Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीयMeta पर लगा ₹2265 करोड़ का जुर्माना, हैकिंग वेबसाइट को किया था 50 करोड़...

Meta पर लगा ₹2265 करोड़ का जुर्माना, हैकिंग वेबसाइट को किया था 50 करोड़ यूजर्स का डेटा लीक: जाँच में दोषी पाए जाने के बाद मिली सजा

पिछले साल 100 से भी ज्यादा देशों के यूजर्स की फेसबुक आईडी, नाम, फोन नंबर, उनका पता, जन्मतिथि और ईमेल सहित उपयोगकर्ता डेटा पिछले साल ऑनलाइन उपलब्ध करवा दिए गए थे। अप्रैल, 2021 में इस मामले की जाँच शुरू की गई थी। जाँच पूरी होने पर मेटा पर फाइन लगाया गया।

फेसबुक की पेरेन्ट कंपनी मेटा (META) पर 265 मिलियन यूरो ( लगभग 2265 करोड़) का जुर्माना लगाया गया है। मेटा पर यह जुर्माना एक हैकिंग वेबसाइट पर 50 करोड़ से ज्यादा यूजर्स का डेटा लीक होने के बाद लगाया गया है। दरअसल, पिछले साल 100 से भी ज्यादा देशों के यूजर्स की फेसबुक आईडी, नाम, फोन नंबर, उनका पता, जन्मतिथि और ईमेल सहित उपयोगकर्ता डेटा पिछले साल ऑनलाइन उपलब्ध करवा दिए गए थे। अप्रैल, 2021 में इस मामले की जाँच शुरू की गई।

जाँच पूरी होने के बाद मेटा को ‘यूरोपियन डेटा प्राइवेसी पॉलिसी’ के उल्लंघन का दोषी पाया गया जिसके बाद यह जुर्माना लगाया गया। द गार्जियन के रिपोर्ट के मुताबिक जाँच में यूरोपीय संघ के डेटा संरक्षण कानूनों के दो नियमों का उल्लंघन किया है। आयरलैंड सरकार की ओर से फेसबुक को कई सुधारात्मक उपाय करने के भी आदेश दिया गए थे।

पूरे मामले पर मेटा का कहना है कि डेटा लीक मामले में उसने आयरलैंड के डेटा प्राइवेसी कमिश्नर (डीपीसी) की जाँच में पूरा सहयोग किया है और अपने सिस्टम में बदलाव भी किया है। इन बदलावों में फोन नंबर्स के इस्तेमाल वाले फीचर्स को हटाना भी शामिल था।

यह पहली बार नहीं है जब फेसबुक की पेरेन्ट कंपनी पर इतना भारी भरकर जुर्माना लगा हो। यह चौथा मामला है जब आयरलैंड के डेटा प्राइवेसी कमिश्नर ने मेटा की किसी कंपनी के खिलाफ जुर्माना लगाया है। डीपीसी, यूरोपीय यूनियन (ईयू) के भीतर मेटा का प्रमुख प्राइवेसी रेगुलेटर भी है और इसने 13 दूसरे सोशल मीडिया समूहों से भी पूछताछ की है। सितंबर, 2022 में मेटा के इंस्टाग्राम पर 405 मिलियन यूरो का रिकॉर्ड जुर्माना लगाया गया था, हालाँकि मेटा ने इस जुर्माने के खिलाफ अपील करने की योजना बनाई है।

आयरलैंड में यूरोपीय यूनियन का मुख्यालय होने की वजह से डीपीसी एप्पल, गूगल, टिकटॉक और अन्य टेक्नोलॉजी से जुड़ी दिग्गज कंपनियों को रेगुलेट करता है। अब भी इस तरह की चालीस कंपनियों और फर्मों से पूछताछ चल रही है, जिनमें मेटा से जुड़े 13 फर्म शामिल हैं।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

उमर खालिद की ‘कुर्बानी’ का जश्न मनातीं आरफा खानम, ताहिर हुसैन के लिए भी बहाए थे आँसू: अपने ‘पोस्टर बॉय’ के लिए अदालत पर...

उमर खालिद से ताहिर हुसैन तक, ‘पोस्टर बॉय’ पॉलिटिक्स कैसे काम करती है? आरफा खानम के बयान, अदालतों पर सवाल और सुनवाई में देरी के दावों की पड़ताल।

फर्जी Video, झूठे आरोप, हमले और नफरती बयान… काँवड़ यात्रा को बदनाम करने के लिए वामपंथी-कट्टरपंथी और मीडिया कैसे फैलाते हैं भ्रम, पढ़ें- पूरा...

कैसे काँवड़ यात्रा को लेकर कट्टरपंथी, वामपंथी, बिकाऊ मीडिया सुनियोजित तरीके से निशाना बनाती और त्योहारों को बदनाम करने के लिए भ्रम फैलाती।
- विज्ञापन -