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पाकिस्तान के भिखारियों से परेशान सऊदी अरब, भारतीय मुस्लिमों को भी हज के लिए नहीं देगा वीजा: जानिए क्यों 14 देशों के ज़ाइरीन पर लगाया बैन

हर साल बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक हज यात्रा के लिए सऊदी अरब जाते हैं। साल 2024 में एक लाख 75 हजार लोग हज के लिए गए थे।

हर साल लाखों मुस्लिम हज और उमराह के लिए सऊदी अरब जाते हैं। लेकिन, इस बार सऊदी सरकार ने कड़ा कदम उठाते हुए भारत समेत 14 देशों के लोगों के लिए वीज़ा जारी करने पर अस्थायी रोक लगा दी है। सरकार का कहना है कि इन देशों के कई लोग वीज़ा नियमों का पालन नहीं करते और हज में बिना पंजीकरण किए शामिल हो जाते हैं। इस बार सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि अगर अब बिना रजिस्ट्रेशन हज में शामिल पाए गए तो पाँच साल तक सऊदी अरब में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।

रिपोर्ट्स के अनुसार, सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने अधिकारियों को हज यात्रा के सुचारू और सुरक्षित संचालन की गारंटी के लिए सख्त वीज़ा नियम लागू करने का निर्देश दिए है। यह प्रतिबंध जून के मध्य तक रहेगा। लगभग उसी समय, जब इस साल की हज यात्रा समाप्त होगी। जिन वीजा पर रोक लगाई गई है, उनमें उमराह वीजा के साथ-साथ बिजनेस और फैमिली विजिट वीजा भी शामिल हैं।

किन देशों पर लगी है पाबंदी?

सऊदी सरकार ने अधिकारिक तौर पर बताया कि भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, इंडोनेशिया, नाइजीरिया, मिस्र, मोरक्को, इथियोपिया, अल्जीरिया, इराक, जॉर्डन सूडान ट्यूनिशिया और यमन के नागरिकों के लिए वीज़ा पर रोक लगाई गई है। अब इन देशों के मुस्लिम नागरिकों को 13 अप्रैल, 2025 तक ही उमराह वीज़ा मिलेगा। इसके बाद हज खत्म होने तक वीज़ा नहीं दिया जाएगा।

क्यों लगाना पड़ा प्रतिबंध?

सऊदी अधिकारियों ने यह कदम लोगों को आधिकारिक अनुमति के बिना हज करने की कोशिश करने से रोकने के लिए उठाया गया है। अधिकारियों का कहना है कि इससे भीड़ और अव्यवस्था बढ़ती है, जिससे गंभीर हादसे होते हैं। इसके अलावा, कुछ लोग हज या उमराह के नाम पर भीख माँगने जैसे काम में भी शामिल पाए गए हैं।

कई लोग उमराह या टूरिस्ट वीज़ा लेकर सऊदी अरब पहुँचते थे और वहाँ रुककर हज में भी हिस्सा लेते थे जबकि हर देश के लिए हज का एक तय कोटा होता है। इससे न केवल नियमों का उल्लंघन होता है बल्कि सुविधाओं पर बोझ भी बढ़ता है।

पिछले साल हज में हुई कई मौतें

बता दें कि वर्ष 2024 के हज के दौरान भारी भीड़ और गर्मी के चलते लगभग 1301 लोगों की मौत हुई थी। सऊदी सरकार का मानना है कि नियम तोड़ने वाले यात्रियों के कारण ये हादसा हुआ था। बिना रजिस्ट्रेशन के भाग लेने वालों की वजह से भीड़ बढ़ी, जिससे स्वास्थ्य और ट्रांसपोर्ट की व्यवस्था बिगड़ गई। इसी को देखते हुए 2025 की आगामी हज में व्यवस्था बनाए रखने के लिए वीज़ा पर रोक लगाने का निर्णय लिया गया है।

हज यात्रा पर जाने वाले भारतीयों की मौत का आँकड़ा

विदेश मंत्रालय के अनुसार, हर साल बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक हज यात्रा के लिए सऊदी अरब जाते हैं। साल 2024 में एक लाख 75 हजार लोग हज के लिए गए थे, जिसमें 98 भारतीयों ने जाने गँवाई थी। साल 2023 में 187 नागरिकों की हज यात्रा के दौरान मौत हुई थी। इस्लाम के 5 स्तंभों में से हज प्रमुख स्तंभ माना जाता है। जो मुस्लिम लोग शारीरिक और वित्तिय रूप से सक्षम हैं उन्हें हज पर जाना अनिवार्य होता है।

सऊदी अरब ने पाकिस्तानी भिखारियों को दी चेतावनी

सऊदी अरब ने सितंबर 2024 में पाकिस्तान को उमराह के बहाने देश में प्रवेश करने वाले पाकिस्तानी नागरिकों को लेकर चेतावनी दी। पाकिस्तान के एक्सप्रेस ट्रिब्यून अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, “सऊदी हज मंत्रालय ने पाकिस्तान के धार्मिक मामलों के मंत्रालय को चेतावनी जारी की, जिसमें पाकिस्तानी भिखारियों को उमराह वीजा के तहत राज्य में प्रवेश करने से रोकने के लिए कार्रवाई करने का आग्रह किया गया है।”

इसके जवाब में पाकिस्तान के धार्मिक मामलों के मंत्रालय ने ‘उमराह अधिनियम’ को लागू करने की योजना बनाने की घोषणा की ताकि उन्हें कानूनी निगरानी में लाया जा सके।

गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने सऊदी राजदूत नवाफ बिन सईद अहमद अल-मल्की को आश्वासन दिया कि सऊदी अरब में भिखारियों को भेजने वाले जिम्मेदार आपराधिक नेटवर्क के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। संघीय जांच एजेंसी (FIA) को इस कार्रवाई का नेतृत्व करने का काम सौंपा गया है, जिसका उद्देश्य उन माफियाओं को खत्म करना है जो राज्य में भिखारियों के अवैध प्रवेश की सुविधा प्रदान करते हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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