Wednesday, April 24, 2024
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चीन के झाँसे में उलझा पाक: भारतीय सेना की जवाबी कार्रवाई से घबराकर, अस्‍पतालों में दिए आधे बेड खाली रखने के आदेश

यह भी दावा किया जा रहा है कि मई के महीने में जब चीन की हरकतें शुरू हुईं थी, उस समय चीन के कुछ PLA सैनिक 10-12 दिन तक Pok में ठहरे हुए थे। कहा जा रहा है कि जहाँ रुक कर उन्होंने पाकिस्तानी सैनिकों की चौकियों, एयरबेस और आतंकी केम्पों का जायजा भी लिया था।

लद्दाख की गलवान घाटी में चीन से भारत की झड़प और जवाबी कार्रवाई से पाक घबरा गया है। भारत-चीन सीमा पर बढ़ते तनाव और युद्ध की आशंकाओं के बीच घबराई पाकिस्‍तानी सेना भी पीएलए के साथ साजिशों में जुट गई है। मीडिया रिपोर्टों में यह दावा किया जा रहा है कि इन्हीं वजहों से शायद नियंत्रण रेखा से सटे क्षेत्रों में पाकिस्तान ने भी ऑपरेशनल तैयारियों को तेज कर दिया है।

भारत से हर बार पराजित होने वाली पाकिस्तानी सेना में खौफ इतना ज़्यादा है कि बेतहासा फैले कोरोना संक्रमण के बाद भी पाकिस्‍तानी सेना ने Pok के अस्पतालों में 50% बेड सेना के लिए आरक्षित रखने का निर्देश दे दिया गया है।

हाल ही में भारत की वायु सेना से डरकर कराची में ब्लैकआउट घोषित करने वाली पाक आर्मी, इस बार चीन सीमा पर उपजे तनाव के बीच युद्ध की आशंका के मद्देनजर अपने वायुसेना के तीन एयरबेस को भी अलर्ट रहने को कह दिया है।

दैनिक जागरण की एक रिपोर्ट के अनुसार, चीनी वायुसेना के अधिकारियों की एक टीम ने भी कथित तौर पर पाकिस्तानी एयरबेस का जायजा लिया है। दूसरी तरफ लद्दाख सीमा पर भारतीय सेना भी पहले से ही सजग है और चीन-पाक की हर नापाक साजिश का करारा जवाब देने के लिए चौकसी बनाए हुए है।

कई मीडिया रिपोर्ट में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर यह भी दावा किया जा रहा है कि 14-15 जून को चीन और भारत के बीच हुए खूनी हिंसक संघर्ष की साजिश पहले से ही रची जा चुकी थी। उसी के तहत एलएसी के उल्लंघन की रणनीति चीन ने पाकिस्तान के साथ मिलकर बनाई थी।

रिपोर्ट्स के अनुसार, दावा यह भी है कि 1996 के एक समझौते के अनुसार, चूँकि एलएसी पर दोनों देशों के सिपाही हथियार का इस्तेमाल नहीं कर सकते हैं। इसलिए अब चीन छद्म युद्ध के लिए अपने सैनिकों को तिब्बती लड़ाकों से ट्रेनिंग दिलवा रहा है। साथ ही उन्हें भी सेना में शामिल कर रहा है।

मीडिया सूत्रों के अनुसार यह भी दावा किया जा रहा है कि मई के महीने में जब चीन की हरकतें शुरू हुईं थी, उस समय चीन के कुछ PLA सैनिक 10-12 दिन तक Pok में ठहरे हुए थे। कहा जा रहा है कि जहाँ रुक कर उन्होंने पाकिस्तानी सैनिकों की चौकियों, एयरबेस और आतंकी केम्पों का जायजा भी लिया था।

जब तक चीन पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में था तब तक वहाँ के कुछ हिस्सों में इंटरनेट सेवाओं को भी बंद रखा गया था। गौरतलब है कि Pok के जिन हिस्सों में इंटरनेट सेवाएँ बंद थी, उसी क्षेत्र से पिछले दो माह में कई बार भारतीय ठिकानों पर संघर्ष विराम का उल्लंघन कर फायरिंग में बढ़त भी देखने को मिली थी।

वहीं अब कहा जा रहा है कि गलवान में हुए झड़प पर भारत द्वारा चीन के PLA सैनिकों के खिलाफ आक्रामक कार्रवाई को देखते हुए पाकिस्तान बुरी तरह डर गया है। और इस डर की वजह है भारतीय सैनिकों द्वारा 40 से अधिक PLA सैनिकों के मारे जाने का दावा। जिसने पाकिस्तान की नींद उड़ा दी है। एक तरफ जहाँ पाकिस्तान आतंक को पूरी तरह संरक्षण देने में जुटा है तो वहीं भारतीय सेना द्वारा जम्मू कश्मीर में आतंकियों को लगातार निशाना बनाया जाना भी उसकी परेशानी की दूसरी बड़ी वजह है।

वहीं सीमा पर भी चीन और पाक की हर धोखेबाजी और कपट भरी दुस्साहस का भारतीय सेना डट कर मुकाबला कर रही है। मौजूदा हालात को देखते हुए पाकिस्‍तान को डर है कि कहीं लाइन ऑफ एक्‍चुअल कंट्रोल (एलएसी) पर तनाव का असर कहीं लाइन ऑफ कंट्रोल (एलओसी) पर न पड़ जाए। जिसके चलते और भारत की पाक के प्रति विगत कार्रवाइयों को देखते पाक आर्मी ने ऐहतियातन पीओके के अस्‍पतालों में सैनिकों के लिए लगभग आधे बेड रिजर्व करा दिए हैं।

इसी सन्दर्भ में मीडिया रिपोर्ट में यह भी कहा जा रहा है कि खुद जनरल कमर जावेद बाजवा ने पाकिस्‍तान के कब्‍जे वाले कश्‍मीर यानी पीओके के स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री को पत्र लिखकर यह कहते है, “कृपया सारे अस्‍पतालों में 50 पर्सेंट बेड आर्मी के लिए रिजर्व रखे जाएँ। इसके साथ इमरजेंसी सिचुएशन के लिए 50 प्रति‍शत ब्‍लड सप्‍लाई को भी पाकिस्‍तानी सैनिकों के लिए रिजर्व रखने को कहा गया है।”

यह लेटर ऐसे समय में लिखा गया जब भारत चीन के खिलाफ अपनी जवाबी कार्रवाई में लगा है। यह भारत के वैश्विक दबाव का ही नतीजा है कि एक तरफ चीन जहाँ अब घुटने टेकने को मजबूर है तो वहीं घबराया हुआ पाक एक बार फिर किसी झड़प या हार के डर से अपने तीन बड़े एयरबेस खंडवारी, रहीम यारखान और सक्खर को अलर्ट रख दिया है।

चीन के साथ पाकिस्तान की गतिविधियों को देखते हुए रक्षा से जुड़े कई विशेषज्ञ बताते हैं कि पाकिस्तानी सेना की हरकतों को दो तरीके से लिया जा सकता है। पहला पाकिस्तान यह सोच रहा है कि भारत किसी भी समय पीओके को भारत में शामिल करने के लिए हमला कर सकता है। या फिर भारत पुनः आतंकी संगठनों को ध्वस्त करने की तैयारी में है।

दूसरा, चीन के साथ भारत के गतिरोध को देखते हुए पाकिस्तान इस सिचुएशन का इस्तेमाल अपने फायदे के लिए करना चाह रहा है। पाकिस्तान अक्सर चीन के कहने पर भारत के खिलाफ कार्रवाई करता आया है। ऐसे में कहीं अगर दोबारा चीन और भारत के बीच युद्ध की स्थिति उत्पन होती है तो पाकिस्तान चीन को Pok स्थित अस्पताल, पाकिस्तान के एयरबेस और सेना के माध्यम से सहायता करेगा। इसके अलावा यह भी आशंका व्यक्त की जा रही है कि पाकिस्तान गुपचुप तरीके से अचानक भारत पर हमला कर कारगिल युद्ध को दोहराने का मंसूबा भी पाल रहा है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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