Tuesday, July 23, 2024
Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीयरमजान पर मस्जिदों में वैसे ही लॉकडाउन का पालन कराया जाए, जैसा ईस्टर पर...

रमजान पर मस्जिदों में वैसे ही लॉकडाउन का पालन कराया जाए, जैसा ईस्टर पर चर्चों में हुआ: डोनाल्ड ट्रम्प

12 अप्रैल को ईस्टर के मौके पर देश भर में ईसाईयों को लॉकडाउन का पालन करने की सलाह दी गई थी लेकिन कुछ जगहों पर इसके उल्लंघन की ख़बर आई। 'इस्लामिक सोसाइटी ऑफ नार्थ अमेरिका' ने समुदाय विशेष को सलाह दी है कि वो घर में ही नमाज पढ़ें और समूह में जुट कर दुआ वगैरह न करें।

संयुक्त राष्ट्र अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि रमजान के समय मस्जिदों में भी सोशल डिस्टन्सिंग का पालन होना चाहिए। उन्होंने कहा कि रमजान के दौरान पुलिस एवं प्रशासन मस्जिदों में सोशल डिस्टेंसिंग के लिए अलग व्यवस्था कर सकती है। ट्रम्प का इशारा राज्यों की तरफ था। उन्होंने कहा कि जिस तरह से चर्चों में सोशल डिस्टन्सिंग का पालन कराया गया, उस तरह से मस्जिदों में भी कराया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि देखना पड़ेगा कि ईस्टर के समय जैसे चर्चों से लॉकडाउन का पालन कराया गया था, वैसे रमजान के दौरान मस्जिदों में कराया जाएगा या नहीं।

कोरोना वायरस को लेकर मीडिया को सम्बोधित कर रहे ट्रम्प ने कहा कि ईस्टर और रमजान के समय पुलिस-प्रशासन के बर्ताव में कुछ अंतर आ सकता है। ट्रम्प ने कहा कि वो अमेरिका में सालों से इस तरह के व्यवहार में गहरी असमानता देखते आ रहे हैं, इसीलिए रमजान के वक़्त ही पता चलेगा कि समुदाय विशेष से लॉकडाउन का पालन कैसे कराया जाता है। एक पत्रकार ने जब ट्रम्प से पूछा कि क्या वो ऐसा सोचते हैं कि मजहब के नेता लॉकडाउन का पालन नहीं करेंगे, तो ट्रम्प ने कहा कि नहीं वो ऐसा कुछ भी नहीं सोचते।

ट्रम्प ने बताया कि उन्होंने इमामों और नेताओं से फोन पर बातचीत की है। उन्होंने कहा कि पता नहीं इस देश के साथ क्या हो रहा है कि ईसाई समुदाय के साथ ठीक से व्यवहार नहीं किया जाता, अच्छी तरह से ट्रीट नहीं किया जाता। बता दें कि 12 अप्रैल को ईस्टर के मौके पर देश भर में ईसाईयों को लॉकडाउन का पालन करने की सलाह दी गई थी लेकिन कुछ जगहों पर इसके उल्लंघन की ख़बर आई। ‘इस्लामिक सोसाइटी ऑफ नार्थ अमेरिका’ ने समुदाय विशेष को सलाह दी है कि वो घर में ही नमाज पढ़ें और समूह में जुट कर दुआ वगैरह न करें।

अमेरिका में कोरोना से हालत बदतर

पूरे अमेरिका में अब तक कोरोना वायरस के 7,95,602 मामले आ गए हैं। इनमें से 43,177 लोगों की मौत हो चुकी है। हालाँकि, 72,561 लोग ठीक भी हुए हैं लेकिन अब भी 6,79,874 मामले सक्रिय हैं। डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि वो लोग चर्चों के मामले में तो आगे आते हैं लेकिन मस्जिदों की बात आते ही पीछे हट जाते हैं। उन्होंने कहा कि वो इस ट्रेंड को देख रहे है। रमजान गुरुवार (अप्रैल 23, 2020) को शुरू हो रहा है।

बता दें कि भारत ने भी आपदा की इस घड़ी में अमेरिका की मदद की है और हाइड्रोक्सीक्लोरोक्विन की एक बड़ी खेप यूएसए को भेजने का निर्णय लिया गया। इसके बाद राष्ट्रपति ट्रम्प ने पीएम मोदी को धन्यवाद भी दिया था। उससे पहले ख़ुद ट्रम्प भारत दौरे पर आए थे, जब दोनों देशों के बीच कई डील साइन किए गए थे। कोरोना आपदा के बीच भी पीएम मोदी और प्रेजिडेंट ट्रम्प की फोन पर बातचीत हुई थी

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘एंजेल टैक्स’ खत्म होने का श्रेय लूट रहे P चिदंबरम, भूल गए कौन लेकर आया था: जानिए क्या है ये, कैसे 1.27 लाख StartUps...

P चिदंबरम ने इसके खत्म होने का श्रेय तो ले लिया, लेकिन वो इस दौरान ये बताना भूल गए कि आखिर ये 'एंजेल टैक्स' लेकर कौन आया था। चलिए 12 साल पीछे।

पत्रकार प्रदीप भंडारी बने BJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता: ‘जन की बात’ के जरिए दिखा चुके हैं राजनीतिक समझ, रिपोर्टिंग से हिला दी थी उद्धव...

उन्होंने कर्नाटक स्थित 'मणिपाल इन्सिटटे ऑफ टेक्नोलॉजी' (MIT) से इलेक्ट्रॉनिक एवं कम्युनिकेशंस में इंजीनियरिंग कर रखा है। स्कूल में पढ़ाया भी।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -