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नाइटक्लब से निकलीं 22 लाशें, किसी पर चोट या घाव के निशान नहीं: टेबल-कुर्सियों पर बिखरे पड़े थे शव, मरने वालों में 17 बच्चे

पूर्व केप शहर के पुलिस कमिश्नर नोमथेलेली मेने के मुताबिक, शुरुआती रिपोर्ट में कार्यक्रम वाली जगह पर भगदड़ भी मची थी।

दक्षिण अफ्रीका (South Africa) के ईस्ट लंदन शहर के एन्योबेनी टैवर्न में रविवार (26 जून 2022) को एक नाइट क्लब में ‘मास प्वॉइजनिंग’ (Mass Poisoning) की घटना हुआ हुई है। इस घटना में कम से कम 22 लोगों की मौत हो गई है। जहर से हुई मौत के बाद ‘टेबल और कुर्सियों पर शव बिखरे रहे’।

रिपोर्ट के मुताबिक, ये घटना सीनरी पार्क स्थित क्लब की बताई जा रही है। पुलिस का कहना है कि इस हादसे में जिन लोगों की मौत हुई उनमें से अधिकतर 18-20 साल की उम्र के युवा हैं। इस घटना को लेकर ब्रिगेडियर टेम्बिंकोसी किनाना का कहना है कि जिन परिस्थितियों में वे मारे गए हैं, इसकी जाँच कर रहे हैं। हम इस स्तर पर कोई कयास नहीं लगाना चाहते।

पूर्व केप शहर के पुलिस कमिश्नर नोमथेलेली मेने के मुताबिक, शुरुआती रिपोर्ट में कार्यक्रम वाली जगह पर भगदड़ भी मची थी। हालाँकि, मारे गए लोगों के शरीर पर किसी भी तरह के घाव या चोट के कोई भी निशान नहीं थे। कई रिपोर्ट्स ये दावे जरूर किए गए हैं कि घटना के बाद भगदड़ मच गई और इस चक्कर में कइयों की मौत हुई। पुलिस के एक प्रवक्ता ने बताया है कि मरने वालों में 17 बच्चे थे।

घटना के मरने वालों के परिजन रोते-बिलखते पुलिस अधिकारियों से अंदर जाने देने की मिन्नते करते रहे। उन्होंने अपने बच्चों के नाम लेकर उन्हें बुलाया, लेकिन कोई जिंदा था ही नहीं। मौके पर भारी संख्या में पुलिस बलों को तैनात किया गया है।

बताया जाता है कि एक या दो डीजे नाइटक्लब में बज रहे थे, जिससे आकर्षित होकर वहाँ बड़ी संख्या में युवाओं की भीड़ इकट्ठी हो गई थी।

22 साल पुराना जख्म ताजा हुआ

मार्च 2000 में भी ऐसी ही एक घटना हुई थी। उस दौरान दक्षिण अफ्रीका के चैट्सवर्थ में थ्रोब नाइट क्लब में एक आँसू गैस के कनस्तर में विस्फोट के कारण भगदड़ मच गई थी। इसके कारण 13 बच्चों की मौत हो गई थी। 100 से अधिक घायल हुए थे। इससे सबसे कम उम्र के मृतक की आयु 11 साल थी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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