Thursday, July 18, 2024
Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीयदुश्मन का दुश्मन दोस्त होता है... J&K पर तुर्की के जहर को 'साइप्रस के...

दुश्मन का दुश्मन दोस्त होता है… J&K पर तुर्की के जहर को ‘साइप्रस के रास्ते’ ऐसे काट रहे PM मोदी

साइप्रस के समर्थन में और ज्यादा खुल कर आने और पीएम मोदी का वहाँ के राष्ट्रपति के साथ मुलाकात तुर्की को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर झुकाने की भारतीय कूटनीति ही है। जम्मू-कश्मीर पर तुर्की का राग अलापना महँगा पड़ेगा...

हाल ही में तुर्की ने जम्मू कश्मीर पर भारत विरोधी रुख अपनाया था। तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब इरदुगान ने संयुक्त राष्ट्र जनरल असेंबली में जम्मू कश्मीर का मुद्दा उठाया था। भारत पहले ही अंतरराष्ट्रीय समुदाय को आगाह कर चुका है कि जम्मू कश्मीर देश का आंतरिक मसला है और इस पर किसी भी प्रकार की मध्यस्तथा स्वीकार नहीं की जाएगी। केंद्रीय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने भी कड़ा रुख अपनाते हुए कहा था कि अगर पाकिस्तान से बातचीत होगी भी तो सिर्फ़ पाक अधिकृत कश्मीर को लेकर ही होगी।

ऐसे में तुर्की के राष्ट्रपति ने कहा था कि दक्षिण भारत की स्थिरता और समृद्धि जम्मू कश्मीर समस्या से जुड़ी हुई है। उन्होंने दावा किया था कि यूएन रेजोल्यूशन के बावजूद राज्य में 80 लाख लोग ‘फँसे हुए हैं’। साथ ही उन्होंने इस मसले को संघर्ष के बजाय बातचीत से सुलझाने की सलाह दी थी। 72 वर्षीय रजब तैयब ने न्याय और निष्पक्षता का रोना रोते हुए जम्मू कश्मीर का मुद्दा उठाया था। पाक पीएम इमरान ख़ान ने भी तुर्की के राष्ट्रपति से मुलाक़ात के दौरान उन्हें अनुच्छेद 370 पर भारत के निर्णय के बारे में बताया था।

अब भारत ने तुर्की की पैंतरेबाजी को देखते हुए उसे सबक सिखाने के लिए साइप्रस का खुला समर्थन किया है। बता दें कि 1974 में तुर्की की सेना ने साइप्रस पर हमला किया था और द्वीपीय देश के 3% भू-भाग पर कब्ज़ा कर लिया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साइप्रस की स्वतन्त्रता, सम्प्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का समर्थन करते हुए तुर्की को दबाव में डाल दिया। तुर्की अभी भी साइप्रस के भू-भाग पर कब्ज़ा कर के बैठा हुआ है और इसीलिए दोनों ही देशों के बीच रिश्ते अच्छे नहीं हैं।

हाल ही में तुर्की ने धमकी दी थी कि वह साइप्रस के ‘एक्सक्लूसिव इकनोमिक जोन’ में घुस जाएगा। साइप्रस के राष्ट्रपति ने संयुक्त राष्ट्र जनरल असेंबली में तुर्की की हरकतों का ब्यौरा देते हुए अंतरराष्ट्रीयता समुदाय को बताया कि तुर्की ने धमकी दी है कि अगर साइप्रस अपने एनर्जी प्रोजेक्ट को लेकर आगे बढ़ा तो उसे उसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। उन्होंने कहा कि तुर्की पड़ोसी राज्यों और एनर्जी कंपनियों को धमका रहा है।

तुर्की ने साइप्रस के एक हिस्से पर कब्ज़ा कर के उसे ‘उत्तरी साइप्रस’ घोषित कर रखा है। हालाँकि, अंतरराष्ट्रीय समुदाय तुर्की की इस हरकत का समर्थन नहीं करता। कहा जाता है कि यूरोप में साइप्रस अंतिम देश है, जिसका विभाजन हुआ। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद भी तुर्की की हरकतों के लिए उसकी आलोचना कर चुका है। अब चूँकि तुर्की ने जम्मू कश्मीर पर टेढ़ा बयान दे दिया है, तो स्पष्ट है कि भारत भी उसे माइंड गेम से ही मारेगा। साइप्रस के समर्थन में और ज्यादा खुल कर आने और पीएम मोदी का वहाँ के राष्ट्रपति के साथ मुलाकात तुर्की को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर झुकाने की भारतीय कूटनीति ही है। आने वाले दिनों में तुर्की को यह बात और भी अच्छे से समझ में आ जाएगी और तब वो शायद जम्मू-कश्मीर पर राग अलागना बंद कर देगा।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

अनुपम कुमार सिंह
अनुपम कुमार सिंहhttp://anupamkrsin.wordpress.com
भारत की सनातन परंपरा के पुनर्जागरण के अभियान में 'गिलहरी योगदान' दे रहा एक छोटा सा सिपाही, जिसे भारतीय इतिहास, संस्कृति, राजनीति और सिनेमा की समझ है। पढ़ाई कम्प्यूटर साइंस से हुई, लेकिन यात्रा मीडिया की चल रही है। अपने लेखों के जरिए समसामयिक विषयों के विश्लेषण के साथ-साथ वो चीजें आपके समक्ष लाने का प्रयास करता हूँ, जिन पर मुख्यधारा की मीडिया का एक बड़ा वर्ग पर्दा डालने की कोशिश में लगा रहता है।

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

अजमेर दरगाह के सामने ‘सर तन से जुदा’ मामले की जाँच में लापरवाही! कई खामियाँ आईं सामने: कॉन्ग्रेस सरकार ने कराई थी जाँच, खादिम...

सर तन से जुदा नारे लगाने के मामले में अजमेर दरगाह के खादिम गौहर चिश्ती की जाँच में लापरवाही को लेकर कोर्ट ने इंगित किया है।

काँवड़ यात्रा पर किसी भी हमले के लिए मोहम्मद जुबैर होगा जिम्मेदार: यशवीर महाराज ने ‘सेकुलर’-इस्लामी रुदालियों पर बोला हमला, ढाबों मालिकों की सूची...

स्वामी यशवीर महाराज ने 18 जुलाई 2024 को एक वीडियो बयान जारी कर इस्लामिक कट्टरपंथियों और तथाकथित 'सेकुलरों' को आड़े हाथों लिया है।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -