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Zoom पर बाइबिल क्लास में हैकर ने चला दी Porn क्लिप: पवित्रता भंग करने को लेकर चर्च ने ऐप से माँगा हर्जाना

चर्च ने गोपनीयता के उल्लंघन के लिए Zoom ऐप से हर्जाना माँगा है। साथ ही अदालत से याचना की है कि वह शिकायतों पर लापरवाही बरतने से कंपनी को रोकने का निर्देश दे।

Zoom ऐप बाइबिल क्लास को हैक कर Porn क्लिप (अश्लील वीडियो) चलाने की घटना सामने आई है। चर्च ने इस मामले में अदालत का सहारा लिया है। चर्च ने बाइबिल क्लास के दौरान पोर्नोग्राफी के प्रसारण पर ‘Zoombombing’ का मुकदमा दर्ज कराया है।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग जूम ऐप (Zoom) के खिलाफ शिकायतों में अब सैन फ्रांसिस्को के सबसे पुराने चर्चों में से एक चर्च भी शामिल हो गया है। चर्च ने दावा किया है कि ‘ज़ूमिंग’ सुरक्षा कारणों से सुरक्षित नहीं है।

चर्च द्वारा संघीय अदालत में दायर की गई एक शिकायत के अनुसार, यह घटना 6 मई को हुई थी। कुछ साइबर हमलावरों ने एक बाइबिल क्लास को हैक कर लिया था। हैकर्स द्वारा इस बाइबिल क्लास में शमिल लोगों की स्क्रीन से स्क्रीन कंट्रोल बटन भी गायब कर दिए गए, जिसके बाद स्क्रीन पर पोर्न क्लिप (अश्लील वीडियो) दिखाई देने लगी।

चर्च का कहना है कि उनकी क्लास के दौरान यह दो बार हो चुका है, जिस कारण क्लास को रद्द करना पड़ा। कम्प्लेन में कहा गया है, “वीडियो बहुत ही बुरे थे। वयस्क लोग नवजात और बच्चों के साथ यौन क्रियाएँ कर रहे थे। इसके साथ ही वो उन्हें शारीरिक रूप से प्रताड़ित भी कर रहे थे।”

दायर की गई याचिका में ज़ूम ऐप पर ‘चर्च की पवित्रता’ को भंग करने का आरोप लगाया गया है।

चर्च ने अपनी शिकायत में आगे कहा है कि इस वर्चुअल क्लास, जिनमें से ज्यादातर वरिष्ठ नागरिक थे, को बंद करने के तुरंत बाद सेंट पॉलुस लुथरन चर्च (Saint Paulus Lutheran Church) ने ज़ूम वीडियो कम्युनिकेशंस (Zoom Video Communications Inc) से संपर्क किया, लेकिन ‘ज़ूम’ ने शिकायत पढ़ने के बाद भी कुछ नहीं किया।

चर्च के अनुसार, कंपनी ने उनसे कहा कि ऐसा करने वाला एक ‘ज्ञात अपराधी’ था और उसे ब्लॉक कर दिया गया है। लेकिन उन्होंने वीडियोकॉन्फ्रेंसिंग की सुरक्षा में सुधार करने के लिए कोई कार्रवाई करने से इनकार कर दिया।

चर्च गोपनीयता के उल्लंघन के लिए ज़ूम ऐप से हर्जाने की माँग कर रहा है और अदालत से याचना की है कि वह शिकायतों पर लापरवाही बरतने से कंपनी को रोकने का निर्देश दे।

उल्लेखनीय है कि कोरोना वायरस के कारण जारी बंद के दौरान कई देशों में शैक्षिणिक संस्थानों, सरकारी और निजी क्षेत्रों में ज़ूम ऐप की लोकप्रियता बढ़ी है।

हालाँकि, ऐप से संबंधित कई सुरक्षा सम्बन्धी मामले भी सामने आए हैं। ‘ज़ूमबॉम्बिंग’ यानी, हैक कर के ऐप उपयोगकर्ता का डेटा बेचने के लिए उनके निजी चैट रूम में घुसना आदि शिकायतें बड़ी मात्र में दर्ज की गई हैं।

हाल ही में भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा एक नई एडवाइजरी जारी कर कहा गया था कि किसी भी व्यक्ति के लिए जूम ऐप एक सुरक्षित प्लेटफॉर्म नहीं है, इसलिए उपयोगकर्ता जूम ऐप का इस्तेमाल निजी कार्यों के लिए न करें।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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