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‘कश्मीर की आजादी’ पर बहस चाहती थी ऑक्सफोर्ड यूनियन, डायरेक्टर विवेक अग्निहोत्री ने ठुकराया न्योता: कहा- जब तक कश्मीरी पंडित वापस नहीं लौटते, तब नहीं होगी कोई चर्चा

ऑक्सफोर्ड यूनियन ने कश्मीर के आजाद देश बनने की की वकालत करते हुए एक बहस का आयोजन किया था। अग्निहोत्री ने इसको लेकर कहा कि इस तरह की बहस का आयोजन भारत की संप्रुभता को सीधी चुनौती देना है। अग्निहोत्री ने यह निमंत्रण ठुकराने पर एक पत्र भी लिखा है।

द कश्मीर फाइल्स फिल्म के डायरेक्टर विवेक रंजन अग्निहोत्री ने बताया है कि उन्होंने ऑक्सफोर्ड यूनियन का एक न्योता ठुकरा दिया है। उन्हें ऑक्सफोर्ड ने कश्मीर की आजादी पर बात करने के लिए बुलाया था। अग्निहोत्री ने कहा कि उन्हें यह कार्यक्रम भारत और कश्मीर विरोधी लगा, इसलिए उन्होंने यह निमंत्रण ठुकराया।

ऑक्सफोर्ड यूनियन ने कश्मीर के आजाद देश बनने की की वकालत करते हुए एक बहस का आयोजन किया था। विवेक रंजन अग्निहोत्री ने इसको लेकर कहा कि इस तरह की बहस का आयोजन भारत की संप्रुभता को सीधी चुनौती देना है। अग्निहोत्री ने यह निमंत्रण ठुकराने पर एक पत्र भी लिखा है।

अग्निहोत्री ने ऑक्सफोर्ड यूनियन को लिखे हुआ पत्र में कहा, “ना केवल 140 करोड़ भारतीयों के लिए बल्कि 1990 के कश्मीर नरसंहार के सैकड़ों हज़ारों विस्थापित हिंदू पीड़ितों के लिए मुझे यह ना केवल अप्रिय बल्कि अपमानजनक भी लगता है। इसे बहस के रूप में पेश करना एक त्रासदी को पार्लर गेम में बदलने जैसा है जहाँ लोगों की जिन्दगी दांव पर है और उसकी कीमत कोई स्याही नहीं बल्कि लोगों का खून है।”

अग्निहोत्री ने अपने पत्र में लिखा, “जब तक इस्लामी आतंकवादियों की धमकियों के कारण अपनी मातृभूमि से विस्थापित कश्मीरी हिंदू वापस नहीं लौट पाते, तब तक कश्मीर की संप्रभुता पर कोई बहस नहीं हो सकती।” सोसायटी ने दरअसल कश्मीर को एक आजाद देश बताया था और कहा था कि हिन्दुओं के नरसंहार पर बनी द कश्मीर फाइल्स विवादास्पद है।

ऑक्सफोर्ड यूनियन सोसाइटी ने विवेक अग्निहोत्री को “यह सदन कश्मीर के एक स्वतंत्र राज्य में विश्वास करता है” नाम की एक बहस पर बात करने के लिए आमंत्रित किया था। इसने उनकी फिल्म को विवादास्पद तो बताया था लेकिन कहा था कि वह आज के समय में बात करने के लिए उपलब्ध सबसे उपयुक्त लोगों में से एक हैं।

अग्निहोत्री को भेजे गए निमंत्रण में कहा गया था कि इस मुद्दे पर बहस 24 अक्टूबर, 31 अक्टूबर, 7 नवंबर, 14 नवंबर, 21 नवंबर, 28 नवंबर और 5 दिसंबर को बहस होगी। अग्निहोत्री से पूछा गया था कि वह किस दिन आने में सुविधा महसूस करेंगे। हालाँकि, अग्निहोत्री ने इस बहस में भाग लेने से मना कर दिया।

ये बात गौर करने वाली है कि यह वही सोसाइटी है जिसने वर्ष 2022 में ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में अग्निहोत्री के कार्यक्रम रद्द कर दिए थे। तब अग्निहोत्री ने कहा था कि ऑक्सफोर्ड यूनियन सोसाइटी के तत्कालीन अध्यक्ष पाकिस्तानी थे और उनका नजरिया भारत विरोधी था।

उन्होंने तब कहा था कि उनका कार्यक्रम रद्द करके यूनिवर्सिटी के हिन्दू छात्रों के साथ ज्यादती की गई है और ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि यहाँ हिन्दू अल्पसंख्यक हैं। अग्निहोत्री ने बताया था कि ऑक्सफोर्ड में उनका कार्यक्रम कुछ घंटे पहले ही रद्द कर दिया गया था।

तब उन्होंने कहा था, “मुझे ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में बोलना था क्योंकि ऑक्सफोर्ड यूनियन ने मुझे बहुत पहले आमंत्रित किया था। ईमेल के ज़रिए इस बात पर रजामंदी भी हो गई थी। लेकिन उसके कुछ घंटे पहले ही उन्होंने कहा कि माफ़ करें हमसे गलती हो गई। मुझसे पूछे बिना ही उन्होंने तारीख़ बढ़ा दी जब छात्र यहाँ नहीं होते, ऐसे कार्यक्रम करने का कोई मतलब नहीं है।”

कश्मीर फाइल्स फिल्म

विवेक अग्निहोत्री की द कश्मीर फाइल्स 1990 के दशक में घाटी से कश्मीरी पंडितों के बाहर निकाले जाने पर आधारित है। फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर अच्छी कमाई की थी। कई राज्यों ने इसे टैक्स-फ्री कर दिया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर गृह मंत्री अमित शाह और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने फिल्म की तारीफ की थी।

फिल्म को ज्यादातर दर्शकों ने खुले दिल से देखा था। लेकिन, लेकिन समाज के एक वर्ग, खासकर लिबरल और इस्लामी कट्टरपंथियों ने फिल्म का विरोध किया था, उनका दावा था कि यह अल्पसंख्यकों की भावनाओं को ठेस पहुंचाती है।”

director vivek ranjan agnihotri declines invitation of oxford union for debate on kashmir freedom

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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