Homeदेश-समाजकनाडा में फिर तोड़ी गई महात्मा गाँधी की मूर्ति: 5 दिन के अंदर दूसरी...

कनाडा में फिर तोड़ी गई महात्मा गाँधी की मूर्ति: 5 दिन के अंदर दूसरी घटना, भारत ने विरोध जताया

 कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत में स्थित साइमन फ्रेजर विश्वविद्यालय परिसर में महात्मा गाँधी मूर्ति लगी थी। उपद्रवियों ने इस मूर्ति पर हमला करते हुए तोड़ दिया। आशंका जताई जा रही है कि खालिस्तान समर्थकों ने ही इस घटना को अंजाम दिया होगा।

कनाडा में एक बार फिर महात्मा गाँधी की मूर्ति तोड़ी गई है। भारत ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। साथ ही कनाडाई अधिकारियों से मामले की जाँच कर आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई करने की माँग की है। बीते एक सप्ताह में कनाडा में दूसरी बार महात्मा गाँधी की मूर्ति तोड़ी गई।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत में स्थित साइमन फ्रेजर विश्वविद्यालय परिसर में महात्मा गाँधी मूर्ति लगी थी। उपद्रवियों ने इस मूर्ति पर हमला करते हुए तोड़ दिया। आशंका जताई जा रही है कि खालिस्तान समर्थकों ने ही इस घटना को अंजाम दिया होगा।

भारत के महावाणिज्य दूतावास ने ट्वीट कर इस घटना की निंदा की है। इस ट्वीट में कहा गया है, “शांति के अग्रदूत महात्मा गाँधी की मूर्ति को क्षति पहुँचाने के जघन्य अपराध की कड़ी निंदा करते हैं। कनाडाई अधिकारियों से मामले की तत्काल जाँच करने और आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई करने का अनुरोध करते हैं।”

बता दें कि इससे पहले इससे पहले गुरुवार (23 मार्च 2022) को कनाडा के ओंटारियो प्रांत के हेमिल्टन शहर में स्थित सिटी हॉल में बनी महात्मा गाँधी की मूर्ति को भी नुकसान पहुँचाया गया था। आरोपितों ने मूर्ति में स्प्रे पेंट भी कर दिया था। इस घटना को लेकर कहा गया था कि खालिस्तान समर्थकों ने मूर्ति को क्षतिग्रस्त किया है।

जुलाई 2022 में कनाडा के रिचमंड हिल स्थित एक विष्णु मंदिर के बाहर लगाई गई महात्मा गाँधी की मूर्ति को क्षतिग्रस्त किया गया था। बता दें कि दुनियाभर के कई देशों में स्थित खालिस्तानी समर्थक भारत विरोधी गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं। इसमें हिंदुओं के पवित्र मंदिरों को निशाना बनाना भी शामिल है। इसी साल 13 फरवरी को मिसिसॉगा ने स्थित एक राममंदिर को खालिस्तानी समर्थकों ने नुकसान पहुँचाने की कोशिश की थी। खालिस्तानियों ने मंदिर की दीवारों में भारत विरोधी नारे भी लिखे थे।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

स्मार्ट लॉक्स बन रहे मौत का फंदा, दिल्ली से लखनऊ तक बिजली कटते ही जाम हुए बायोमेट्रिक दरवाजे: आखिर ‘फेल सिक्योर’ तकनीक क्यों ले...

स्मार्ट दरवाजे में एक 'मैकेनिकल ओवरराइड' यानी मैनुअल लॉक सिस्टम होना अनिवार्य है, ताकि आपातकाल में उसे हाथ से खोला जा सके।

जिस ‘पाकिस्तानी ग्रूमिंग गैंग’ पर कीर स्टार्मर समेत ब्रिटेन के तमाम PM रहे मौन, उसके खिलाफ सिर्फ ऋषि सुनक ने उठाई थी आवाज: जानिए...

कीर स्टार्मर ने प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने पाकिस्तानी 'ग्रूमिंग गैंग्स' पर लगाम नहीं कसा, जबकि पूर्व पीएम ऋषि सुनक ने रेपिस्टों की टोली के खिलाफ कड़े कदम उठाए थे।
- विज्ञापन -