Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीयऑस्ट्रेलिया में अब भारतीय दूतावास पर हमला, फहराए गए खालिस्तानी झंडे: महाशिवरात्रि पर मिली...

ऑस्ट्रेलिया में अब भारतीय दूतावास पर हमला, फहराए गए खालिस्तानी झंडे: महाशिवरात्रि पर मिली थी धमकी, मंदिरों पर लिखे थे भारत विरोधी नारे

पिछले कुछ समय से ऑस्ट्रेलिया में खालिस्तान समर्थकों की गतिविधियाँ बढ़ गई हैं। ऑस्ट्रेलिया के हिंदू मंदिरों में हुई तोड़फोड़ की गई थी। इसके बाद ब्रिस्बेन में स्थित एक हिंदू मंदिर को धमकी दी गई थी कि यदि वे महाशिवरात्रि मनाना चाहते हैं तो उन्हें खालिस्तान के समर्थन में नारेबाजी करनी होगी।

खालिस्तानी समर्थक समूहों द्वारा भारतीय प्रतिष्ठानों पर हमले जारी हैं। ऑस्ट्रेलिया और कनाडा के मंदिरों में तोड़फोड़ के बाद अब ब्रिस्बेन स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास पर हमला किया गया और खालिस्तानी झंडे फहराए गए। क्वींसलैंड के ब्रिस्बेन में स्थित भारत की वाणिज्य दूत अर्चना सिंह ने 22 फरवरी 2023 को कार्यालय में खालिस्तान का झंडा लगा हुआ पाया था।

‘द ऑस्ट्रेलिया टुडे’ पोर्टल के अनुसार, ब्रिस्बेन के टारिंगा उपनगर के स्वान रोड पर स्थित भारत के मानद वाणिज्य दूतावास को 21 फरवरी 2023 की रात खालिस्तान समर्थकों ने निशाना बनाया गया था। इस मामले में भारत सरकार ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। भारत ने इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई है।

सूचना मिलने के तुरंत बाद क्वींसलैंड पुलिस ने घटनास्थल पर पहुँचकर झंडे को जब्त कर लिया। इसके साथ ही इलाके में पुलिस ने गश्त बढ़ा दी है। मानद कौंसुल अर्चना सिंह ने बताया, “पुलिस हमें सुरक्षित रखने के लिए क्षेत्र की निगरानी कर रही है। हमें पुलिस प्रशासन पर पूरा भरोसा है।”

यह घटना विदेश मंत्री एस जयशंकर द्वारा ऑस्ट्रेलिया का दौरा करने के बाद हुई है। अपनी यात्रा के दौरान जयशंकर ने वहाँ के भारतीय समुदाय को लक्षित करने वाली ‘कट्टरपंथी गतिविधियों’ के खिलाफ सतर्कता की आवश्यकता पर जोर दिए जाने की बात कही थी।

सोशल मीडिया पर एक वीडियो प्रसारित हो रहा है। इस वीडियो में दावा किया गया है, “बीजेपी और कॉन्ग्रेस शासन ने भारत में धार्मिक अल्पसंख्यकों का नरसंहार किया है। कॉन्ग्रेस ने नवंबर 1984 में सिखों का नरसंहार किया था। भाजपा के हाथ 1992 की बाबरी मस्जिद से लेकर 2002 के गुजरात दंगों तक में मुस्लिमों के खून से लथपथ हैं।”

बता दें कि पिछले कुछ समय से ऑस्ट्रेलिया में खालिस्तान समर्थकों की गतिविधियाँ बढ़ गई हैं। ऑस्ट्रेलिया के हिंदू मंदिरों में हुई तोड़फोड़ की गई थी। इसके बाद ब्रिस्बेन में स्थित एक हिंदू मंदिर को धमकी दी गई थी कि यदि वे महाशिवरात्रि मनाना चाहते हैं तो उन्हें खालिस्तान के समर्थन में नारेबाजी करनी होगी।

ऑस्ट्रेलिया में हिंदू लगातार खालिस्तानियों के निशाने पर रहा है। जनवरी 2023 में 20 दिनों के भीतर ही खालिस्तानियों ने 3 हिंदू मंदिरों में तोड़फोड़ करते हुए देश विरोधी और खलिस्तान के समर्थन में नारे लिख दिए थे।

खालिस्तानियों ने हिंदू मंदिर में पहला हमला 12 जनवरी को किया था। यह हमला मेलबर्न के BAPS स्वामीनारायण मंदिर में हुआ था। मंदिर में तोड़फोड़ करने के बाद खालिस्तानियों ने मंदिर की दीवार पर ‘हिंदुस्तान मुर्दाबाद’, ‘मोदी हिटलर है’ और ‘भिंडरावाले जिंदाबाद’ जैसे नारे लिखे थे।

इसके बाद खालिस्तानियों ने 16 जनवरी 2023 को मेलबर्न के ही कैरम डाउन्स में स्थित ऐतिहासिक श्री शिव विष्णु मंदिर (Shri Shiva Vishnu Temple) पर हमला किया था। तोड़फोड़ के बाद, मंदिर की दीवारों पर ‘टारगेट मोदी (मोदी को बनाओ निशाना)’, ‘मोदी हिटलर’ और ‘हिंदुस्तान मुर्दाबाद’ के नारे लिखे गए थे।

वहीं, तीसरा हमला मेलबर्न के ही अल्बर्ट पार्क इलाके में स्थित श्रीश्री राधा बल्लभ मंदिर में 22 जनवरी 2023 को हमला हुआ। इस मंदिर को इस्कॉन मंदिर भी कहा जाता है। हमले के बाद, मंदिर की दीवारों में ‘खालिस्तान जिंदाबाद’, ‘हिन्दुस्तान मुर्दाबाद’ के नारे लिखे गए। इसके अलावा, खालिस्तानी आतंकी भिंडरवाले को शहीद बताते हुए भी नारा लिखा गया।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

भारत में क्यों बढ़ रहे हैं AC ब्लास्ट के मामले? जानिए इससे बचाव के तरीके, जो बचा सकते हैं आपकी जान

लगातार बढ़ रहे AC ब्लास्ट मामलों के बीच जानिए इसके कारण, खतरे और वे जरूरी सावधानियाँ जो बड़ा हादसा रोक सकती हैं।

कपड़े फाड़े, बिजली काटी, महिलाओं को घसीटा… बंगाल में TMC गुंडों ने 2 साल पहले किया था मुफ्त शिक्षा देने वाले ‘अरण्यज स्कूल’ पर...

लगातार जान से मारने की धमकियाँ मिलने के बावजूद वो पीछे नहीं हटे और बंगाल में ममता और TMC सरकार के ढहते ही अरण्यज स्कूल को मुक्त करा लिया गया।
- विज्ञापन -