Monday, July 26, 2021
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अल्लाहु अकबर चिल्ला भीड़ पर हमला, गर्लफ्रेंड को माँ-बाप का सिर कलम करने के लिए उकसा रहा था आतंकी

अधिकारियों के अनुसार अम्मान 17 की उम्र से ही रिश्तेदारों के सामने अपने मंसूबे प्रकट करने लगा था। 11 से 15 की उम्र वाले अपने 3 छोटे भाइयों के साथ खुद को उड़ाने की बातें साझे करता था। कट्टरपंथ फैलाने के आरोप में जब उसे सजा सुनाई गई थी तब भी उसके चेहरे पर कोई शिकन नहीं था।

दक्षिण लंदन में रविवार (फरवरी 2, 2020) को एक आतंकी ने ‘अल्लाहु अकबर’ चिल्लाते हुए भीड़ पर चाकू से हमला कर दिया। हमले में तीन लोग गंभीर रूप से घायल हुए। आतंकी की पहचान 20 साल के सुदेश अम्मान के तौर पर की गई। इसके बाद उसे पुलिस ने मार गिराया।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक उसे पिछले हफ्ते ही जेल से रिहा किया गया था। हालॉंकि उसकी समय पूर्व रिहाई को लेकर एक थिंक टैंक ने चिंता जताई थी। उस पर तरह-तरह से इस्लामिक कट्टरपंथ फैलाने का आरोप था। वह अपनी गर्लफ्रेंड को अपने माता-पिता एवं परिजनों का सिर कलम करने के लिए भी उकसाता था। जनवरी के अंत में जेल से छोड़े जाने के बाद से पुलिस लगातार उसकी निगरानी कर रही थी। आशंका थी कि वो किसी घटना को अंजाम दे सकता है। स्ट्रेथम हाई रोड पर चाकूबाजी के दौरान भी पुलिस की उस पर नजर थी।

स्कॉटलैंड यार्ड के अधिकारियों के मुताबिक, पुलिस अब अम्मान के दक्षिण लंदन और हर्टफोर्डशायर स्थित घरों की तलाशी ले रही है। उसे मई 2018 में आतंकी गतिविधियों में शामिल रहने के लिए गिरफ्तार किया गया था। नवंबर 2018 में उसे 13 मामलों में आरोपी बनाया गया था। इनमें आतंकियों की जानकारी रखने से जुड़े 6 केस और आतंकी लेखों के प्रचार से जुड़े 7 केस शामिल थे। अम्मान ने यह सभी आरोप स्वीकार लिए थे। इसके बाद कोर्ट ने उसे 3 साल 4 महीने की सजा सुनाई थी। डेलीमेल की खबर के अनुसार, जब अम्मान को 13 आरोपों में सजा सुनाई गई थी, उस समय वह अपनी हँसी नहीं रोक पा रहा था और बिना किसी शिकन के अपनी माँ और भाई को हाथ हिलाकर अलविदा कह रहा था।

बता दें, इस दौरान जाँच में पुलिस ने अम्मान की एक नोटबुक भी बरामद की थी। जिसमें अम्मान ने बम बनाने के तरीके लिखे हुए थे। साथ ही ये भी लिखा था कि वो शहीदों की तरह मरकर जन्नत जाना चाहता है। खबरों के मुताबिक वो अलकायदा के आतंकी सोच फैलाने के लिए उसकी मैग्जीन अपने घर के व्हॉट्सअप ग्रुप पर भेजता था। इसमें उसके 11 से 15 की उम्र वाले 3 छोटे भाई शामिल थे। इनसे वह खुद को उड़ाने की बातें साझा करता था।

अम्मान अपनी गर्लफ्रेंड को सिर कलम करने की वीडियो भेजता था। उसका मानना था कि इस्लाम के लिए सबसे बेहतर चीज इस्लामिक स्टेट है। वो अपनी गर्लफ्रेंड को सलाह देता था कि अगर वह अपने घरवालों, परिवारवालों, दोस्तों और रिश्तेदारों के कारण बम नहीं बना पाती, तो उसे उन लोगों का सिर कलम कर देना चाहिए। उसने अपनी गर्लफ्रेंड को ये भी बताया था कि वो क्विंसबुरी में आतंकी हमला करने का विचार कर रहा है। अम्मान का मानना था कि यजीदी औरतें तवायफ होती हैं और कुरान में उनका बलात्कार करने की इजाजत है।

अधिकारियों के अनुसार, अम्मान मात्र 17 साल का था जब उसने अपने घर में, अपने भाइयों से, अपने गर्लफ्रेंड से अपने मंसूबों के बारे में बताना शुरू किया। मगर उसकी संदिग्ध गतिविधियों के बारे में पुलिस को साल 2018 में भनक लगी। सुदेश अम्मान को सशस्त्र सुरक्षाबल अधिकारियों ने सबसे पहले मई, 2018 में उत्तरी लंदन में गिरफ़्तार किया था। उस पर एक आतंकी हमले की साज़िश रचने का शक़ था। 2018 में ही वो आतंकरोधी पुलिस की नज़र में आया था जब अधिकारियों को उसके द्वारा टेलीग्राम पर पोस्ट की गई कुछ पोस्ट्स के बारे में पता चला। इनमें से एक पोस्ट में एक इस्लामी झंडे पर दो बंदूकों और एक चाकू की तस्वीर थी और अरबी भाषा में लिखा था- “3 अप्रैल के लिए हथियार के साथ तैयार।”

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हमलावर को एक सुपरमार्केट के बाहर गोली मारी गई। स्थानीय लोगों ने बताया कि हमलावर ने अपने शरीर पर नकली आत्मघाती जैकेट बाँध रखी थी। उसके पास एक बड़ा सा चाकू था, जिससे वह आमजनों पर हमला कर रहा था।

उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने इस घटना के बाद ट्वीट किया और स्थिति को नियंत्रित करने वालों का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने लिखा, “इस हमले में घायल और प्रभावित लोगों के साथ पूरी संवेदना है। आपातकालीन सेवा की फ़ौरन प्रतिक्रिया के लिए उनका शुक्रिया।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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