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सुशांत ने आत्महत्या की थी, AIIMS के डॉक्टरों के हवाले से चल रही यह खबर ‘प्लांटेड’, अर्नब गोस्वामी करेंगे खुलासा

इस मामले में कई मीडिया संस्थानों को 'सेलेक्टिवली' बातें बताई गईं, उसके आधार पर उन्होंने ये फैलाना शुरू कर दिया कि सुशांत सिंह राजपूत की हत्या नहीं की गई, उन्होंने आत्महत्या की है। अर्नब गोस्वामी ने पूछा कि ये चीजें ऑन रिकॉर्ड क्यों नहीं बोली जा रहीं?

पत्रकार अर्नब गोस्वामी ने सुशांत सिंह राजपूत मामले में मीडिया में एम्स के डॉक्टरों के हवाले से चल रही खबर का खंडन करते हुए बड़ा खुलासा करने की बात कही है। चैनल ने कहा है कि क्या एम्स के डॉक्टरों के हवाले से ‘अनाधिकारिक लीक’ ही वो ‘सच’ है, जिसे मीडिया जम कर प्रचारित कर रही है। चैनल ने कहा है कि ऐसा नहीं है, बल्कि ‘रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क’ सुशांत सिंह राजपूत के बारे में ‘धमाकेदार खुलासा’ करने वाला है, जिससे इस मामले में चल रही ‘आत्महत्या थ्योरी’ वाला नैरेटिव पलट जाएगा।

रविवार (अक्टूबर 4, 2020) को ‘रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क’ के संस्थापक और लोकप्रिय पत्रकार अर्नब गोस्वामी ने बताया कि वो सोमवार (अक्टूबर 5, 2020) को सुबह 10 बजे सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में ‘फाइनल खुलासा’ करेंगे, जो एम्स के डॉक्टरों के लीक हुए अनाधिकारिक बयान पर जश्न मना रहे लोगों के लिए ‘वेक अप कॉल’ की तरह होगा। साथ ही उन्होंने मीडिया में चल रही इन ख़बरों को नकार दिया।

चैनल ने कहा है कि इस मामले में कई मीडिया संस्थानों को ‘सेलेक्टिवली’ बातें बताई गईं, उसके आधार पर उन्होंने ये फैलाना शुरू कर दिया कि सुशांत सिंह राजपूत की हत्या नहीं की गई, उन्होंने आत्महत्या की है। सितम्बर 28 को एम्स के डॉक्टरों की टीम ने मुंबई पुलिस की पोस्टमॉर्टम व ऑटोस्पी रिपोर्ट का विश्लेषण करने के बाद फोटोग्राफिक सबूतों का अध्ययन करने के बाद अपनी रिपोर्ट सीबीआई को सबमिट कर दी है।

अब सीबीआई इस मामले में जाँच कर रही है कि ये मामला हत्या का है या आत्महत्या का, लेकिन इससे पहले ही मीडिया में कई तरह की खबरें चलनी शुरू हो गई हैं और लोग उसे आधार बना कर अपनी प्रतिक्रिया भी दे रहे हैं। इधर ‘रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क’ के चैनलों का मानना है कि सुशांत सिंह राजपूत की मौत से 1 दिन पहले कई गवाहों ने उनके घर पर उनकी गर्लफ्रेंड रिया चक्रवर्ती को देखा था।

एनडीटीवी सहित कई मीडिया चैनलों और खबरिया पोर्टलों ने एम्स के जाँच पैनल की अगुवाई कर रहे डॉक्टर सुधीर गुप्ता के हवाले से खबर प्रकाशित की थी कि सुशांत मामले की गुत्थी सुलझ गई है और उनकी रिपोर्ट में आया है कि ये हत्या नहीं, आत्महत्या था। अर्नब गोस्वामी ने इन ख़बरों को ‘प्लांटेड स्टोरीज’ करार दिया है। उन्होंने पूछा कि ये चीजें ऑन रिकॉर्ड क्यों नहीं बोली जा रही? उनके चैनलों ने इस खुलासे को लेकर काउंटडाउन भी चला रखा है।

अर्नब गोस्वामी ने कहा कि उन्हें सैकड़ों लोगों के फोन कॉल्स आ रहे हैं और वो पूछ रहे हैं कि ‘रिपब्लिक वर्ल्ड’ और ‘रिपब्लिक भारत’ ने जो न्याय की लड़ाई 3 महीने से सुशांत के लिए चलाई है, तो क्या ये व्यर्थ होगा? उन्होंने कहा कि लोग एम्स के डॉक्टर सुधीर गुप्ता के बयान वाली खबरों के आधार पर लोग ऐसा पूछ रहे हैं। अर्नब गोस्वामी ने कहा कि वो इस खबर से विचलित हो गए थे।

इससे पहले मीडिया की ख़बरों में कहा गया था कि इंसान की मृत्यु का समय भी एक अहम सबूत माना जाता है, लेकिन सुशांत सिंह का मामले में इसका कोई उल्लेख ही नहीं है। 7 पन्नों की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में यह बात सामने आई थी कि सुशांत सिंह के शरीर पर बाहरी चोट के कोई निशान नहीं थे। इसके अलावा सुशांत के गले के पिछले हिस्से में भी कोई निशान नहीं मिले थे। बताया गया था कि सुशांत सिंह के शरीर पर कोई बाहरी चोट के निशान नहीं थे।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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