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नॉर्वे के हमलावर ने हाल ही में कबूला था इस्लाम, 4 महिला व 1 पुरुष की तीर मार कर दी हत्या

पुलिस प्रमुख ओले बी सावेरुड ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘पहले भी इस व्यक्ति के कट्टरपंथी होने को लेकर चिंता व्यक्त की गई थी।’’ उन्होंने बताया हमले में मारी गई चार महिलाओं और एक पुरुष की आयु 50 से 70 वर्ष के बीच थी।

नॉर्वे में तीर और धनुष से हमला कर पाँच लोगों की हत्या करने के आरोप में हिरासत में लिए गए आरोपी ने हाल ही में इस्लाम धर्म अपनाया था। उसे पूर्व में कट्टरपंथी के तौर चिह्नित किया गया था। पुलिस ने गुरुवार (अक्टूबर 14, 2021) को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि संदिग्ध व्यक्ति ने कोंग्सबर्ग के विभिन्न इलाकों में बुधवार  (अक्टूबर 13, 2021) शाम को तीर कमान से हमला किया, जिसमें पाँच लोग मारे गए थे। हमले में एक पुलिस अधिकारी सहित दो लोग गंभीर रूप से घायल भी हैं। इनमें से कई पीड़ित सुपर मार्केट में थे।

पुलिस प्रमुख ओले बी सावेरुड ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘पहले भी इस व्यक्ति के कट्टरपंथी होने को लेकर चिंता व्यक्त की गई थी।’’ उन्होंने बताया हमले में मारी गई चार महिलाओं और एक पुरुष की आयु 50 से 70 वर्ष के बीच थी। 

सोवेरुड ने कहा कि 37 वर्षीय संदिग्ध ने रात भर की पूछताछ के दौरान नॉर्वे में हुए सबसे घातक हमले को स्वीकार कर लिया है। उन्होंने आगे कहा, “हम अन्य बातों के अलावा इस बात की भी जाँच कर रहे हैं कि क्या यह एक आतंकवादी हमला था।” उन्होंने बताया कि संदिग्ध को शुरुआती आरोप में गिरफ्तार किया जा रहा है। फिलहाल यही मानकर चल रहे हैं कि संदिग्ध हमलावर ने ही इस घातक हमले को अंजाम दिया है।

नॉर्वे के पब्लिक ब्रॉडकास्टर NRK ने बताया कि संदिग्ध को डकैती और नशीली दवाओं के अपराधों के लिए कई बार दोषी ठहराया गया था और पिछले साल 6 महीने की सजा सुनाई गई थी। इसमें परिवार के दो करीबी सदस्यों से संपर्क करने पर प्रतिबंध लगा दिया गया था, क्योंकि उसने उनमें से एक को मारने की धमकी दी थी।

अधिकारियों ने बताया कि हमले में घायल दो पीड़ितों को गहन चिकित्सा इकाई में भर्ती कराया गया है, जिनमें से एक स्टोर में तैनात पुलिस अधिकारी है। उनकी स्थिति की तत्काल जानकारी नहीं मिल सकी। नवनियुक्त प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोरे ने हमले को ‘भयावह’ करार दिया है। उन्होंने कहा, ‘‘यह अवास्तविक है, लेकिन यह सच्चाई है कि पाँच लोग मारे गए हैं और कई घायल हुए हैं, जबकि कई सदमे में हैं।’’

गौरतलब है कि नार्वे में 10 साल बाद हिंसा की बड़ी घटना हुई है। इससे पहले साल 2011 में एंडर्स बेहरिक ब्रेविक ने 77 लोगों की हत्या कर दी थी। मृतकों में अधिकांश युवा थे, जो एक कैम्प में शामिल होने आए थे। बता दें कि नार्वे की राजधानी ओस्लो से लगभग 67 किलोमीटर दूर कोंग्सबर्ग एक छोटा कस्बा है, जिसकी आबादी महज 28 हजार है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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