Wednesday, May 27, 2020
होम रिपोर्ट ममता जी! बालाकोट में जो हुआ उसका पता चल जाएगा, आप बताएँ IPS...

ममता जी! बालाकोट में जो हुआ उसका पता चल जाएगा, आप बताएँ IPS अधिकारी के साथ आपने क्या किया था?

जिस घटना से ममता के अस्तित्व पर सवाल उठना शुरू हो गए उनके लिए उस प्रश्न का कोई औचित्य नहीं है। राजनीति करते-करते ममता जैसे नेता दूसरों पर सवाल उठाने से पहले भूल जाते हैं कि उनका दामन हर जगह कीचड़ से सना हुआ है।

ये भी पढ़ें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

बालाकोट में भारतीय वायु सेना के हमले के बाद चारों ओर भारतीय सेना और मोदी सरकार की तारीफ़ में आवाज़ें बुलंद हो रही हैं। सोशल मीडिया के गलियारों से लेकर देश की सड़कों तक बालाकोट में जो हुआ उसका समर्थन किया जा रहा है। लेकिन इस जवाबी कार्रवाई से विपक्ष में बैठे कुछ लोगों को शांति नहीं मिली है।

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता दीदी ने सवाल दागा है कि जवानों का जीवन चुनावी राजनीति से ज्यादा कीमती है, लेकिन देश को यह जानने का अधिकार है कि पाकिस्तान के बालाकोट में वायुसेना के हवाई हमले के बाद आख़िर वास्तव में क्या हुआ।

ममता के इस सवाल के बाद यकीन करना मुश्किल नहीं कि ऐसा बौद्धिक स्तर विपक्ष में बैठे लोगों में ही हो सकता है। जो जानते हैं कि किस चीज पर राजनीति नहीं होनी चाहिए लेकिन फिर भी वह उसी चीज पर राजनीति करने से बाज नहीं आते।

- विज्ञापन - - लेख आगे पढ़ें -

खैर अब जब सवाल कर ही दिया है तो उन्हें बताया जाना चाहिए कि बालाकोट में ‘क्या हुआ’ उसके सबूत धीरे-धीरे सामने आ रहे हैं। 26 फरवरी को हुए इस हमले के एक दिन बाद वायुसेना कमांडर अभिनंदन के पाकिस्तान में होने की ख़बर आई, जिसके कारण सभी का ध्यान उनकी तरफ केंद्रित हो गया। लेकिन ममता अपनी राजनीति पर अटकी रहीं। ऐसे में उन्हें बताना जरूरी है कि ‘दीदी’ थोड़ा इंतज़ार करिए धीरे-धीरे बालाकोट में क्या-कैसे-कब हुआ सबके जवाब दिए जाएँगे, जैसे F-16 के मिसाइल के टुकड़े दिखाकर दिए गए हैं।

तब तक आप उस आईपीएस ऑफिसर के बारे में जवाब दे दीजिए जिसने सुसाइड नोट लिखकर आपको खबरों का हिस्सा बना दिया। ममता को यह बताना चाहिए कि उस आईपीएस अधिकारी ने अपनी आत्महत्या का कारण ममता को ही क्यों बताया? क्यों गौरव दत्त की पत्नी श्रेयांशी ममता को अपने पति की मौत का ज़िम्मेदार बता रही है? आख़िर आपने दस साल तक किसी आईपीएस अफसर को किस प्रकार इतना प्रताड़ित किया कि उसने नौकरी से सेवानिवृत्त होकर मौत को गले लगाना ही उचित समझा? इन सवालों का जवाब दे दीजिए फिर देश के हवाले से पूछते रहिए कि बालाकोट में क्या हुआ क्या नहीं हुआ?

सोचिए ज़रा! वायुसेना के जिस एक्शन से पूरे देश में संतुष्टि का माहौल बना, उसपर ममता जानना चाहती हैं कि आखिर उस दिन बालाकोट में वास्तविकता में हुआ क्या? और जिस घटना से ममता के अस्तित्व पर सवाल उठना शुरू हो गए उनके लिए उस प्रश्न का कोई औचित्य नहीं है। राजनीति करते-करते ममता जैसे नेता दूसरों पर सवाल उठाने से पहले भूल जाते हैं कि उनका दामन हर जगह कीचड़ से सना हुआ है। देश की जिस कामयाबी पर लोग गौरव करते नहीं थक रहे, उस पर सवाल उठाना भी बड़ी दिलेरी का ही काम है।

ममता ने मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से कहा कि हवाई हमले के बाद उन्हें बताया गया कि 300-350 आतंकी मारे गए हैं । लेकिन उनका कहना यह भी है कि उन्होंने वॉशिंगटन पोस्ट और न्यूऑर्क टाइम्स की खबरें भी पढ़ी हैं जो बता रहे हैं कि इस हमले में कोई मारा नहीं गया है, सिर्फ एक इंसान घायल हुआ है।

- विज्ञापन - - लेख आगे पढ़ें -

विदेशी अखबारों से जानकारी इकट्ठा करके सवाल दागने वाली ममता बनर्जी के सवाल ही उनपर सवाल खड़े कर रहे हैं कि वह जिस देश की प्रधानमंत्री होने के सपने देख रही हैं, उसी देश की सेना पर ऊँगली उठाने से उन्हें किसी प्रकार का कोई गुरेज़ नहीं हैं।

खैर, सीबीआई की पूछताछ से आहत होकर धरने पर बैठ जाने वाले यदि सेना की कार्रवाई पर सवाल उठाए तों ज्यादा हैरानी नहीं होती। ऐसे लोगों के हर कदम में राजनीति की ही गंध आती हैं। जो साबित करते हैं कि मुद्दा चाहे कोई भी हो लेकिन उसपर राजनीति जमकर करेंगे, वो भी तब जब लोकसभा चुनाव नज़दीक हों।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ख़ास ख़बरें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

‘उत्तराखंड जल रहा है… जंगलों में फैल गई है आग’ – वायरल तस्वीरों की सच्चाई का Fact Check

क्या उत्तराखंड के जंगल इस साल की गर्मियों में वास्तव में आग में झुलस रहे हैं? जवाब है- नहीं।

ईद का जश्न मनाने के लिए दी विशेष छूट: उद्धव के तुष्टिकरण की शिवसेना के मुखपत्र सामना ने ही खोली पोल

शिवसेना के मुखपत्र सामना में प्रकाशित एक लेख के मुताबिक मुंब्रा में समुदाय विशेष के लोगों को ईद मनाने के लिए विशेष रियायत दी गई थी।

वियतनाम: ASI को खुदाई में मिला 1100 साल पुराना शिवलिंग, बलुआ पत्थर से है निर्मित

ASI को एक संरक्षण परियोजना की खुदाई के दौरान 9वीं शताब्दी का शिवलिंग मिला है। इसकी जानकारी विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ट्वीट कर दी है।

‘रिपब्लिक टीवी को रिपोर्टिंग करने से रोकना चाहते हैं महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख’

अनिल देशमुख के रुख को लेकर रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क ने बयान जारी किया है। महाराष्ट्र सरकार के बर्ताव पर हैरानी जताई है।

‘मोदी मंदिर’ बनाने की खबर फर्जी: MLA गणेश जोशी ने कॉन्ग्रेस को बताया ‘मोदीफोबिया’ से ग्रसित

"मोदी मंदिर' बनाने की खबर पूरी तरह फर्जी है। जबकि मोदी-आरती लिखने वाली डॉ. रेनू पंत का भाजपा से कोई लेना-देना नहीं है और वो सिर्फ..."

प्रजासुखे सुखं राज्ञः… तबलीगी और मजदूरों की समस्या के बीच आपदा में राजा का धर्म क्या

सभी ग्रंथों की उक्तियों का एक ही निचोड़ है कि राजा को जनता का उसी तरह ध्यान रखना चाहिए जिस तरह एक पिता अपने पुत्र की देखभाल करता है।

प्रचलित ख़बरें

‘चीन, पाक, इस्लामिक जिहादी ताकतें हो या नक्सली कम्युनिस्ट गैंग, सबको एहसास है भारत को अभी न रोक पाए, तो नहीं रोक पाएँगे’

मोदी 2.0 का प्रथम वर्ष पूरा हुआ। क्या शानदार एक साल, शायद स्वतंत्र भारत के इतिहास का सबसे ज्यादा अदभुत और ऐतिहासिक साल। इस शानदार एक वर्ष की बधाई, अगले चार साल अद्भुत होंगे। आइए इस यात्रा में उत्साह और संकल्प के साथ बढ़ते रहें।

लगातार 3 फेक न्यूज शेयर कर रवीश कुमार ने लगाई हैट्रिक: रेलवे पहले ही बता चुका है फर्जी

रवीश कुमार ने अपने फेसबुक पेज पर ‘दैनिक भास्कर’ अखबार की एक ऐसी ही भावुक किन्तु फ़ेक तस्वीर शेयर की है जिसे कि भारतीय रेलवे एकदम बेबुनियाद बताते हुए पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि ये पूरी की पूरी रिपोर्ट अर्धसत्य और गलत सूचनाओं से भरी हुई है।

मोदी-योगी को बताया ‘नपुंसक’, स्मृति ईरानी को कहा ‘दोगली’: अलका लाम्बा की गिरफ्तारी की उठी माँग

अलका लाम्बा PM मोदी और CM योगी के मुँह पर थूकने की बात करते हुए उन्हें नपुंसक बता रहीं। उन्होंने स्मृति ईरानी को 'दोगली' तक कहा और...

‘राम मंदिर की जगह बौद्ध विहार, सुप्रीम कोर्ट ने माना’ – शुभ कार्य में विघ्न डालने को वामपंथन ने शेयर की पुरानी खबर

पहले ये कहते थे कि अयोध्या में मस्जिद था। अब कह रहे हैं कि बौद्ध विहार था। सुभाषिनी अली पुरानी ख़बर शेयर कर के राम मंदिर के खिलाफ...

38 लाख फॉलोवर वाले आमिर सिद्दीकी का TikTok अकॉउंट सस्पेंड, दे रहा था कास्टिंग डायरेक्टर को धमकी

जब आमिर सिद्दीकी का अकॉउंट सस्पेंड हुआ, उस समय तक उसके 3.8 मिलियन फॉलोवर्स थे। आमिर पर ये कार्रवाई कास्टिंग डायरेक्टर को धमकी...

हमसे जुड़ें

207,939FansLike
60,325FollowersFollow
242,000SubscribersSubscribe
Advertisements