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मोदी सरकार के ‘ऑपरेशन गंगा’ के कारण बची जान, अब होने वाले बच्चे का नाम ‘गंगा’ रखेगा ये जोड़ा: यूक्रेन से सुरक्षित निकाले गए, नहीं खर्च हुआ एक पैसा भी

"मेरी पत्नी 9 महीने की गर्भवती है। फिलहाल वो पोलैंड के अस्पताल में भर्ती हैं। अस्पताल के अनुसार, पत्नी और बच्चा दोनों पूरी तरह से स्वस्थ हैं।"

रूस और यूक्रेन में चल रहे जंग के बीच भारत सरकार ‘ऑपरेशन’ गंगा के तहत यूक्रेन में फँसे भारतीयों की सुरक्षित वतन वापसी करवा रही है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, अब तक 17 हजार से अधिक भारतीयों को यूक्रेन से सुरक्षित वापस निकाला जा चुका है। ऐसी ही एक कहानी केरल राज्य के रहने वाले अभिजीत की भी है, जो अपनी गर्भवती पत्नी के साथ यूक्रेन के कीव में फँस गए थे। भारतीय दूतावास की सहायता से ‘ऑपरेशन गंगा’ के तहत अभिजीत और उनकी गर्भवती पत्नी को यूक्रेन से सुरक्षित निकाल लिया गया है।

इसके बाद अभिजीत और उनकी पत्नी पहले पोलैंड पहुँचे, जहाँ उन्होंने भारतीय दूतावास द्वारा स्थापित किए गए शेल्टर होम में शरण ली। न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए अभिजीत ने बताया, “मेरी पत्नी 9 महीने की गर्भवती है। फिलहाल वो पोलैंड के अस्पताल में भर्ती हैं। अस्पताल के अनुसार, पत्नी और बच्चा दोनों पूरी तरह से स्वस्थ हैं। अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार, बच्चे के पैदा होने की तय तारीख़ 26 मार्च, 2022 है।” अभिजीत ने आगे कहा कि भारत सरकार द्वारा चलाए जा रहे ऑपरेशन गंगा अभियान के नाम पर वो अपने आने वाले बच्चे का नाम गंगा रखेंगे।

एएनआई को दिये इंटरव्यू में अभिजीत ने कहा, “मैं यूक्रेन के कीव में एक रेस्ट्रॉं चलाता हूँ। युद्ध शुरू होने के बाद हम वहाँ फँस गए थे। दूतावास के अधिकारियों की मदद से ‘ऑपरेशन गंगा’ के तहत हमें सुरक्षित निकाला गया। यहाँ तक आने में हमारा एक भी पैसा खर्च नहीं हुआ है। “अभिजीत भारत आ रहे हैं, वहीं उनकी गर्भवती पत्नी को फिलहाल चिकित्सा कारणों की वजह से पोलैंड के अस्पताल में रहना होगा।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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