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‘अल्लाहु अकबर’ का नारा और चाकू से हमला, 1 की मौत: जर्मनी के शरणार्थी कैम्प में अफगान ने दिया अंजाम

जर्मनी ने 2015 में यूरोप में शरणार्थी समस्या के वक्त खुल कर इस्लामी मुल्कों से शरणार्थियों को अपने देश आने की छूट दे रखी थी, लेकिन अब यही उसके गले की फाँस बनता जा रहा है।

जर्मनी के एक शरणार्थी कैम्प में अफगानिस्तान के एक व्यक्ति ने एक अन्य व्यक्ति की हत्या कर दी। 25 वर्षीय व्यक्ति ने ‘अल्लाहु अकबर’ चिल्लाते हुए चाकू से इस हत्या को अंजाम दिया। मृतक की उम्र 35 साल बताई गई है। हमलावर ने एक जर्मन व्यक्ति को घायल भी कर दिया। ये घटना नॉर्थ राइन वेस्टफेलिया स्टेनफुर्ट जिले में स्थित ग्रेवेन में हुई। ये घटना रविवार (जुलाई 4, 2021) की रात हुई।

इस हत्याकांड को अंजाम देने के बाद हमलावर वहाँ से भाग खड़ा हुआ। उस ढूँढने के लिए हैलीकॉप्टर लग लगाया गया। हालाँकि, उसे खोज कर गिरफ्तार करने में पुलिस को ज्यादा देर नहीं लगी। बिना किसी संघर्ष के पुलिस ने उसे धर-दबोचा। रविवार की रात उक्त शरणार्थी कैम्प के बाद पुलिसकर्मियों और अधिकारियों का जमावड़ा देखा जा सकता है। पैरामेडिकल की टीम बुला कर घायल का इलाज किया गया।

इस मामले में पब्लिक प्रोसिक्यूटर ने कहा कि इस अपराध के पीछे हत्यारे की कोई मंशा सामने नहीं आई है, लेकिन एक गवाह ने इसकी पुष्टि की कि वो हत्या से पहले ‘अल्लाहु अकबर’ चिल्ला रहा था। हत्यारा 6 साल पहले ही जर्मनी में आया था और 2018 से इस शरणार्थी कैम्प की सुविधा का लाभ उठा रहा था। जहाँ इस घटना में अज़रबैजानी की मौत हो गई, घायल जर्मन व्यक्ति का इलाज पास के ही एक अस्पताल में चल रहा है।

जर्मनी ने 2015 में यूरोप में शरणार्थी समस्या के वक्त खुल कर इस्लामी मुल्कों से शरणार्थियों को अपने देश आने की छूट दे रखी थी, लेकिन अब यही उसके गले की फाँस बनता जा रहा है। हाल ही में इस तरह के कई मामले सामने आए हैं, जहाँ ये शरणार्थी अपराधी निकले हों। बवारिया के वुर्जबुर्ग में सोमालिया के एक व्यक्ति ने तीन लोगों की हत्या कर दी थी। उसने एक डिपार्टमेंट स्टोर में इस हत्याकांड को अंजाम दिया था।

मरने वालों में तीनों ही महिलाएँ थीं, जिसमें से एक की उम्र 82 वर्ष थी। वहीं एक महिला की 11 साल की बेटी भी थी। उसने दिन-दहाड़े इस घटना को अंजाम दिया था। उस अपराधी भी तीनों की हत्या के दौरान ‘अल्लाहु अकबर’ चिल्लाया था। साथ ही उसने 5 अन्य लोगों को घायल भी कर दिया था। वो भी उत्तरी अफ्रीका से शरणार्थी के रूप में आने के बाद 2015 से ही जर्मनी में रह रहा था और यहाँ की सुविधाओं का लाभ उठा रहा था। पिछले कुछ महीनों में दुनिया भर में ‘अल्लाहु अकबर‘ चिल्लाते हुए कई हत्याओं की खबरें आई हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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