Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीयगैर इस्लामिक तरीके से दाढ़ी काटने पर बुरा अंजाम भुगतने की चेतावनी,नाई हिरासत में,...

गैर इस्लामिक तरीके से दाढ़ी काटने पर बुरा अंजाम भुगतने की चेतावनी,नाई हिरासत में, ₹5000 का जुर्माना

खबर के अनुसार स्थानीय पुलिस ने नाईयों को हिरासत में लिए जाने की पुष्टि करते हुए हुए कहा कि स्थानीय ट्रेड यूनियन की शिकायत के बाद यह कदम उठाया गया था।

कश्मीर में मजहब वालों के कथित मानवाधिकारों के उल्लंघन का दुष्प्रचार कर रहे पाकिस्तान की अभी कुछ दिन पहले ही संयुक्त राष्ट्र के बाहर ईश निंदा के नाम पर हो रहे अल्पसंख्यकों के उत्पीड़न पर भारी फजीहत हुई है। अब खबर आ रही है कि पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वां में चार नाईयों को सिर्फ इसलिए हिरासत में ले लिया गया, क्योंकि उन्होंने गैर इस्लामिक तरीके से लोगों की दाढ़ी बनाई थी।

घटना 30 सितंबर की बताई जा रही है, लेकिन सोशल मीडिया पर वीडियो के वायरल होने पर यह खबर आम हो गई। पाकिस्तान के अखबार ‘द डॉन’ के मुताबिक वीडियो में स्थानीय ट्रेड यूनियन नेता समीन स्थानीय पुलिस को चार नाईयों को हिरासत में लेने को कह रहा है। पुलिस के साथ वह उन नाईयों से पूछ रहा है कि उन्होंने लोगों की दाढ़ी फैशन के अनुरूप स्टाइलिश क्यों काटी, जबकि ट्रेड यूनियन ने इसे गैर इस्लामिक बताते हुए प्रतिबंधित किया है। वीडियो के मुताबिक इस बारे में फैसला लेने के बाद यूनियन ने सभी स्थानीय दुकानदारों को इसके बारे में अवगत करा दिया था।

समीन के मुताबिक कुछ नाई प्रतिबंध की अवहेलना कर लोगों की स्टाइलिश दाढ़ी काट रहे थे। वीडियो में दिखाया गया है कि स्थानीय पुलिस उन चार नाईयों को हिरासत में लेकर उनसे 5,000 रुपए का जुर्माना वसूलने के बाद चेतावनी के साथ रिहा कर देती है। साथ ही चेतावनी भी दी कि अगर उन्होंने गैर इस्लामिक तरीके से लोगों की स्टाइलिश दाढ़ी आगे भी काटी तो अंजाम और बुरा होगा। खबर के अनुसार स्थानीय पुलिस ने नाईयों को हिरासत में लिए जाने की पुष्टि करते हुए हुए कहा कि स्थानीय ट्रेड यूनियन की शिकायत के बाद यह कदम उठाया गया था।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?

मुस्लिमों को रिझाने में 2017 में औंधे मुँह गिरे थे अखिलेश, आरक्षण का वादा किया लेकिन घोषणापत्र खाली रहा: 2027 के चुनावी रण में...

मुस्लिम आरक्षण पर अखिलेश बयानों से लेकर मुलायम सिंह यादव की मुस्लिम राजनीति अपने पुराने ढर्रे पर रही है। हालाँकि अब यूपी में वोटर्स अपनी प्रथमिकताएँ बदल रहे हैं।
- विज्ञापन -