Tuesday, March 9, 2021
Home रिपोर्ट अंतरराष्ट्रीय चीन देता है श्रमिकों को असहनीय यातना, सड़ा खाना और बस 2-4 घंटों की...

चीन देता है श्रमिकों को असहनीय यातना, सड़ा खाना और बस 2-4 घंटों की नींद, तब बनता है सस्ता ‘मेड इन चाइना’ माल

मजदूरों के हाथ कागज रगड़ते-रगड़ते छिल जाते हैं। लेकिन वह फिर भी काम करते रहते हैं। बदले में, नींद लेने के लिए उनके पास सिर्फ़ 2 से 4 घंटे का समय होता है।

हम अक्सर सोचते हैं कि आखिर ‘मेड इन चाइना’ लिखा सामान इतना सस्ता कैसे होता है। आखिर अन्य देश के मुकाबले चीन ऐसी कौन सी क्वालिटी का सामान इस्तेमाल करता है कि उनके उत्पाद की कीमत बाकी ब्रांडों से कम होती है। वास्तविकता ये है कि इसका कारण कम्युनिस्ट राष्ट्र चीन का कोई नया संसाधन या प्रणाली नहीं है, बल्कि उनका तानाशाही रवैया ही है, जिनके चलते वह एक व्यक्ति को मजदूर बनाकर इतना काम करवाता है कि उनके लिए चीजों की कीमत नगण्य रह जाती है।

न्यूऑर्क टाइम्स में आज एक बुक रिव्यू प्रकाशित हुआ है। इसमें अमेलिया पाँग (Amelia Pang) की किताब ‘मेड इन चाइना’ (Made in China) का जिक्र है। उन्होंने चीन में जबरन मजदूरी कराने की प्रथा पर काम किया है और उनकी इस किताब के 5 अध्याय इसी विषय को समर्पित हैं। इसमें बताया गया है कि कैसे कोई भी चीज तैयार करवाने के लिए मजदूरों से से दिन रात काम करवाया जाता है। वह मुश्किल से दो-चार घंटे सो पाते हैं। हालात इतनी बुरी होती है कि सपने में भी उन्हें सिर्फ़ वही काम दिखाई देता है। लोगों से ऐसे काम करवाने के लिए चीन में बाकायदा एक कैंप है जिसका नाम- ‘मसंजिया’ रखा गया है।

इसमें ‘सुन ई’ नाम के मजदूर से जुड़े किस्से का उल्लेख है। जिन्हें पेपर मशरूम बनाने का काम दिया गया और प्रति दिन उनके लिए लक्ष्य 160 पेपर मशरूम तैयार करने का रखा गया। इसमें बताया गया कि कैसे सुन ई के हाथ कागज रगड़ते-रगड़ते हाथ छिल जाते हैं। लेकिन वह फिर भी काम करते रहते हैं।  बदले में उन्हें खाने में घटिया बदबू वाला सब्जियों का सूप पीने को मिलता है। वहीं इतने काम के बाद नींद लेने के लिए उनके पास सिर्फ़ 2 से 4 घंटे का समय होता है। जिसमें उन्हें सपने भी फोल्डिंग पेपर मशरूम के आते हैं।

मालूम हो कि साल 2020 में डिटेंशन की घटनाओं और जबरन मजदूरी कराने की घटनाओं में बहुत विस्तार हुआ है। पांग ने अपनी किताब में इसी पर गौर करवाया है। उन्होंने बताने की कोशिश की है कि जो पेपर मशरूम या हैलोइन डेकोरेशन हम देखते हैं उसके पीछे उसे बनाने वाले के साथ हुआ अत्याचार और कई जटिलताएँ होती हैं।

इसमें एक पोर्टलैंड में रहने वाली महिला का भी जिक्र है जिसे सुन ई ने हैलोईन डेकोरेशन के पैकेज में पत्र छिपाकर भेजा था। जब महिला ने पैकेज खोला तो वह नोट उसे मिला। इसमें लिखा था कि अगर आप किसी अवसर पर इस उत्पाद को खरीदती हैं तो कृपया इसे विश्व मानवाधिकार संगठन को भेज दें। यह पत्र कथित तौर पर सुन की रिहाई यानी साल 2010 से दो साल बाद मिला। पांग ने इसी केस पर रिसर्च की है। इसके अलावा साल 2018 में इस पत्र पर ‘लेटर फ्रॉम मसंजिया’ नाम से डॉक्यूमेंट्री भी बनी है।

खबर के अनुसार, पीड़िता सुन ई की रिहाई के लिए उनकी माँ और बहन ने बहुत मेहमत की थी क्योंकि कैद में उन्हें असहनीय प्रताड़ना दी जा रही थी। पांग के लिए दुखद यह रहा कि जब तक उन्होंने अपनी किताब पूरी की तब तक सुन की मृत्यु हो गई थी। उन्हें केवल 2017 में उनसे मिलने का मौका मिला था।

पांग लिखती हैं कि चीन में सांस्कृतिक क्रांति ने लाखों लोगों को मार डाला और चीन की अर्थव्यवस्था को खराब कर दिया है। यही कारण है कि आधुनिक मुख्य धारा के चीनी आदर्श मानवाधिकारों की तुलना में सामाजिक स्थिरता पर अधिक जोर देते हैं। उन्होंने अपनी किताब में बताया है कि कैसे जेल में बंदियों से काम करवाया जाता है और कैसे हमारी खर्च करने की आदतों के कारण आज लगातार ऐसे रास्ते खोजे जा रहे हैं जिससे उत्पाद के डिजाइन, मैनुफेक्चर और वितरण के बीच का समय कम हो।

वह कुछ रिटेलर्स का जिक्र करके कहती हैं कि तेजी से बदलती माँगों से चीन कंपनियों पर जब दबाव बनता है तो वह पैसे बचाने वाले लेबर सॉल्यूशन की ओर आगे बढ़ते हैं जो उन्हें जेलों में मिल जाते हैं। सामान की घटती बढ़ती घटनाओं पर पांग समझाती हैं कि कैसे खरीद करते हुए किसी सामान के प्रोडक्शन की बात लोगों के दिमाग में होने चाहिए। वह कहती हैं,

“कीमत कम होने पर हम खुशी महसूस करते हैं। अगर कीमत बहुत अधिक है तो हमें दर्द होता है। जब हम खड़े होते हैं … एक कंप्यूटर स्क्रीन की चमक के सामने, हम उन श्रमिकों की पीड़ा को महसूस नहीं करते हैं जिन्होंने हमारी इच्छाओं को महसूस करने के साथ ही हमारे लिए उत्पादों को गहराई से बनाया है।”

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘सोनिया जी रोई या नहीं? आवास में तो मातम पसरा होगा’: बाटला हाउस केस में फैसले के बाद ट्रोल हुए सलमान खुर्शीद

"सोनिया गाँधी, दिग्वियजय सिंह, सलमान खुर्शीद, अरविंद केजरीवाल और अन्य लोगों जिन्होंने बाटला हाउस एनकाउंटर को फेक बताया था, इस फैसले के बाद पुलिसवालों के परिवार व पूरे देश से माफी माँगेंगे।"

मिथुन दा के बाद क्या बीजेपी में शामिल होंगे सौरभ गांगुली? इंटरव्यू में खुद किया बड़ा खुलासा: देखें वीडियो

लंबे वक्त से अटकलें लगाई जा रही हैं कि बंगाल टाइगर के नाम से प्रख्यात क्रिकेटर सौरव गांगुली बीजेपी में शामिल हो सकते हैं। गांगुली ने जो कहा, उससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि दादा का विचार राजनीति में आने का है।

सलमान खुर्शीद ने दिखाई जुनैद की तस्वीर, फूट-फूट कर रोईं सोनिया गाँधी; पालतू मीडिया गिरते-पड़ते पहुँची!

पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद के एक तस्वीर लेकर 10 जनपथ पहुँचने की वजह से सारा बखेड़ा खड़ा हुआ है।

‘भारत की समृद्ध परंपरा के प्रसार में सेक्युलरिज्म सबसे बड़ा खतरा’: CM योगी की बात से लिबरल गिरोह को सूँघा साँप

सीएम ने कहा कि भगवान श्रीराम की परम्परा के माध्यम से भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक मंच पर स्थापित किया जाना चाहिए।

‘बलात्कार पीड़िता से शादी करोगे’: बोले CJI- टिप्पणी की हुई गलत रिपोर्टिंग, महिलाओं का कोर्ट करता है सर्वाधिक सम्मान

बलात्कार पीड़िता से शादी को लेकर आरोपित से पूछे गए सवाल की गलत तरीके से रिपोर्टिंग किए जाने की बात चीफ जस्टिस एसए बोबडे ने कही है।

असमी गमछा, नागा शाल, गोंड पेपर पेंटिंग, खादी: PM मोदी ने विमेंस डे पर महिला निर्मित कई प्रॉडक्ट को किया प्रमोट

"आपने मुझे बहुत बार गमछा डाले हुए देखा है। यह बेहद आरामदायक है। आज, मैंने काकातीपापुंग विकास खंड के विभिन्न स्वयं सहायता समूहों द्वारा बनाया गया एक गमछा खरीदा है।"

प्रचलित ख़बरें

‘हराम की बोटी’ को काट कर फेंक दो, खतने के बाद लड़कियाँ शादी तक पवित्र रहेंगी: FGM का भयावह सच

खतने के जरिए महिलाएँ पवित्र होती हैं। इससे समुदाय में उनका मान बढ़ता है और ज्यादा कामेच्छा नहीं जगती। - यही वो सोच है, जिसके कारण छोटी बच्चियों के जननांगों के साथ इतनी क्रूर प्रक्रिया अपनाई जाती है।

‘मासूमियत और गरिमा के साथ Kiss करो’: महेश भट्ट ने अपनी बेटी को साइड ले जाकर समझाया – ‘इसे वल्गर मत समझो’

संजय दत्त के साथ किसिंग सीन को करने में पूजा भट्ट असहज थीं। तब निर्देशक महेश भट्ट ने अपनी बेटी की सारी शंकाएँ दूर कीं।

तेलंगाना के भैंसा में फिर भड़की सांप्रदायिक हिंसा, घर और वाहन फूँके; धारा 144 लागू

तेलंगाना के निर्मल जिले के भैंसा नगर में सांप्रदायिक झड़प के बाद धारा 144 लागू कर दी गई है। अतिरिक्त फोर्स तैनात।

सलमान खुर्शीद ने दिखाई जुनैद की तस्वीर, फूट-फूट कर रोईं सोनिया गाँधी; पालतू मीडिया गिरते-पड़ते पहुँची!

पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद के एक तस्वीर लेकर 10 जनपथ पहुँचने की वजह से सारा बखेड़ा खड़ा हुआ है।

‘सोनिया जी रोई या नहीं? आवास में तो मातम पसरा होगा’: बाटला हाउस केस में फैसले के बाद ट्रोल हुए सलमान खुर्शीद

"सोनिया गाँधी, दिग्वियजय सिंह, सलमान खुर्शीद, अरविंद केजरीवाल और अन्य लोगों जिन्होंने बाटला हाउस एनकाउंटर को फेक बताया था, इस फैसले के बाद पुलिसवालों के परिवार व पूरे देश से माफी माँगेंगे।"

14 साल के किशोर से 23 साल की महिला ने किया रेप, अदालत से कहा- मैं उसके बच्ची की माँ बनने वाली हूँ

अमेरिका में 14 साल के किशोर से रेप के आरोप में गिरफ्तार की गई ब्रिटनी ग्रे ने दावा किया है कि वह पीड़ित के बच्चे की माँ बनने वाली है।
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

292,354FansLike
81,960FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe