Wednesday, April 21, 2021
Home रिपोर्ट अंतरराष्ट्रीय 13 साल की लड़की का रेप कर इस्लाम कबूल करवाया: कोर्ट गए पिता को...

13 साल की लड़की का रेप कर इस्लाम कबूल करवाया: कोर्ट गए पिता को न्याय की जगह मिला 30000 ‘रुपए’ का जुर्माना

13 साल की लड़की लेकिन ईसाई। पाकिस्तान में उसे इसकी 'सजा' मिली। पहले उसे किडनैप किया, फिर रेप हुआ। पीड़िता के पिता जब न्याय माँगने कोर्ट गए तो वहाँ न्याय के बदले उन पर 30000 पाकिस्तानी रुपए का जुर्माना लगाया गया।

पाकिस्तानी मानवाधिकार कार्यकर्ता राहत ऑस्टिन ने रविवार (दिसंबर 20, 2020) को ट्विटर पर एक वीडियो शेयर की। इस वीडियो में 13 वर्षीय एक नाबालिग ईसाई लड़की के पिता ने अपने परिवार के साथ हुए अत्याचार के बारे में बताया। पीड़ित पिता के मुताबिक साजिद अली, सुमैरा और तारव ने लाहौर के कंजरा से उनकी बेटी महविश को अगवा कर लिया। रेप के बाद जबरन उसका धर्मांतरण किया गया।

इसी घटना के बारे में बोलते हुए पाकिस्तानी कार्यकर्ता ने आज (दिसंबर 22, 2020) लाहौर उच्च न्यायालय के आदेशों की कॉपी शेयर की, जिसने निचली अदालत के उस फैसले को बरकरार रखा, जिसमें पीड़ित के पिता को 30,000 पीकेआर (पाकिस्तानी रुपए) का जुर्माना देने के लिए कहा गया था। 

कार्यकर्ता ने बताया कि पीड़िता के पिता ने निचली अदालत द्वारा लगाए गए 30,000 पीकेआर जुर्माना को माफ करने के लिए हाई कोर्ट का रुख किया था। बता दें कि पीड़ित पिता ने नाबालिग बेटी के अपहरण के बाद मदद के लिए निचली अदालत का दरवाजा खटखटाया था, मगर निचली अदालत ने पीड़िता के पिता की किसी भी तरह की मदद देने के बजाय उन पर जुर्माना लगा दिया था।

सामान्य पृष्ठभूमि से आने वाले पीड़िता के पिता के लिए इतनी राशि की व्यवस्था करना लगभग असंभव था। इसलिए उन्होंने लाहौर उच्च न्यायालय से गुहार लगाई थी कि वह उन पर लगाए गए जुर्माने को वापस ले ले। हालाँकि, पाकिस्तान HC ने उन्हें निचली अदालत द्वारा दिए गए आदेश को खारिज करने में मदद करने के बजाय तुरंत जुर्माना भरने को कहा।

पाकिस्तान में इंसाफ मिलना असंभव है: पीड़िता के पिता

हमने रविवार को बताया था कि 13 वर्षीय ईसाई पीड़ित के व्यथित पिता ने कहा था कि अगर उन्हें न्याय नहीं मिला को वो पूरे परिवार के साथ मरने पर मजबूर हो जाएँगे। पीड़ित पिता ने वीडियो में कहा था –

“यदि प्रधानमंत्री, मंत्री, मुख्य न्यायाधीश और सांसद मेरी पीड़ा नहीं सुनते और मेरी बच्ची की सही सलामत वापसी नहीं सुनिश्चित करवाते तो मैं पूरे परिवार के साथ मरने को मजबूर हो जाऊँगा। पाकिस्तान में इंसाफ मिलना असंभव है। न्याय तभी मिलेगा जब मेरी बेटी मेरे पास वापस आएगी। मेरी बातों को हल्के में न लें। अगर मेरी बेटी वापस नहीं आती है, तो मैं वही करूँगा जो मैंने कहा है।”

वहीं यह पूछे जाने पर कि क्या उन्होंने किसी राजनीतिक नेताओं से मदद माँगी है, पीड़ित पिता ने दुख व्यक्त करते हुए कहा था, “शुरू में हमने दो बार मंत्री जाहज आलम घस्ती से मिलने की कोशिश की, लेकिन मिल नहीं सके। हालाँकि, बाद में 3 बार उनसे अलग-अलग मौकों पर मिले। लेकिन उन्होंने कहा कि इसमें मैं क्या कर सकता हूँ।”

उल्लेखनीय है कि पिछले साल 10 अक्टूबर को 14 वर्षीय हुमा यूनुस को कराची में उसके माता-पिता के घर से पंजाब के डेरा गाजी खान निवासी अब्दुल जब्बार नामक एक मुस्लिम व्यक्ति द्वारा अपहरण कर लिया गया था। वहीं फरजाना (14) और सेहरिश (16) के साथ 3 मुस्लिम युवकों ने सामूहिक बलात्कार किया, लेकिन परिजनों को अदालत के बाहर ही मामला सुलझाने के लिए मजबूर होना पड़ा था।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

देश के 3 सबसे बड़े डॉक्टर की 35 बातें: कोरोना में Remdesivir रामबाण नहीं, अस्पताल एक विकल्प… एकमात्र नहीं

देश में कोरोना वायरस तेजी से फैल रहा है। 2.95 लाख नए मामले सामने आने के बाद देश में कुल संक्रमितों की संख्या बढ़ कर...

‘गैर मुस्लिम नहीं कर सकते अल्लाह शब्द का इस्तेमाल, किसी अन्य ईश्वर से तुलना गुनाह’: इस्लामी संस्था ने कहा- फतवे के हिसाब से चलें

मलेशिया की एक इस्लामी संस्था ने कहा है कि 'अल्लाह' एक बेहद ही पवित्र शब्द है और इसका इस्तेमाल सिर्फ इस्लाम के लिए और मुस्लिमों द्वारा ही होना चाहिए।

आज वैक्सीन का शोर, फरवरी में था बेकारः कोरोना टीके पर छत्तीसगढ़ में कॉन्ग्रेसी सरकार ने ही रचा प्रोपेगेंडा

आज छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री इस बात से नाखुश हैं कि पीएम ने राज्यों को कोरोना वैक्सीन देने की बात नहीं की। लेकिन, फरवरी में वही इसके असर पर सवाल उठा रहे थे।

पंजाब के 1650 गाँव से आएँगे 20000 ‘किसान’, दिल्ली पहुँच करेंगे प्रदर्शनः कोरोना की लहर के बीच एक और तमाशा

संयुक्त किसान मोर्चा ने 'फिर दिल्ली चलो' का नारा दिया है। किसान नेताओं ने कहा कि इस बार अधिकतर प्रदर्शनकारी महिलाएँ होंगी।

हम 1 साल में कितने तैयार हुए? सरकारों की नाकामी के बाद आखिर किस अवतार की बाट जोह रहे हम?

मुफ्त वाई-फाई, मुफ्त बिजली, मुफ्त पानी से आगे लोगों को सोचने लायक ही नहीं छोड़ती समाजवाद। सरकार के भरोसे हाथ बाँध कर...

मधुबनी: धरोहर नाथ मंदिर में सोए दो साधुओं का गला कुदाल से काटा, ‘लव जिहाद’ का विरोध करने वाले महंत के आश्रम पर हमला

बिहार के मधुबनी जिला स्थित खिरहर गाँव में 2 साधुओं की गला काट हत्या कर दी गई है। इससे पहले पास के ही बिसौली कुटी के महंत के आश्रम पर रात के वक्त हमला हुआ था।

प्रचलित ख़बरें

रेप में नाकाम रहने पर शकील ने बेटी को कर दिया गंजा, जैसे ही बीवी पढ़ने लगती नमाज शुरू कर देता था गंदी हरकतें

मेरठ पुलिस ने शकील को गिरफ्तार किया है। उस पर अपनी ही बेटी ने रेप करने की कोशिश का आरोप लगाया है।

मधुबनी: धरोहर नाथ मंदिर में सोए दो साधुओं का गला कुदाल से काटा, ‘लव जिहाद’ का विरोध करने वाले महंत के आश्रम पर हमला

बिहार के मधुबनी जिला स्थित खिरहर गाँव में 2 साधुओं की गला काट हत्या कर दी गई है। इससे पहले पास के ही बिसौली कुटी के महंत के आश्रम पर रात के वक्त हमला हुआ था।

रेमडेसिविर खेप को लेकर महाराष्ट्र के FDA मंत्री ने किया उद्धव सरकार को शर्मिंदा, कहा- ‘हमने दी थी बीजेपी को परमीशन’

महाविकास अघाड़ी को और शर्मिंदा करते हुए राजेंद्र शिंगणे ने पुष्टि की कि ये इंजेक्शन किसी अन्य उद्देश्य के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है। उन्हें भाजपा नेताओं ने भी इसके बारे में आश्वासन दिया था।

‘सुअर के बच्चे BJP, सुअर के बच्चे CISF’: TMC नेता फिरहाद हाकिम ने समर्थकों को हिंसा के लिए उकसाया, Video वायरल

TMC नेता फिरहाद हाकिम का एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल है। इसमें वह बीजेपी और केंद्रीय सुरक्षा बलों को 'सुअर' बता रहे हैं।

हाँ, हम मंदिर के लिए लड़े… क्योंकि वहाँ लाउडस्पीकर से ऐलान कर भीड़ नहीं बुलाई जाती, पेट्रोल बम नहीं बाँधे जाते

हिंदुओं को तीन बातें याद रखनी चाहिए, और जो भी ये मंदिर-अस्पताल की घटिया बाइनरी दे, उसके मुँह पर मार फेंकनी चाहिए।

रवीश और बरखा की लाश पत्रकारिताः निशाने पर धर्म और श्मशान, ‘सर तन से जुदा’ रैलियाँ और कब्रिस्तान नदारद

अचानक लग रहा है जैसे पत्रकारों को लाश से प्यार हो गया है। बरखा दत्त श्मशान में बैठकर रिपोर्टिंग कर रही हैं। रवीश कुमार लखनऊ को लाशनऊ बता रहे हैं।
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

293,781FansLike
82,726FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe