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‘गंगा’ की एक और फ्लाइट आई, यूक्रेन में फँसे 249 थे सवार: घर वापसी कर बोले छात्र- सरकार ने हमारी बहुत मदद की

बताया जा रहा है कि सरकार 'ऑपरेशन गंगा' के तहत 2 मार्च तक 7 और चार्टर फ्लाइट की व्यवस्था कर रही है।

यूक्रेन पर रूसी हमले के बीच भारतीयों की स्वदेश वापसी का क्रम भी जारी है। ‘ऑपरेशन गंगा’ के तहत यूक्रेन से फँसे भारतीय नागरिकों को लेकर सोमवार (28 फरवरी 2022) की सुबह एक और फ्लाइट नई दिल्ली पहुँची। एयर इंडिया की इस फ्लाइट में 249 भारतीय नागरिक सवार थे। रोमानिया की राजधानी बुखारेस्ट से यह दिल्ली के लिए पाँचवीं ऐसी उड़ान थी। नई दिल्ली एयरपोर्ट पर लैंड करने के बाद छात्रों ने बताया कि आपदा के इस वक्त में उन्हें सरकार से काफी मदद मिली।

दिल्ली एयरपोर्ट पर पहुँचे छात्रों ने कहा, “सरकार ने हमारी बहुत मदद की है। भारतीय दूतावास से हरसंभव सहायता प्रदान की गई। सबसे बड़ी समस्या बॉर्डर पार करना है। हमें उम्मीद है कि सभी भारतीयों को वापस लाया जाएगा। कई और भारतीय अभी भी यूक्रेन में फँसे हुए हैं।”

इससे पहले विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने रविवार (27 फरवरी, 2022) को बताया था कि युद्धग्रस्त यूक्रेन से भारत अपने करीब 2,000 नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकाल चुका है। वहाँ फँसे अन्य नागरिकों को पड़ोसी देशों की सीमाओं पर स्थित विभिन्न ट्रांजिट प्वाइंट के माध्यम से बाहर निकालने का प्रयास जारी है। इनमें से 1,000 लोगों को हंगरी और रोमानिया के रास्ते चार्टर्ड विमानों से घर लाया जा चुका है। पत्रकारों से बातचीत में श्रृंगला ने बताया कि उन्होंने यूक्रेन और रूस के राजदूतों से अलग-अलग बैठकें की हैं और यूक्रेन में रह रहे भारतीय नागरिकों का लोकेशन साझा किया है ताकि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। बताया जा रहा है कि यूक्रेन में अभी भी करीब 16 हजार भारतीय फँसे हैं।

इस मसले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी एक उच्च स्तरीय बैठक की। बैठक में विदेश मंत्री एस जयशंकर, विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। बैठक में पीएम ने कहा कि छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और उन्हें यूक्रेन से निकालना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। बताया जा रहा है कि सरकार ‘ऑपरेशन गंगा’ के तहत 2 मार्च तक 7 और चार्टर फ्लाइट की व्यवस्था कर रही है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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