Tuesday, April 23, 2024
Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीयपाकिस्तान के ग्वादर में हजारों लोग सड़कों पर उतरे, चीन के बढ़ते दखल से...

पाकिस्तान के ग्वादर में हजारों लोग सड़कों पर उतरे, चीन के बढ़ते दखल से स्थानीय लोग परेशान, सरकार बेबस

चीन ने 2015 में पाकिस्तान में 46 अरब डॉलर की चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (सीपीईसी) परियोजना की घोषणा की थी, जिसमें बलूचिस्तान भी शामिल है। चीन के अरबों डॉलर के निवेश के बाद होने वाले शोषण से स्थानीय लोग परेशान हैं।

पाकिस्तान में बलूचिस्तान के ग्वादर शहर में चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (सीपीईसी) को लेकर हजारों की संख्या में लोगों का धरना-प्रदर्शन जारी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, स्थानीय लोग ये प्रदर्शन इसलिए कर रहे हैं, क्योंकि वे अनावश्यक चौकियों और बिजली-पानी की भारी कमी के साथ-साथ चीन की अरबों डॉलर की बेल्ट और सड़क परियोजनाओं के खिलाफ हैं। इसके अलावा, स्थानीय लोग मछलियों के अवैध शिकार से आजीविका पर उठे खतरे को लेकर भी भड़के हुए हैं। लोगों का यह भी कहना है कि उन्हें स्वास्थ्य एवं शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं से भी वंचित रखा गया है।

एक्सप्रेस ट्रिब्यून के अनुसार, अपनी माँगों को लेकर स्थानीय लोगों का प्रदर्शन शनिवार (20 नवंबर 2021) को तीसरे दिन भी जारी रहा। ग्वादर के लोगों द्वारा ‘ग्वादर को अधिकार दें’ नाम से निकाली गई रैली का नेतृत्व जमात-ए-इस्लामी (JI) बलूचिस्तान के प्रांतीय महासचिव मौलाना हिदायत-उर-रहमान कर रहे हैं। मौलाना हिदायत ने कहा कि जब तक उनकी माँगे पूरी नहीं हो जाती, तब तक विरोध जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि सरकार इस क्षेत्र में रहने वाले स्थानीय लोगों की समस्याओं को हल करने के प्रति गंभीर नहीं है। रहमान ने ग्वादर के लोगों की बुनियादी समस्याओं को हल करने में विफल रहने के लिए पहले भी सरकार की कड़ी आलोचना की है।

प्रदर्शनकारी माँग है कि सभी अनावश्यक चौकियों को हटाया जाए और अवैध मछलियों के शिकार को रोका जाए, जिससे स्थानीय मछुआरों को काफी नुकसान हो रहा है। पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के मुख्यमंत्री जाम कमाल खान अयलानी द्वारा भेजा गया एक प्रतिनिधिमंडल भी इन प्रदर्शनकारियों को समझा पाने में नाकाम रहा। विरोध प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे तब तक विरोध-प्रदर्शन करते रहेंगे, जब तक सरकार उनकी माँगों को स्वीकार नहीं कर लेती।

इससे पहले भी हो चुका है विरोध-प्रदर्शन

इससे पहले अगस्त 2021 में पाकिस्तान के ग्वादर में सैकड़ों लोगों ने चीनी ट्रॉलरों द्वारा अवैध रूप से मछली पकड़ने का विरोध किया था, लेकिन पाकिस्तान सरकार ने लोगों की माँगों की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया। चीन ने 2015 में पाकिस्तान में 46 अरब डॉलर की चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (सीपीईसी) परियोजना की घोषणा की थी, जिसमें बलूचिस्तान भी शामिल है। चीन के अरबों डॉलर के निवेश के बाद होने वाले शोषण से स्थानीय लोग परेशान हैं।

बलूचिस्तान के स्थानीय मछुआरे मछली पकड़ने वाले चीन के विशाल जहाजों के आने से खुद को बेबस महसूस कर रहे हैं। इससे उनके रोजगार पर संकट खड़ा हो गया है। चीन ने पाकिस्तानी समुद्र तट को भी तहस-नहस कर दिया है। पाकिस्तानी मछुआरा समुदाय चिंतित है, क्योंकि प्रत्येक चीनी पोत एक पाकिस्तानी नाव की तुलना में दस गुना अधिक मछली पकड़ सकता है। बता दें कि CPEC को लेकर भारत ने भी चीन का विरोध किया है, क्योंकि यह पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) से होकर गुजरता है।

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘नरेंद्र मोदी ने गुजरात CM रहते मुस्लिमों को OBC सूची में जोड़ा’: आधा-अधूरा वीडियो शेयर कर झूठ फैला रहे कॉन्ग्रेसी हैंडल्स, सच सहन नहीं...

कॉन्ग्रेस के शासनकाल में ही कलाल मुस्लिमों को OBC का दर्जा दे दिया गया था, लेकिन इसी जाति के हिन्दुओं को इस सूची में स्थान पाने के लिए नरेंद्र मोदी के मुख्यमंत्री बनने तक का इंतज़ार करना पड़ा।

‘खुद को भगवान राम से भी बड़ा समझती है कॉन्ग्रेस, उसके राज में बढ़ी माओवादी हिंसा’: छत्तीसगढ़ के महासमुंद और जांजगीर-चांपा में बोले PM...

PM नरेंद्र मोदी ने आरोप लगाया कि कॉन्ग्रेस खुद को भगवान राम से भी बड़ा मानती है। उन्होंने कहा कि जब तक भाजपा सरकार है, तब तक आपके हक का पैसा सीधे आपके खाते में पहुँचता रहेगा।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
282,677FollowersFollow
417,000SubscribersSubscribe