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दुर्गा मंदिर में घुस कर खलील मियाँ ने तोड़ डाली मूर्तियाँ, लगा रहा था ‘अल्लाहु अकबर’ का नारा: बांग्लादेश में थम नहीं रहे हिन्दू मंदिरों पर हमले

मंदिर में तोड़फोड़ करने के बाद आरोपित ने मौके से भागने की कोशिश की। हालाँकि, स्थानीय लोगों ने पीछा करते हुए उसे पकड़कर पुलिस को सौंप दिया।

बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं पर हमले की घटनाएँ बढ़ती जा रही हैं। अब यहाँ के ब्राह्मणबरिया जिले में खलील मियाँ नामक व्यक्ति ने दुर्गा मंदिर में घुसकर तोड़फोड़ की। इससे मंदिर की मूर्तियाँ खंडित हो गईं। बताया जा रहा है कि मूर्तियाँ तोड़ते समय खलील मियाँ ‘अल्लाहु अकबर’ के नारे लगा रहा था। इसी दौरान स्थानीय लोगों ने उसे पकड़कर पुलिस को सौंप दिया। घटना गुरुवार (20 जुलाई, 2023) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, घटना ब्राह्मणबरिया जिले में सरायल उपजिला के नियामतपुर गाँव की है। यहाँ गुरुवार रात करीब 9:30 बजे एक युवक मंदिर में घुसकर तोड़फोड़ करनी शुरू कर दी। युवक के हमले से मंदिर की कई मूर्तियाँ टूट गईं। इसकी कुछ फोटो, वीडियो भी सामने आईं हैं। इनमें माँ दुर्गा की मूर्तियों को खंडित अवस्था में देखा जा सकता है। स्थानीय लोगों का दावा है कि आरोपित खलील मियाँ मंदिर की मूर्तियाँ तोड़ते हुए ‘अल्लाहु अकबर’ के नारे लगा रहा था।

मंदिर में तोड़फोड़ करने के बाद आरोपित ने मौके से भागने की कोशिश की। हालाँकि, स्थानीय लोगों ने पीछा करते हुए उसे पकड़कर पुलिस को सौंप दिया। इस मामले में ब्राह्मणबरिया जिले के पुलिस अधीक्षक मोहम्मद शखावत हुसैन ने कहा है कि मंदिर में तोड़फोड़ करने के आरोपित खलील मियाँ को गिरफ्तार कर किया गया है। हालाँकि, उसने मंदिर पर हमला क्यों किया इस बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पाई है।

अधिकारियों का कहना है कि मामले की कर आरोपित युवक के खिलाफ़ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। शुरुआती जाँच में सामने आया है कि आरोपित खलील मियाँ नियामतपुर गाँव में अपनी बहन से मिलने आया था। इसी दौरान उसका स्थानीय लोगों से झगड़ा हो गया। इस कारण उसने मंदिर के भीतर स्थापित 5-6 मूर्तियाँ खंडित कर दी।

वहीं इस मामले में नियामतपुर सार्वजनिक दुर्गा मंदिर के अध्यक्ष जगदीश दास ने आरोपित खलील मियाँ के खिलाफ धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने और स्पीडी ट्रायल एक्ट के मुकदमा दर्ज कराया। जगदीश दास का कहना है कि मंदिर में हुई इस घटना से हिंदू काफी गुस्से में हैं। समाज में असंतोष की भावना बढ़ रही है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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