Tuesday, October 26, 2021
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मस्जिद में पार्टी, लड़के-लड़कियों का साथ में डांस… वीडियो वायरल होने पर फिलिस्तीन की पहली महिला DJ गिरफ्तार

नबी मूसा मस्जिद में परफॉर्म करने के लिए आधिकारिक रूप से DJ समा अब्दुलहादी को अनुमति मिली हुई थी। लेकिन लड़के-लड़कियों के साथ में डांस करते वीडियो के वायरल होने के बाद इस्लामी कट्टरपंथियों ने...

फिलिस्तीन की महिला DJ समा अब्दुलहादी को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन पर मस्जिद में कार्यक्रम करने का आरोप लगाया गया है। उन्होंने वेस्ट बैंक में जॉर्डन वैली में स्थित जेरिको के एक मस्जिद में डांस कार्यक्रम का आयोजन किया था, जिसके बाद ये कार्रवाई की गई है। 30 वर्षीय महिला डीजे को नबी मूसा (Nebi Mussa) मस्जिद में परफॉर्म करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया, जो पारम्परिक इस्लामी कब्रिस्तान भी है।

हालाँकि, मानवाधिकार संगठनों ने उनकी गिरफ़्तारी के खिलाफ आवाज़ उठाई है। उन्हें रविवार (दिसंबर 27, 2020) को गिरफ्तार किया गया और मंगलवार को 15 दिनों के लिए पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया। पीड़ित परिजनों ने बताया कि समा अब्दुलहादी की जमानत याचिका को भी नकार दिया गया है। वो फिलिस्तीन की पहली ऐसी महिला मानी जाती हैं, जो डिस्क जॉकी (DJ) बनीं। इजरायल में उन्हें फिलिस्तीन की ‘टेक्नो क्वीन’ कहा जाता है।

उन्हें नबी मूसा में परफॉर्म करने के लिए आधिकारिक रूप से अनुमति मिली हुई थी, बावजूद इसके उन्हें गिरफ्तार किया गया। मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि पर्यटन मंत्रालय से अनुमति मिलने के बावजूद उनकी गिरफ़्तारी बेतुकी है। इस डांस कार्यक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हुआ था, जिसमें महिला-पुरुष साथ में डांस करते देखे जा सकते हैं। नबी मूसा सिर्फ मजहबी ही नहीं, एक पर्यटन स्थल भी है।

परिजनों का पूछना है कि जब ये स्थल इलेक्ट्रॉनिक म्यूजिक के लिए ठीक नहीं है तो फिर इसकी अनुमति कैसे दी गई? फिलिस्तीन के लोगों का कहना है कि युवक-युवतियों के साथ में डांस करने से मस्जिद और उसके आसपास की जगह अपवित्र हो गई है। लोगों ने इसे इस्लाम का अपमान बताया। पार्टी में भी कुछ लोग घुस गए थे और वहाँ से लोगों को बाहर निकाला। प्रधानमंत्री मोहम्मद शतायेह के निर्देश पर जाँच के लिए कमिटी का गठन किया गया है।

हालाँकि, ये पार्टी मस्जिद में नहीं हुई थी, उसके परिसर में उस स्थान पर हुई थी जहाँ पहले से ही निकाह और जन्मदिन सहित कई सांस्कृतिक कार्यक्रम होते आए हैं – ऐसा समा अब्दुलहादी के बचाव पक्ष का कहना है। रामल्लाह, बेथलेहेम और जेरुसलम के कई युवा इस पार्टी में शामिल थे। फिलिस्तीन में युवाओं की जनसंख्या 30% से ज्यादा है और इजरायल से संघर्ष और इस्लामी कट्टरता के कारण उन्हें वैसे भी मौके कम मिलते हैं।

इसी वर्ष अगस्त में पाकिस्तान की अभिनेत्री सबा कमर पर सिर्फ इसीलिए ईशनिंदा का मुकदमा दायर कर दिया गया क्योंकि उन्होंने मस्जिद में एक वीडियो की शूटिंग की थी। अभिनेत्री सबा कमर और गायक बिलाल सईद सहित कई लोगों के खिलाफ लाहौर का वज़ीर खान मस्जिद की ‘पवित्रता भंग करने’ का आरोप लगाया गया था। इन दोनों ने मस्जिद के भीतर म्यूजिक वीडियो की शूटिंग की थी। इस मामले में FIR दर्ज कर के ईशनिंदा के तहत कार्रवाई की गई थी।

 

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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