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कंधार पर भी तालिबानी कब्जा, 12 प्रांतीय राजधानी आतंकी चंगुल में… अपने लोगों को निकाल भाग रहा अमेरिका

तालिबान ने अफगानिस्तान की 11 प्रांतीय राजधानियों पर एक सप्ताह में ही कब्जा कर लिया। कंधार अफगानिस्तान का दूसरा सबसे बड़ा शहर है। इसके कब्जे के साथ ही वहाँ की 34 में से 12वीं प्रांतीय राजधानी पर तालिबानी कब्जा हो गया।

अफगानिस्तान में तालिबान का आतंक दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। तालिबानी आतंकी अफगानिस्तान के एक के बाद एक शहर पर कब्जा करते जा रहे हैं। तालिबानी आतंकियों ने अफगानिस्तान में गुरुवार (12 अगस्त) रात एक और प्रांतीय राजधानी कंधार पर कब्जा कर लिया। कंधार अफगानिस्तान का दूसरा सबसे बड़ा शहर है और देश की 34 में से 12वीं प्रांतीय राजधानी भी है।

इससे पहले तालिबान ने अफगानिस्तान की 11 प्रांतीय राजधानियों पर एक सप्ताह में ही कब्जा कर लिया। देश में स्थिति बिगड़ते देख, अमेरिका ने अफगानिस्तान में अतिरिक्त 3,000 सैनिकों को भेजने की योजना बनाई है। हालाँकि ये सैनिक तालिबानियों से लड़ने नहीं बल्कि अपने नागरिकों को अफगानिस्तान से सुरक्षित निकालने जा रहे हैं। पेंटागन के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने कहा कि तीन बटालियन, एक अमेरिकी सेना और दो मरीन, काबुल के हामिद करजई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर जाएँगे, जहाँ सैन्य परिवहन विमान इंतजार कर रहे होंगे।

गजनी सिटी और हेरात पर तालिबानी कब्जा

आतंकी संगठन तालिबान ने गुरुवार को गजनी प्रांत की राजधानी गजनी सिटी पर कब्जा करने के बाद अफगानिस्तान के तीसरे सबसे बड़े शहर हेरात पर भी कब्जा जमा लिया।। इस शहर पर कब्जे के साथ ही तालिबान अफगानिस्तान की राजधानी काबुल के और करीब पहुँच गया है। गजनी के सांसद मुहम्मद आरिफ रहमानी ने बताया कि यह शहर आतंकियों के नियंत्रण में आ गया है, जबकि गजनी की प्रांतीय परिषद के सदस्य अमानुल्लाह कामरानी ने कहा कि शहर के बाहर स्थित दो सैन्य ठिकानों पर अभी भी अफगान सेना का ही नियंत्रण है।

गवर्नर तालिबान से सौदा कर हुए फरार

तालिबान ने इससे पहले 12 अगस्त को अफगानिस्तान के निमरोज प्रांत की राजधानी जरंज पर अपना आधिपत्य स्थापित कर लिया और गवर्नर के पैलेस पर भी कब्जा कर लिया। अमानुल्लाह कामरानी ने आरोप लगाया है कि गजनी प्रांत के गवर्नर और पुलिस प्रमुख ने सरेंडर करने के बाद तालिबान से सौदा कर फरार हो गए हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, तालिबान आतंकियों ने सौदे के तहत गवर्नर के काफिले को भी नहीं रोका। इधर, हेलमंड की राजधानी लश्कर गाह में अफगान बलों और तालिबान के बीच लड़ाई चल रही है। बताया जा रहा है कि जरंज पर तालिबान का कब्जा हो जाने के बाद ईरान में भारत की महत्वाकांक्षी परियोजना ‘चाबहार पोर्ट’ प्रभावित हो सकती है, क्योंकि जरंज के साथ भारत के भी हित जुड़े हुए हैं। 

काबुल को तालिबान अलग-थलग कर देगा: अमेरिका

अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने बताया कि एक अमेरिकी सुरक्षा अधिकारी ने अंदेशा जाहिर किया है कि अगले 30 दिनों के अंदर राजधानी काबुल को तालिबान अलग-थलग कर देगा और 90 दिनों के अंदर वह मुल्क की राजधानी काबुल पर कब्जा कर लेगा। 

गौरतलब है कि बुधवार (11 अगस्त) को तालिबानी आतंकियों ने अफगान के कुंदुज प्रांत के अधिकतर हिस्से पर कब्जा जमा लिया। यानी अब कुंदुज एयरपोर्ट भी अफगानिस्तान के हाथ से निकल गया है। यही नहीं भारतीय वायु सेना द्वारा अफगान सेना को गिफ्ट किया गया Mi-35 हिंद अटैक हेलिकॉप्टर को भी तालिबानी आतंकियों ने अपने कब्जे में ले लिया है। एमआई-35 को रूस द्वारा डिजाइन किया गया था।

कब्जे वाले एयरपोर्ट से इसकी वीडियो और तस्वीरें सामने आई हैं, जिसमें तालिबानी आतंकी गनशिप की रखवाली कर रहे हैं। हालाँकि, हेलीकॉप्टर के इंजन और महत्वपूर्ण पार्ट्स गायब दिख रहे हैं। वीडियो और फोटो को बारीकी से देखने पर पता चलता है कि रोटर ब्लेड जमीन पर, हेलीकॉप्टर के नीचे रखे गए थे।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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