Thursday, May 23, 2024
Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीयभविष्य देखना है तो भारत आइए, मैं भाग्यशाली जो मुझे मिल रहा यह मौका:...

भविष्य देखना है तो भारत आइए, मैं भाग्यशाली जो मुझे मिल रहा यह मौका: अमेरिकी राजदूत एरिक गारसेटी, कहा- हम यहाँ नसीहत देने नहीं, सीखने आते हैं

अमेरिकी राजदूत ने कहा कि हम यहाँ (भारत में) लोगों को नसीहत देने नहीं बल्कि समझने और सीखने आते हैं। गारसेटी ने यहाँ स्वामी विवेकानंद भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने अमेरिका में 'उठो, जागो और लक्ष्य की प्राप्ति तक संघर्ष करो' का संदेश दिया था, हमें भी बेहतर भविष्य के लिए यही करना होगा।"

नई दिल्ली में अमेरिका के राजदूत एरिक गारसेटी ने कहा है कि अगर कोई भविष्य को देखना और महसूस करना चाहता है तो उसे भारत आना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि वह भारत में अमेरिका का राजदूत बन कर अपने आप को भाग्यशाली मानते हैं।

अमेरिका के राजदूत एरिक गारसेटी ने दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में यह बातें कहीं। उन्होंने कहा,”यदि आप भविष्य देखना चाहते हैं, तो भारत आइए। यदि आप भविष्य को महसूस करना चाहते हैं, तो भारत आइए। यदि आप भविष्य पर काम करना चाहते हैं, तो भारत आइए। अमेरिकी दूतावास के मुखिया के रूप में हर दिन ऐसा करने में मैं सक्षम हूँ और इस कारण से अपने को मैं भाग्यशाली मानता हूँ।”

उन्होंने यह भी कहा कि हम यहाँ (भारत में) लोगों को नसीहत देने नहीं बल्कि समझने और सीखने आते हैं। गारसेटी ने यहाँ स्वामी विवेकानंद भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने अमेरिका में ‘उठो, जागो और लक्ष्य की प्राप्ति तक संघर्ष करो’ का संदेश दिया था, हमें भी बेहतर भविष्य के लिए यही करना होगा।”

अमेरिकी राजदूत के अलावा इस कार्यक्रम में अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलीवान भी शामिल हुए। उन्होंने और अमेरिका के रिश्तों को लेकर कहा, “अमेरिका और BRICS समूह के सदस्य भारत के बीच तकनीक समेत तमाम क्षेत्रों में सहयोग ऊँचाइयों पर पहुँचा हैं।”

गौरतलब है कि बीते कुछ महीनों में भारत और अमेरिका के रिश्तों में उतार चढ़ाव देखने को मिले हैं। इन उतर चढ़ावों की बड़ी वजह खालिस्तानी आतंकवादी गुरवतपन्त सिंह पन्नू है। उसको मारने के प्रयास का आरोप खुफिया एजेंसियों पर लगा था, इसको लेकर दोनों देश जाँच कर रहे हैं।

अमेरिकी राजदूत गारसेटी को भी लेकर भारत में मिश्रित भाव देखने को मिला है। कुछ क्षेत्रों में उनके कार्यकाल के दौरान काफी प्रगति हुई है जबकि उनकी कुछ टिप्पणियों को लेकर विवाद भी हुआ है। पन्नू मामले को लेकर उन्होंने सीमा ना लांघने वाला बयान दिया था जिस पर काफी विवाद हुआ था।

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

मी लॉर्ड! भीड़ का चेहरा भी होता है, मजहब भी होता है… यदि यह सच नहीं तो ‘अल्लाह-हू-अकबर’ के नारों के साथ ‘काफिरों’ पर...

राजस्थान हाईकोर्ट के जज फरजंद अली 18 मुस्लिमों को जमानत दे देते हैं, क्योंकि उन्हें लगता है कि चारभुजा नाथ की यात्रा पर इस्लामी मजहबी स्थल के सामने हमला करने वालों का कोई मजहब नहीं था।

‘प्यार से माँगते तो जान दे देती, अब किसी कीमत पर नहीं दूँगी इस्तीफा’: स्वाति मालीवाल ने राज्यसभा सीट छोड़ने से किया इनकार

आम आदमी पार्टी की राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने अब किसी भी हाल में राज्यसभा से इस्तीफा देने से इनकार कर दिया है।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -