Wednesday, January 27, 2021
Home रिपोर्ट अंतरराष्ट्रीय 'किसी भी इस्‍लामी देश में मंदिर बनाए जाने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए,...

‘किसी भी इस्‍लामी देश में मंदिर बनाए जाने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए, न उसके लिए दान’: भगोड़े जाकिर नाइक का बयान

पाकिस्‍तान में मंदिर में तोड़फोड़ की घटना को उच‍ित ठहराते हुए जाकिर नाइक ने कहा कि किसी भी इस्‍लामी देश में मंदिर बनाए जाने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। जाकिर नाईक का यह बयान 30 दिसंबर को पाकिस्‍तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के करक जिले में उन्मादी भीड़ द्वारा मंदिर को हथौड़े से मारकर गिराए जाने की घटना के बाद आया है।

हाल ही में पाकिस्तान के खैबर पख्तूनवा प्रांत के करक जिले में उन्मादी मुस्लिम भीड़ ने अल्लाह-हू-अकबर का नारा लगाते हुए एक हिंदू मंदिर को तहस-नहस कर दिया था। इसके बाद उसे आग के हवाले कर दिया गया। पाकिस्‍तान के मानवाधिकार कार्यकर्ताओं सहित देश में सत्तारूढ़ इमरान खान की अगुवाई वाली पार्टी पाकिस्‍तान तहरीक-ए-इंसाफ ने भी इसकी निंदा की थी, लेकिन भारत से भागकर मलेशिया में शरण लेने वाले विवादित इस्लामिक प्रचारक भगोड़े जाकिर नाइक ने इस शर्मनाक वारदात को जायज ठहराया है।

पाकिस्‍तान में मंदिर में तोड़फोड़ की घटना को उच‍ित ठहराते हुए जाकिर नाइक ने कहा कि किसी भी इस्‍लामी देश में मंदिर बनाए जाने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। जाकिर नाईक का यह बयान 30 दिसंबर को पाकिस्‍तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के करक जिले में उन्मादी भीड़ द्वारा मंदिर को हथौड़े से मारकर गिराए जाने की घटना के बाद आया है। आरोप है कि आतंकी समूह से समर्थन प्राप्त एक स्‍थानीय मौलवी ने लोगों को हिंदू समूदाय के खिलाफ भड़काया और मंदिर गिराने के लिए उकसाया।

इस घटना पर भारत ने कड़ा विरोध दर्ज कराया। भारत ने इस घटना के प्रति कूटनीतिक माध्यमों से पाकिस्तान को नाराज़गी जाहिर की। भारत सरकार के अधिकारी ने बताया, “पाकिस्तान में इस घटना पर आधिकारिक रूप से संज्ञान लिया जा चुका है और इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दर्ज की गई है।” 

गौरतलब है कि इससे पहले उग्र इस्लामी भीड़ ने हथौड़े की मदद से हाल ही में निर्मित कृष्ण मंदिर की दीवार तोड़ दी थी। कट्टरपंथियों की भीड़ की अगुवाई स्थानीय मौलाना और जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम पार्टी (फज़ल रहमान ग्रुप) के समर्थकों ने की थी। भीड़ ने पहले अल्लाह हू अकबर का नारा लगाते मंदिर को आग के हवाले कर दिया और फिर उसे हथियारों से तहस-नहस कर दिया।

इस मौके पर भी इस्लामी कट्टरपंथी नाइक ने विवादित बयान देते हुए कहा था कि पाकिस्तान अपनी राजधानी में श्रीकृष्ण मंदिर बनवाने के लिए पैसे देकर पाप कर रहा है। जाकिर से पूछा गया था, “क्या इस्लाम को मानने वाले मुल्क में मुस्लिम करदाताओं के रुपयों से मंदिर बनाया जा सकता है?” जवाब में उसने कहा था एक मुस्लिम व्यक्ति किसी गैर मुस्लिम पूजा स्थल के निर्माण में दान नहीं कर सकता है। इसके अलावा जाकिर ने कहा था वह ऐसे किसी निर्माण का समर्थन भी नहीं कर सकता।

जाकिर नाइक ने अपने साप्ताहिक कार्यक्रम में बात करते हुए कहा था कि लगभग सभी इमाम और उलेमाओं की इस मुद्दे पर राय एक जैसी है। इस्लाम को मानने वाला कोई भी व्यक्ति किसी गैर मुस्लिम धार्मिक स्थल के निर्माण के लिए दान नहीं कर सकता है। इस बारे में तमाम फ़तवे भी मौजूद हैं। एक मुस्लिम व्यक्ति दूसरे मज़हब के धार्मिक स्थलों के निर्माण का न तो साथ दे सकता है और न ही दान कर सकता है। 

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

 

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

ट्रैक्टर पलटने के बाद जिंदा था ‘किसान’, प्रदर्शनकारी अस्पताल नहीं ले गए… न पुलिस को ले जाने दिया: ‘Times Now’ का खुलासा

उक्त 'किसान' ट्रैक्टर से स्टंट मारते हुए पुलिस बैरिकेडिंग तोड़ रहा था, लेकिन अपनी ही ट्रैक्टर पलटने के कारण खुद उसके नीचे आ गया और मौत हो गई।

11.5% की आर्थिक वृद्धि दर, 2021 में भारत के लिए IMF का अनुमान: एकमात्र बड़ा देश, जो बढ़ेगा दहाई अंकों के साथ

IMF ने भारत की अर्थव्यवस्था को 2021-22 में 11.5 प्रतिशत तक उछाल देने का अनुमान लगाया। वर्ल्ड इकॉनमिक आउटलुक रिपोर्ट में...

153 पुलिसकर्मी घायल, 7 FIR दर्ज: किसी का सर फटा तो कोई ICU में, राकेश टिकैत ने पुलिस को ही दिया दोष

दिल्ली पुलिस ने 'किसानों' द्वारा हुई हिंसा के मामलों को लेकर 7 FIR दर्ज की है। दिन भर चले हिंसा के इस खेल में 153 पुलिसकर्मी घायल हो गए हैं।

Video: किसानों के हमले में दीवार से एक-एक कर गिरते रहे पुलिसकर्मी, 109 घायल

वीडियो में देखा जा सकता है कि भीड़ द्वारा किए गए हमले से पुलिसकर्मी एक-एक कर लाल किले की दीवार से नीचे गिरते जा रहे हैं।

बिहारी-गुजराती-तमिल-कश्मीरी किसान हो तो डूब मरो… क्योंकि किसान सिर्फ पंजाबी-खालिस्तानी होते हैं, वही अन्नदाता हैं

वास्तविकता ये है कि आप इतने दिनों से एक ऐसी भीड़ के जमावड़े को किसान का आंदोलन कहते रहे। जिसकी परिभाषा वामपंथी मीडिया गिरोह और विपक्षियों ने गढ़ी और जिसका पूरा ड्राफ्ट एक साल पहले हुए शाहीन बाग मॉडल के आधार पर तैयार हुआ।

जर्मनी, आयरलैंड, स्पेन आदि में भी हो चुकी हैं ट्रैक्टर रैलियाँ, लेकिन दिल्ली वाला दंगा कहीं नहीं हुआ

दिल्ली में जो आज हुआ, स्पेन, आयरलैंड, और जर्मनी के किसानों ने वो नहीं किया, हालाँकि वो भी अन्नदाता ही थे और वो भी सरकार के खिलाफ अपनी माँग रख रहे थे।

प्रचलित ख़बरें

दिल्ली में ‘किसानों’ ने किया कश्मीर वाला हाल: तलवार ले पुलिस को खदेड़ा, जगह-जगह तोड़फोड़, पुलिस वैन पर पथराव

दिल्ली में प्रदर्शनकारी पुलिस के वज्र वाहन पर चढ़ गए और वहाँ जम कर तोड़-फोड़ मचाई। 'किसानों' द्वारा तलवारें भी भाँजी गईं।

महिला पुलिस कॉन्स्टेबल को जबरन घेर कर कोने में ले गए ‘अन्नदाता’, किया दुर्व्यवहार: एक अन्य जवान हुआ बेहोश

महिला पुलिस को किसान प्रदर्शनकारी चारों ओर से घेरे हुए थे। कोने में ले जाकर महिला कॉन्स्टेबल के साथ दुर्व्यवहार किया गया।

तेज रफ्तार ट्रैक्टर से मरा ‘किसान’, राजदीप ने कहा- पुलिस की गोली से हुई मौत, फिर ट्वीट किया डिलीट

राजदीप सरदेसाई ने तिरंगे में लिपटी मृतक की लाश की तस्वीर अपने ट्विटर अकाउंट से शेयर करते हुए लिखा कि इसकी मौत पुलिस की गोली से हुई है।

दलित लड़की की हत्या, गुप्तांग पर प्रहार, नग्न लाश… माँ-बाप-भाई ने ही मुआवजा के लिए रची साजिश: UP पुलिस ने खोली पोल

बाराबंकी में दलित युवती की मौत के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया। पुलिस ने बताया कि पिता, माँ और भाई ने ही मिल कर युवती की हत्या कर दी।

हिंदुओं को धमकी देने वाले के अब्बा, मोदी को 420 कहने वाले मौलाना और कॉन्ग्रेस नेता: ‘लोकतंत्र की हत्या’ गैंग के मुँह पर 3...

पद्म पुरस्कारों में 3 नाम ऐसे हैं, जो ध्यान खींच रहे- मौलाना वहीदुद्दीन खान (पद्म विभूषण), तरुण गोगोई (पद्म भूषण) और कल्बे सादिक (पद्म भूषण)।

रस्सी से लाल किला का गेट तोड़ा, जहाँ से देश के PM देते हैं भाषण, वहाँ से लहरा रहे पीला-काला झंडा

किसान लाल किले तक घुस चुके हैं और उन्होंने वहाँ झंडा भी फहरा दिया है। प्रदर्शनकारी किसानों ने लाल किले के फाटक पर रस्सियाँ बाँधकर इसे गिराने की कोशिश भी कीं।
- विज्ञापन -

 

ट्रैक्टर पलटने के बाद जिंदा था ‘किसान’, प्रदर्शनकारी अस्पताल नहीं ले गए… न पुलिस को ले जाने दिया: ‘Times Now’ का खुलासा

उक्त 'किसान' ट्रैक्टर से स्टंट मारते हुए पुलिस बैरिकेडिंग तोड़ रहा था, लेकिन अपनी ही ट्रैक्टर पलटने के कारण खुद उसके नीचे आ गया और मौत हो गई।

11.5% की आर्थिक वृद्धि दर, 2021 में भारत के लिए IMF का अनुमान: एकमात्र बड़ा देश, जो बढ़ेगा दहाई अंकों के साथ

IMF ने भारत की अर्थव्यवस्था को 2021-22 में 11.5 प्रतिशत तक उछाल देने का अनुमान लगाया। वर्ल्ड इकॉनमिक आउटलुक रिपोर्ट में...

153 पुलिसकर्मी घायल, 7 FIR दर्ज: किसी का सर फटा तो कोई ICU में, राकेश टिकैत ने पुलिस को ही दिया दोष

दिल्ली पुलिस ने 'किसानों' द्वारा हुई हिंसा के मामलों को लेकर 7 FIR दर्ज की है। दिन भर चले हिंसा के इस खेल में 153 पुलिसकर्मी घायल हो गए हैं।

लालकिला में देर तक सहमें छिपे रहे 250 बच्चे, हिंसा के दौरान 109 पुलिसकर्मी घायल; 55 LNJP अस्पताल में भर्ती

दिल्ली में किसान ट्रैक्टर रैली का सबसे बुरा प्रभाव पुलिसकर्मियों पर पड़ा है। किसानों द्वारा की गई इस हिंसा में 109 पुलिसकर्मी घायल हो गए हैं, जिनमें से 1 की हालात गंभीर बताई जा रही है।

Video: किसानों के हमले में दीवार से एक-एक कर गिरते रहे पुलिसकर्मी, 109 घायल

वीडियो में देखा जा सकता है कि भीड़ द्वारा किए गए हमले से पुलिसकर्मी एक-एक कर लाल किले की दीवार से नीचे गिरते जा रहे हैं।

बिहारी-गुजराती-तमिल-कश्मीरी किसान हो तो डूब मरो… क्योंकि किसान सिर्फ पंजाबी-खालिस्तानी होते हैं, वही अन्नदाता हैं

वास्तविकता ये है कि आप इतने दिनों से एक ऐसी भीड़ के जमावड़े को किसान का आंदोलन कहते रहे। जिसकी परिभाषा वामपंथी मीडिया गिरोह और विपक्षियों ने गढ़ी और जिसका पूरा ड्राफ्ट एक साल पहले हुए शाहीन बाग मॉडल के आधार पर तैयार हुआ।

जर्मनी, आयरलैंड, स्पेन आदि में भी हो चुकी हैं ट्रैक्टर रैलियाँ, लेकिन दिल्ली वाला दंगा कहीं नहीं हुआ

दिल्ली में जो आज हुआ, स्पेन, आयरलैंड, और जर्मनी के किसानों ने वो नहीं किया, हालाँकि वो भी अन्नदाता ही थे और वो भी सरकार के खिलाफ अपनी माँग रख रहे थे।

किसानों के आंदोलन में खालिस्तानी कड़े और नारे का क्या काम?

सवाल उठता है कि जो लोग इसे पवित्र निशान साहिब बोल रहे हैं, वो ये बताएँ कि ये नारा और कड़ा किसका है? यह भी बताएँ कि एक किसान आंदोलन में मजहबी झंडा कहाँ से आया? उसे कैसे डिफेंड किया जाए कि तिरंगा फेंक कर मजहबी झंडा लगा दिया गया?

‘RSS नक्सलियों से भी ज्यादा खतरनाक, संघ समर्थक पैर छूकर गोली मार देते हैं’: कॉन्ग्रेसी सांसद और CM भूपेश बघेल का ज्ञान

कॉन्ग्रेस के सीएम भूपेश ने कहा कि आरएसएस के समर्थक पैर छूकर गोली मार देते हैं। महात्मा गाँधी की हत्या कैसे किया गया था? पहले पैर छुए फिर उनके सीने में गोली मारी।

कैपिटल हिल के लिए छाती पीटने वाले दिल्ली के ‘दंगाइयों’ के लिए पीट रहे ताली: ट्रम्प की आलोचना करने वाले करेंगे राहुल-प्रियंका की निंदा?

कैपिटल हिल वाले अगर दंगाई थे तो दिल्ली के उपद्रवी संत कैसे हुए? ट्रम्प की आलोचना हो रही थी तो राहुल-प्रियंका की निंदा क्यों नहीं? ये दोहरा रवैया अपनाने वाले आज भी फेक न्यूज़ फैलाने में लगे हैं।

हमसे जुड़ें

272,571FansLike
80,695FollowersFollow
386,000SubscribersSubscribe