INX मीडिया स्कैम में चिदंबरम को झटका: दिल्ली हाईकोर्ट ने नहीं दी जमानत, जेल में ही रहना होगा

पूर्व मंत्री पी चिदंबरम वित्त मंत्री रहने के दौरान रिश्वत लेकर INX मीडिया को विदेशी निवेश की स्वीकृति देने के मामले में आरोपित हैं। उनके खिलाफ सीबीआई और ईडी दोनों की अलग-अलग जाँचें चल रहीं हैं।

कॉन्ग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री पी चिदंबरम को INX मीडिया मामले में दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। दिल्ली हाई कोर्ट ने पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री पी चिदंबरम की जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। उन्हें अभी जेल में ही रहना होगा। बता दें कि पी चिदंबरम इस समय आईएनएक्स मीडिया केस से जुड़े ईडी मामले में तिहाड़ जेल में बंद हैं।

दिल्ली हाईकोर्ट ने जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान कहा कि पी चिदंबरम के खिलाफ आरोप बेहद गंभीर हैं और इसमें आरोपित की भूमिका काफी सक्रिय रही है। कोर्ट का कहना था कि अगर इस परिस्थिति में चिदंबरम को जमानत दी जाती है, तो यह जनहित के खिलाफ होगा। इसलिए जनहित को ध्यान में रखते हुए जमानत अर्जी को खारिज किया जाता है।

बता दें कि इससे पहले न्यायमूर्ति सुरेश कैत ने चिदंबरम और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की दलीलें सुनने के बाद जमानत याचिका पर आठ नवंबर को अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था। चिदंबरम ने कोर्ट के सामने यह कहते हुए जमानत का अनुरोध किया था कि साक्ष्य दस्तावेजी प्रकृति के हैं और ये जाँच एजेंसियों के पास हैं। इसलिए, वह उनमें छेड़छाड़ नहीं कर सकते। वहीं, ईडी ने जमानत याचिका का जोरदार विरोध करते हुए दलील दी थी कि वह गवाहों को प्रभावित करने तथा धमकी देने की कोशिश कर सकते हैं।

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उच्च न्यायालय ने एक नवंबर को चिदंबरम की अंतरिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए तिहाड़ जेल अधीक्षक को उन्हें स्वच्छ वातावरण और स्वच्छ पेयजल, घर में पकाया गया भोजन, मच्छरदानी और मच्छर भगाने वाली मशीन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था। ईडी ने चिदंबरम  को 16 अक्टूबर को गिरफ्तार किया था। उन्हें सीबीआई ने आईएनएक्स मीडिया भ्रष्टाचार मामले में 21 अगस्त को गिरफ्तार किया था।

उल्लेखनीय है कि पूर्व मंत्री पी चिदंबरम वित्त मंत्री रहने के दौरान रिश्वत लेकर INX मीडिया को विदेशी निवेश की स्वीकृति देने के मामले में आरोपित हैं। उनके खिलाफ सीबीआई और ईडी दोनों की अलग-अलग जाँचें चल रहीं हैं, जिनमें चिदंबरम की कस्टडी दोनों एजेंसियों के बीच रोटेट हो रही है।

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बरखा दत्त
मीडिया गिरोह ऐसे आंदोलनों की तलाश में रहता है, जहाँ अपना कुछ दाँव पर न लगे और मलाई काटने को खूब मिले। बरखा दत्त का ट्वीट इसकी प्रतिध्वनि है। यूॅं ही नहीं कहते- तू चल मैं आता हूँ, चुपड़ी रोटी खाता हूँ, ठण्डा पानी पीता हूँ, हरी डाल पर बैठा हूँ।

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