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कब कोई मार दे… इसलिए अपनी ही सेना की जाँच करेगा ईरान, लेकिन ‘इजरायल एकमात्र दुश्मन’ के नाम पर भड़का रहा मुस्लिम मुल्कों को

खामनेई ने कहा कि इजरायल के ऊपर बैलिस्टिक मिसाइल दागने का ईरान का कदम वैध और एकदम सही था क्योंकि हर देश को अपने ऊपर हुए हमले का जवाब देने का अधिकार है। खामनेई ने इसी दौरान कहा कि इजरायल सभी मुस्लिम मुल्कों का दुश्मन है।

ईरान के सुप्रीम लीडर आयतोल्लाह खामनेई ने कहा है कि सभी मुस्लिम मुल्कों का इजरायल दुश्मन है। आयोत्ल्लाह खामनेई ने ईरान के इजरायल पर मिसाइल हमले को सही ठहराया है। खामनेई ने यह सभी बातें जुमे की नमाज अदा करने के बाद कही हैं।

तेहरान में जुमे की नमाज अदा करने के बाद शुक्रवार (4 अक्टूबर, 2024) को खामनेई ने अपना संबोधन दिया। खामनेई ने ऐसा संबोधन पाँच साल के बाद दिया है। खामनेई ने इस दौरान हिजबुल्लाह के आतंकियों के मारे जाने और इजरायल पर हमले को लेकर बातें कहीं।

खामनेई ने कहा कि इजरायल के ऊपर बैलिस्टिक मिसाइल दागने का ईरान का कदम वैध और एकदम सही था क्योंकि हर देश को अपने ऊपर हुए हमले का जवाब देने का अधिकार है। खामनेई ने इसी दौरान कहा कि इजरायल सभी मुस्लिम मुल्कों का दुश्मन है।

खामनेई ने कहा कि मुस्लिम मुल्कों को अफगानिस्तान से लेकर यमन और ईरान से लेकर गाजा तथा लेबनान तक अपनी सुरक्षा के लिए कमर कसनी पड़ेगी। उन्होंने कहा है कि इजरायल लोगों की हत्या करके अपने जीतने का केवल झूठा दावा कर रहा है।

खामनेई ने अपने संबोधन अमेरिका पर भी हमला बोला है। उन्होंने कहा कि अमेरिका इजरायल को बचा रहा है ताकि वह इस इलाके के संसाधनों पर अपना कब्जा जमा सके। खामनेई ने कहा कि इस इलाके में अमेरिका और इजरायल के खिलाफ चल रही मुहिम शांत नहीं होगी।

अपने संबोधन में खामनेई ने कहा कि ईरान ने इजरायल को माकूल जवाब दे दिया है और आगे ना ही वह युद्ध को बढ़ावा देंगे और ना ही पीछे हटेंगे। खामनेई ने अपने लड़ाकों को खूनखराबे से ना डरने की सलाह दी है। खामनेई के इस बयान से संकेत मिले हैं कि ईरान अब युद्ध को बढ़ाना नहीं चाहेगा।

ईरान के मुखिया का यह बयान उसके इशारे पर चलने वाले आतंकी समूह हिजबुल्लाह के सरगना नसरल्लाह को इजरायल द्वारा मार गिराए जाने के बाद सामने आया है। इजरायल ने इसके बाद भी लेबनान के भीतर हिजबुल्लाह पर बड़ी कार्रवाईयाँ की हैं।

इस बीच ईरान को अपनी ही सेना की जाँच करनी पड़ गई है। ईरान को शक है कि उसकी सेना के कुछ अधिकारीयों ने मोसाद को ख़ुफ़िया जानकारी दी है। ईरान की यह जाँच नसरल्लाह की मौत के बाद और तेज हुई है। ईरान के शक की सुई सबसे पहले विदेश आने-जाने वाले अधिकारीयों पर पड़ी है।

बताया गया है कि ईरान ने कुछ अधिकारियों पर कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार किया है और उसने पूछताछ कर रहा है। मोसाद का नेटवर्क तोड़ने की कोशिश की जा रही है। दूसरी तरफ हिजबुल्लाह भी सही समय पर हमले की सूचना ना मिलने पर बौखलाया हुआ है।

गौरतलब है कि 7 अक्टूबर, 2023 से ही इजरायल इस्लामी आतंकी समूह हमास से जंग में लगा हुआ है। हमास को हिजबुल्लाह और ईरान जैसे देश खाद-पानी दे रहे हैं। इजरायल ने हाल ही में हिजबुल्लाह के लोगों के पास रखे जाने वाले पेजरों में भी धमाका किया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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