्ष व्यवहार करना चाहिए ना कि किसी का एजेंडा चलाना चाहिए। ब्रिटिश हिन्दुओं के संगठन इनसाईट यूके ने भी इसको लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की थी।
? Breaking News ?
— INSIGHT UK (@INSIGHTUK2) November 14, 2024
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Indian students at Oxford University have voiced strong opposition to the Oxford… pic.twitter.com/cDkwUYDPac
गौरतलब है कि इस बहस में शामिल होने को लेकर भारतीय फिल्म डायरेक्टर विवेक अग्निहोत्री को बुलाया था लेकिन उन्होंने यहाँ जाने से मना कर दिया था। इसके अलावा भारतीय पत्रकार आदित्य राज कौल ने भी यहाँ जाने से इनकार किया था।


