Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीयलड़कियों को 'सेक्स स्लेव' बनाने के लिए घर से उठा रहा तालिबान, सड़कों पर...

लड़कियों को ‘सेक्स स्लेव’ बनाने के लिए घर से उठा रहा तालिबान, सड़कों पर लाशों का ढेर: क्रिकेटर राशिद खान ने लगाई मदद की गुहार

अपने 6 बच्चों को लेकर कुंडुज छोड़कर आईं 36 वर्षीय फरीबा बताती हैं कि उनके शहर में तालिबान के कब्जा करने के बाद सड़कों पर लाशों के ढेर लगे हुए हैं और कुत्ते उन्हें नोच रहे हैं। कुंडुज शहर के ही मीरवाइज खान ने बताया कि तालिबान ने एक नाई को सिर्फ इसलिए मार दिया क्योंकि...

अफगानिस्तान में अमेरिकी सेनाओं की वापसी के साथ शुरू हुआ संघर्ष लगातार बढ़ता ही जा रहा है। तालिबान की क्रूरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अफगानिस्तान में सड़कों पर लाशों के ढ़ेर लगे हुए हैं। इसके अलावा लड़कियों का अपहरण किया जा रहा है ताकि तालिबानी लड़ाकों से उनका निकाह कराया जा सके। इसी के चलते अफगानिस्तान के क्रिकेटर राशिद खान ने वैश्विक नेताओं से अपील कर उनके देश को बचाने की गुहार लगाई है।

कट्टरपंथी इस्लामिक संगठन तालिबान और अफगानिस्तान की सेनाओं के बीच चल रहे संघर्ष का खामियाजा अफगानी लोगों को भुगतना पड़ रहा है। तालिबान पूरे देश पर कब्ज़ा करना चाहता है और इसके लिए वह आम जनता पर भी क्रूरतम अत्याचार कर रहा है। हजारों की संख्या में अफगानी अपने घरों को छोड़ रहे हैं और सुरक्षित स्थानों की तलाश में हैं। इन्हीं लोगों में से कई ने न्यूज एजेंसी AFP से अपनी आपबीती बताई।

अपने 6 बच्चों को लेकर कुंडुज छोड़कर आईं 36 वर्षीय फरीबा बताती हैं कि उनके शहर में तालिबान के कब्जा करने के बाद सड़कों पर लाशों के ढेर लगे हुए हैं और कुत्ते उन्हें नोच रहे हैं। कुंडुज शहर के ही मीरवाइज खान ने बताया कि तालिबान ने एक नाई को सिर्फ इसलिए मार दिया क्योंकि उन्हें शक था कि वह सरकार के लिए काम करता है जबकि वास्तविकता में सिर्फ नाई ही था। खान ने बताया कि तालिबानी आतंकी उन लोगों को भी मार रहे हैं जो 4-5 साल पहले ही सरकार के लिए काम करना छोड़ चुके हैं।

25 वर्षीय विधवा मारवा ने तलोकान इसलिए छोड़ दिया क्योंकि उन्हें डर था कि उन्हें तालिबानी लड़ाकों से निकाह के लिए मजबूर किया जाएगा। उन्होंने बताया कि उनकी 16 वर्षीय चचेरी बहन को तालिबानियों ने अगवा कर लिया ताकि उसका निकाह किसी तालिबानी आतंकी से कराया जा सके। इसके अलावा बताया जा रहा है कि जिसके घर में दो लड़कियाँ हैं उनमें से एक तालिबानी आतंकियों से निकाह के लिए ले जाते हैं जबकि अगर दो लड़के हैं तो एक को तालिबान की तरफ से लड़ने के लिए ले जाया जाता है।

द सन की एक रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि तालिबान घर-घर जाकर लड़कियों को उठा रहा है ताकि उन्हें आतंकियों का ‘सेक्स गुलाम (स्लेव)’ बनाया जा सके। काबुल भागकर आए लोग कहते हैं कि शांति की कोई उम्मीद नहीं दिख रही है और जब तालिबानी एक दिन काबुल तक कब्जा करने पहुँच जाएँगे तो वो कहाँ जाएँगे?

इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में खेलने वाले अफगानिस्तान के स्टार खिलाड़ी राशिद खान ने अपने देश के इन्हीं हालातों के मद्देनजर बाकी देशों के नेताओं से मदद की अपील की है। उन्होंने ट्वीट करके कहा, “मेरा देश संकट में है। महिलाओं और बच्चों समेत हजारों लोग मारे जा रहे हैं, बेघर हो रहे हैं और घरों संपत्तियों को नष्ट किया जा रहा है। हमें संकट में मत छोड़िए। अफगानी लोगों को मारना और अफगानिस्तान को बर्बाद करना बंद कीजिए। हम शांति चाहते हैं।”

ज्ञात हो कि तालिबानी अत्याचारों से तंग आकर अब आम नागरिकों ने हथियार उठाना शुरू कर दिया है। साथ ही अफगानी सेना भी तालिबान के खिलाफ लगातार संघर्ष कर रही है और कई मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पिछले कई दिनों में कड़ी कार्रवाई करते हुए अफगानी सेना ने सैकड़ों तालिबानी आतंकियों का सफाया भी किया है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -