Homeराजनीतिझारखंड में टूटा महागठबंधन, राजद और कॉन्ग्रेस दोनों ने चतरा से उतारे उम्मीदवार

झारखंड में टूटा महागठबंधन, राजद और कॉन्ग्रेस दोनों ने चतरा से उतारे उम्मीदवार

राजद ने पलामू के साथ-साथ चतरा से भी शुक्रवार (अप्रैल 5, 2019) को अपना उम्मीदवार खड़ा कर दिया जिसके बाद कॉन्ग्रेस ने भी देर शाम अपने प्रत्याशी के नाम की घोषणा कर दी।

लोकसभा चुनाव 2019 के मद्देनजर उठापटक जारी है। झारखंड में महागठबंधन के सहयोगी दलों के बीच घमासान कम होने का नाम नहीं ले रहा है। झारखंड में कॉन्ग्रेस और आरजेडी अब आमने-सामने दिख रही है। महागठबंधन में सीटों के बँटवारे के दौरान राजद के खाते में पलामू की सीट तो कॉन्ग्रेस के खाते में चतरा की सीट आई थी। राजद लगातार चतरा सीट पर लड़ने की बात कह रही थी, लेकिन कॉन्ग्रेस ने साफ कर दिया था कि इस सीट पर वो समझौता नहीं करने वाली है। मगर राजद ने पलामू के साथ-साथ चतरा से भी शुक्रवार (अप्रैल 5, 2019) को अपना उम्मीदवार खड़ा कर दिया जिसके बाद कॉन्ग्रेस ने भी देर शाम अपने प्रत्याशी के नाम की घोषणा कर दी।

चतरा सीट के लिए राजद उम्मीदवार सुभाष यादव के नामांकन दाखिल करने के वक्त मौजूद रहने के लिए तेजस्वी यहाँ पहुँचे थे। इस दौरान तेजस्वी ने एक सभा को संबोधित किया और साथ ही कॉन्ग्रेस से चतरा सीट से प्रत्याशी न उतारने की अपील की थी, लेकिन कॉन्ग्रेस ने राजद की अपील को दरकिनार करते हुए चतरा सीट से उम्मीदवार के तौर पर मनोज कुमार यादव के नाम का ऐलान कर दिया है। हालाँकि तेजस्वी ने यह भी कहा था कि अगर चतरा सीट पर कॉन्ग्रेस के साथ सहमति नहीं बनती है, तो इस सीट पर दोनों दलों के बीच दोस्ताना संंघर्ष होगा और कॉन्ग्रेस की तरफ से प्रत्याशी उतारने के बाद ये बात साफ हो गई है कि अब चतरा सीट पर फ्रेंडली फाइट देखने को मिलेगी।

चतरा संसदीय क्षेत्र से राजद प्रत्याशी सुभाष यादव के नामांकन के बाद जिला मुख्यालय स्थित जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम में सभा का आयोजन किया गया। इस मौके पर बिहार विधानसभा के विधायक, झारखंड प्रदेश विधायक, झारखंड प्रदेश अध्यक्ष गौतम सागर राणा सहित कई नेताओं ने शिरकत की। इस मौके पर चतरा के पूर्व विधायक एवं झाविमो नेता सत्यनंद भोक्ता ने भी राजद का दामन थाम लिया। तेजस्वी यादव ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि देश और संविधान को बचाने के लिए भाजपा को हराना जरूरी है। उन्होंने कहा कि झारखंड में महागठबंधन मजबूत है, मगर इसके साथ ही उन्होंने यह भी कह दिया कि अगर कोई गठबंधन तोड़कर, पार्टी छोड़कर जाना चाहता है, तो उसे बाँधकर नहीं रखा जा सकता।

गौरतलब है कि महागठबंधन के बीच सीट बँटवारे के फार्मूले के मुताबिक, कॉन्ग्रेस को 7 सीटें, झामुमो को 4 जबकि झारखण्ड विकास मोर्चा (प्रजातांत्रिक) को 2 सीटें और राजद को 1 सीट दी गई थी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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