Thursday, January 21, 2021
Home रिपोर्ट अंतरराष्ट्रीय नेपाल में मिली 3800 साल पुरानी किराट देवी की मूर्ति: धुलीखेल में सतह से...

नेपाल में मिली 3800 साल पुरानी किराट देवी की मूर्ति: धुलीखेल में सतह से 300 मीटर अंदर पाया गया, देख कर दंग हुए लोग

माना जा रहा है कि यह मूर्ति किराट देवी की है। यह एक किराटी महिला से मिलता जुलता है, और माना जाता है कि यह किराट काल की है। धीमल ने कहा कि अगर ऐसा है तो प्रतिमा करीब 3,800 साल पुरानी है।

धरती के गर्भ में आज भी कई रहस्य छिपे हुए हैं। समय-समय पर धरती से चौंकाने वाली चीजें मिलती रही हैं। हाल ही में नेपाल में मिली एक प्राचीन मूर्ति इन दिनों चर्चा में है। इसका आकार प्रकार देखकर कहा जा रहा है कि यह किसी देवी की मूर्ति है। बताया जा रहा है कि यह मूर्ति किराट देवी की है।

इसके संबंध में पुरातत्वविदों का मानना है कि यह महज सैकड़ों साल नहीं बल्कि हजारों साल पुरानी है। उनके मुताबिक यह कम से कम 38 हजार साल पुरानी मूर्ति है। यह मूर्ति नेपाल के धुलीखेल में मिली है।

माइरिपब्लिका वेबसाइट ने स्‍थानीय पुरातत्‍वविद श्रीकृष्‍ण धीमाल के हवाले से बताया कि इन मूर्तियों को सबसे पहले शुक्रवार को एक निर्माण के दौरान बरामद किया गया था। यह जमीन से तकरीबन 300 मीटर नीचे पाया गया। श्रीकृष्ण धीमल वहाँ के स्थानीय होने के साथ ही पंचाल घाटी पुरातत्व अध्ययन और अनुसंधान समिति के सदस्य भी हैं।

उनका कहना है कि मूर्ति की बनावट इतनी खूबसूरत थी कि लोग देखकर दंग रह गए। मूर्तिकला की इस अनूठी रचना को देखने के बाद, धीमल ने अन्य लोगों के साथ मिलकर पुरातत्वविदों से परामर्श करने का फैसला किया और उनका मानना है कि यह ईसा पूर्व या दूसरी शताब्दी का है।

धीमल बताते हैं कि टुकड़ा एक देवी की मूर्ति की तरह दिखता है। इसे गहनों से सुसज्जित किया गया है। इसका दाहिना हाथ विच्छिन्न है और मूर्ति केवल उसकी कमर तक है। हालाँकि, इसके बावजूद यह अनुमान लगाया जा सकता है कि मूर्ति काफी महत्वपूर्ण, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक है।

माना जा रहा है कि यह मूर्ति किराट देवी की है। यह एक किराटी महिला से मिलता जुलता है, और माना जाता है कि यह किराट काल की है। धीमल ने कहा कि अगर ऐसा है तो प्रतिमा करीब 3,800 साल पुरानी है।

वहीं एक अन्‍य पुरातत्‍वविद उधव आचार्य का कहना है कि ये मूर्तियाँ आदिम काल की लग रही हैं। इसे देखकर लग रहा है कि ये दूसरी या तीसरे ईसापूर्व की हैं। यह नेपाल की सबसे पुरानी मूर्तियों में से एक है। पुरातत्‍वविदों ने इस इलाके में म्‍यूजियम बनाए जाने की माँग की है। उन्‍होंने इलाके में और ज्‍यादा खुदाई कराने की भी माँग की है।

अन्य विशेषज्ञों का कहना है कि मूर्ति की उत्पत्ति का पता लगाने के लिए तत्काल जाँच की जानी चाहिए। धीमल के वेबसाइट हिमालतखंड.कॉम पर त्रिभुवन विश्वविद्यालय में पुरातत्व विभाग के प्रमुख मदन कुमार रिमल ने मूर्ति पर टिप्पणी करते हुए कहा, “धूलिकेल में एक प्राचीन नेपाली महिला की यह अद्भुत आकर्षक प्रतिमा नेपाली कला और इतिहास में एक महत्वपूर्ण स्थान रखती है।”

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

 

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

मुस्लिम ट्रैवल बैन पर बायडेन ने पलटा ट्रंप का फैसला, मेक्सिको बॉर्डर पर बन रही दीवार की फंडिंग भी रोकी

जो बायडेन ने डोनाल्ड ट्रंप के फैसले को पलटते हुए अमेरिका में 'मुस्लिम ट्रैवल बैन' को खत्म कर दिया है। ट्रंप ने कुछ मुस्लिम बहुल देशों के अमेरिका में ट्रेवल पर रोक लगा दी थी।

बंगाल में ‘भाईजान’ की एंट्री: 80 सीटों पर चुनाव, फुरफुरा शरीफ दरगाह के पीरजादा ने ममता पर लगाया BJP की मदद का आरोप

फुरफुरा शरीफ दरगाह के पीरजादा अब्बास सिद्दीकी उर्फ़ 'भाईजान' बंगाल चुनाव के लिए आज एक नए राजनीतिक फ्रंट की घोषणा कर सकते हैं।

झटका बेच रहे हो या हलाल? दुकान में बोर्ड लगा कर बताओ: SDMC का अहम फैसला, पास किया प्रस्ताव

SDMC ने एक अहम फैसला लिया। इसके अंतर्गत आने वाले सभी होटलों, रेस्टोरेंट या मीट की दुकानों को 'झटका' या 'हलाल' मीट बेचने से...

ढाई साल की बच्ची का रेप-मर्डर, 29 दिन में फाँसी की सजा: UP पुलिस और कोर्ट की त्वरित कार्रवाई

अदालत ने एक ढाई साल की बच्ची के साथ रेप और हत्या के दोषी को मौत की सजा सुनाई है। UP पुलिस की कार्रवाई के बाद यह फैसला 29 दिन के अंदर सुनाया गया है।
00:30:41

मोदी सरकार निकम्मों की तरह क्यों देख रही है किसान आंदोलन को?

किसान आंदोलन को ले कर मोदी सरकार का रवैया ढीला, हल्का और निकम्मों जैसा क्यों दिख रहा है? मोदी की क्या मजबूरी है आखिर?

आएँगे हम.. अंगद के पाँव की तरह: कश्मीर घाटी से पलायन की पीड़ा कविता और अभिनय से बयाँ करती अभिनेत्री भाषा

डेढ़ साल की थीं भाषा सुंबली जब अपनी माँ की गोद में रहते हुए उन्हें कश्मीर घाटी छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा। 19 जनवरी 1990 की उस भयावह रात को अब 31 साल बीत गए हैं।

प्रचलित ख़बरें

‘अल्लाह का मजाक उड़ाने की है हिम्मत’ – तांडव के डायरेक्टर अली से कंगना रनौत ने पूछा, राजू श्रीवास्तव ने बनाया वीडियो

कंगना रनौत ने सीरीज के मेकर्स से पूछा कि क्या उनमें 'अल्लाह' का मजाक बनाने की हिम्मत है? उन्होंने और राजू श्रीवास्तव ने अली अब्बास जफर को...

‘उसने पैंट से लिंग निकाला और मुझे फील करने को कहा’: साजिद खान पर शर्लिन चोपड़ा ने लगाया यौन उत्पीड़न का आरोप

अभिनेत्री-मॉडल शर्लिन चोपड़ा ने फिल्म मेकर फराह खान के भाई साजिद खान पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है।

‘कोहली के बिना इनका क्या होगा… ऑस्ट्रेलिया 4-0 से जीतेगा’: 5 बड़बोले, जिनकी आश्विन ने लगाई क्लास

अब जब भारत ने ऑस्ट्रेलिया में जाकर ही ऑस्ट्रेलिया को धूल चटा दिया है, आइए हम 5 बड़बोलों की बात करते हैं। आश्विन ने इन सबकी क्लास ली है।

महाराष्ट्र पंचायत चुनाव में 3263 सीटों के साथ BJP सबसे बड़ी पार्टी, ठाकरे की MNS को सिर्फ 31 सीट

महाराष्ट्र में पंचायत चुनाव में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बन कर उभरी। शिवसेना ने दावा किया है कि MVA को राज्य की ग्रामीण जनता ने पहली पसंद बनाया।

‘अश्लील बातें’ करने वाले मुफ्ती को टिकटॉक स्टार ने रसीद किया झन्नाटेदार झापड़: देखें वायरल वीडियो

टिकटॉक स्टार कहती हैं, "साँप हमेशा साँप रहता है। कोई मलतलब नहीं है कि आप उससे कितनी भी दोस्ती करने की कोशिश करो।"

देवी-देवताओं को गाली देने वाले फारुकी के बचाव में सामने आया एक और ‘कॉमेडियन’, किया कश्मीरी पंडितों के नरसंहार का इस्तेमाल

“आज कश्मीरी पंडित नरसंहार के 31 साल पूरे हो गए हैं। मैं चाहता हूँ कि मैं अपनी मातृभूमि, कश्मीर वापस जाऊँ, जहाँ मुझे अपनी न्यायिक प्रणाली की मृत्यु के बारे में पढ़ने के लिए इंटरनेट नहीं होगा।”
- विज्ञापन -

 

सुशांत सिंह राजपूत के नाम पर राजधानी दिल्ली की सड़क का रखा गया नाम, SDMC ने पास किया प्रस्ताव

साउथ दिल्ली म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ने दिवंगत फिल्म अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के नाम पर सड़क का नाम रखने वाले प्रस्ताव को पास कर दिया है।

मुस्लिम ट्रैवल बैन पर बायडेन ने पलटा ट्रंप का फैसला, मेक्सिको बॉर्डर पर बन रही दीवार की फंडिंग भी रोकी

जो बायडेन ने डोनाल्ड ट्रंप के फैसले को पलटते हुए अमेरिका में 'मुस्लिम ट्रैवल बैन' को खत्म कर दिया है। ट्रंप ने कुछ मुस्लिम बहुल देशों के अमेरिका में ट्रेवल पर रोक लगा दी थी।

कोरोनावायरस का खौफ, रियल लाइफ में बना डाली The Terminal: 3 महीने तक छिपा रहा एयरपोर्ट में

एयरपोर्ट स्टाफ के मुताबिक आदित्य सिंह ने पकड़े जाने पर एक एयरपोर्ट आईडी बैज दिखाया, जो एयरपोर्ट स्टाफ का ही था। इसके खोने की रिपोर्ट...

बंगाल में ‘भाईजान’ की एंट्री: 80 सीटों पर चुनाव, फुरफुरा शरीफ दरगाह के पीरजादा ने ममता पर लगाया BJP की मदद का आरोप

फुरफुरा शरीफ दरगाह के पीरजादा अब्बास सिद्दीकी उर्फ़ 'भाईजान' बंगाल चुनाव के लिए आज एक नए राजनीतिक फ्रंट की घोषणा कर सकते हैं।

झटका बेच रहे हो या हलाल? दुकान में बोर्ड लगा कर बताओ: SDMC का अहम फैसला, पास किया प्रस्ताव

SDMC ने एक अहम फैसला लिया। इसके अंतर्गत आने वाले सभी होटलों, रेस्टोरेंट या मीट की दुकानों को 'झटका' या 'हलाल' मीट बेचने से...

ढाई साल की बच्ची का रेप-मर्डर, 29 दिन में फाँसी की सजा: UP पुलिस और कोर्ट की त्वरित कार्रवाई

अदालत ने एक ढाई साल की बच्ची के साथ रेप और हत्या के दोषी को मौत की सजा सुनाई है। UP पुलिस की कार्रवाई के बाद यह फैसला 29 दिन के अंदर सुनाया गया है।
00:30:41

मोदी सरकार निकम्मों की तरह क्यों देख रही है किसान आंदोलन को?

किसान आंदोलन को ले कर मोदी सरकार का रवैया ढीला, हल्का और निकम्मों जैसा क्यों दिख रहा है? मोदी की क्या मजबूरी है आखिर?

TMC की धमकी- ‘गोली मारो… से लेकर बंगाल माँगोगे तो चीर देंगे’ पर BJP का पलटवार, पूछा- क्या यह ‘शांति’ की परिभाषा है?

टीएमसी की रैली में 'बंगाल के गद्दारों को गोली मारो सालो को' जैसे नारे लगा कर BJP कार्यकर्ताओं को जान से मारने की धमकी दी तो वहीं ममता सरकार में परिवहन मंत्री ने भाजपा को लेकर कहा, "अगर दूध माँगोगे तो खीर देंगे, लेकिन अगर बंगाल माँगोगे तो चीर देंगे।"

मंदिर की दीवारों पर ईसाई क्रॉस पेंट कर चर्च में बदलने की कोशिश, पहले भी मूर्तियों और दानपात्र को पहुँचाई गई थी क्षति

तमिलनाडु के वेल्लोर जिले में एक हिंदू मंदिर की दीवारों पर ईसाई क्रॉस चिन्ह पेंट कर उसे एक चर्च में बदलने का प्रयास किया गया है।

आएँगे हम.. अंगद के पाँव की तरह: कश्मीर घाटी से पलायन की पीड़ा कविता और अभिनय से बयाँ करती अभिनेत्री भाषा

डेढ़ साल की थीं भाषा सुंबली जब अपनी माँ की गोद में रहते हुए उन्हें कश्मीर घाटी छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा। 19 जनवरी 1990 की उस भयावह रात को अब 31 साल बीत गए हैं।

हमसे जुड़ें

272,571FansLike
80,695FollowersFollow
383,000SubscribersSubscribe