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‘मेरे दादा जी 72 हूरों के साथ बिजी होंगे’: पाकिस्तान की महिला पत्रकार ने अब कट्टरपंथियों की वाट लगा दी, पूर्वजों के प्रयागराज छोड़ने के फैसले पर जताया था पछतावा

"यह मेरा व्यक्तिगत विचार है, जिसे साझा करना मैंने उचित समझा, क्योंकि मेरे एक के बाद एक भाई बाहर जाकर यूरोप में सेटल हो रहे हैं।"

पाकिस्तान (Pakistan) की मशहूर पत्रकार आरजू काजमी (Arzoo Kazmi) का एक ट्वीट ‘वाट लगा दी दादा जी’ सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। इसमें उन्होंने अपने दादा जी के फैसले पर अफसोस जताते हुए बताया था कि वह असल में हिंदुस्तान की रहने वाली हैं, लेकिन उनके दादाजी पलायन कर दिल्ली और प्रयागराज से पाकिस्तान आ गए थे। अब उन्होंने अपने यूट्यूब चैनल पर उनके ट्वीट को पसंद करने वालों और नापसंद करने वालों का शुक्रिया अदा किया है। साथ ही 0:18 से 2:15 मिनट के बीच आरजू काजमी ने बताया कि कुछ लोगों ने उन्हें फोन और मैसेज करके उनकी जमकर क्लास लगाई।

उन लोगों ने महिला पत्रकार से कहा, “तुम्हें शर्म आनी चाहिए, इस तरह का ट्वीट लगाने के लिए। तुम्हारे दादा जी की रूह इससे कितनी परेशान होगी।” इस पर आरजू ने उन कट्टरपंथी लोगों के सवालों का जवाब देते हुए कहा, “जहाँ तक हमें इस्लाम में बताया गया है कि 72 हूरें मिलती हैं, मेरे दादाजी तो उन 72 हूरों के साथ बिजी होंगे। उनके पास तो बिल्कुल भी टाइम नहीं होगा कि वह नीचे देख सकें कि मैं यहाँ क्या कर रही हूँ।”

उन्होंने अपनी बात को जारी रखते हुए आगे कहा, “यह मेरा व्यक्तिगत विचार है, जिसे साझा करना मैंने उचित समझा, क्योंकि मेरे एक के बाद एक भाई बाहर जाकर यूरोप में सेटल हो रहे हैं। एक भाई तो बल्कि सेटल हो भी चुका है। ऐसे में ये सोचना कि पाकिस्तान में उनका कोई भविष्य नहीं है। इसी कारण वो और उनका परिवार बाहर जा रहे हैं और अगर मैंने इस बात को ट्विटर पर लिख दिया, तो इतना बवाल क्यों हो गया? लोग इतना ज्यादा डिस्टर्ब क्यों हो गए? ये बात मुझे समझ नहीं आई। कोई बात नहीं आहिस्ता-आहिस्ता आदत पड़ जाएगी। हम तो इसी तरह से बात किया करते हैं। अब किसी को नहीं अच्छी लगती है, तो क्या किया जा सकता है।”

अपनी बात पूरी करने के बाद वह पाकिस्तान की न्यूज बताने लगती है। पत्रकार के मुताबिक, उनके देश (पाकिस्तान) में आटे की किल्लत अभी भी पहले जैसे ही है। रमजान में लोगों के घरों में रसोई गैस तक नहीं आ रही है, जिससे वे काफी परेशान हैं।

बता दें कि इस्लामाबाद (पाकिस्तान) में रहने वाली पत्रकार आरजू काजमी ने अपने पूर्वजों के 1947 में भारत से पाकिस्तान चले जाने के फैसले पर अफसोस जताते हुए 1 अप्रैल, 2023 को ट्वीट किया, “मेरे भाइयों और परिवार के अन्य सदस्यों को लगता है कि उनका पाकिस्तान में कोई भविष्य नहीं है। मेरे दादाजी और उनका परिवार बेहतर भविष्य के लिए प्रयागराज और दिल्ली से पाकिस्तान चला आया था। वाट लगा दी दादा जी।” आरजू का ट्वीट वायरल होने के बाद कई यूजर्स ने उन्हें अपने परिवार के साथ भारत आने को कहा था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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