Homeराजनीतिपूर्व केंद्रीय मंत्री व वरिष्ठ कॉन्ग्रेस नेता का इस्तीफ़ा, कहा आंध्र प्रदेश में पार्टी...

पूर्व केंद्रीय मंत्री व वरिष्ठ कॉन्ग्रेस नेता का इस्तीफ़ा, कहा आंध्र प्रदेश में पार्टी कोमा में

किशोर चंद्र ने कहा कि आंध्र प्रदेश में कॉन्ग्रेस पार्टी कोमा में चली गयी है। पार्टी नेतृत्व में कोई जवाबदेही नहीं बची है, यहाँ कॉन्ग्रेस विलुप्त हो चुकी है।

लोकसभा चुनाव से पहले कॉन्ग्रेस पार्टी के नेता उनका साथ छोड़ रहे हैं। गुजरात में ऊँझा विधानसभा सीट से कॉन्ग्रेसी विधायक आशाबेन पटेल और विधायक कुँवर जी बावलिया के इस्तीफ़े के बाद अब आध्र प्रदेश में कॉन्ग्रेस के पूर्व केंद्रीय मंत्री किशोर चंद्र देव ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफ़ा राहुल गाँधी को सौंप दिया है।

ख़बरों के अनुसार किशोर चंद्र ने कहा कि आंध्र प्रदेश में कॉन्ग्रेस पार्टी कोमा में चली गयी है, और पार्टी नेतृत्व में कोई जवाबदेही नहीं बची है, यहाँ कॉन्ग्रेस विलुप्त हो चुकी है। आंध्र प्रदेश में कॉन्ग्रेस के अनुभवी सांसद के रूप में अपनी पहचान बना चुके किशोर चंद्र का इस्तीफ़ा कॉन्ग्रेस के लिए तगड़ा झटका माना जा रहा है।

जानकारी के अनुसार, किशोर चंद्र अब चंद्रबाबू नायडू की तेलगू देशम पार्टी (टीडीपी) में शामिल हो सकते हैं। बता दें कि वो पिछले चुनाव में कॉन्ग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़े थे, जिसमें वो हार गए थे।

पंचायती राज मंत्री रह चुके हैं किशोर चंद्र

कॉन्ग्रेस के किशोर चंद्र यूपीए-2 सरकार के कार्यकाल में जुलाई 2011 से मई 2014 तक आदिवासी मामलों और पंचायती राज मंत्री रह चुके हैं। बता दें कि वह 1979-80 में लोकसभा के चुनाव के बाद इस्पात, खान और कोयला राज्य मंत्री भी रह चुके हैं। इन्होंने 2008 के कैश-फॉर-वोट घोटाले में संसदीय जाँच का नेतृत्व भी किया था।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -