Thursday, April 15, 2021
Home रिपोर्ट मीडिया असलम ने किया रेप, अखबार ने उसे ‘तांत्रिक’ लिखा, भगवा कपड़ों वाला चित्र लगाया

असलम ने किया रेप, अखबार ने उसे ‘तांत्रिक’ लिखा, भगवा कपड़ों वाला चित्र लगाया

पिछले दिनों ऐसा ही एक मामला पश्चिम बंगाल के नदिया जिले में घटी घटना के बाद सामने आया था। जहाँ मुस्लिम आलिम द्वारा काले जादू का उपयोग करके किए गए इलाज में 10 साल के बच्चे की मौत हो गई थी। मगर मीडिया गिरोह ने इस अपराध को हिन्दू द्वारा किए गए अपराध के रूप में फैलाया था।

भाषा के जरिए मीडिया में अक्सर समुदाय विशेष के अपराधों पर पर्दा डालने की कोशिश करता रहता है। कई ऐसे मामले हैं जब आरोपित ‘मुस्लिमों’ की न केवल पहचान छिपाई गई, बल्कि इस चक्कर में हिंदुओं को बदनाम करने के लिए कई युक्तियाँ प्रयोग में लाई गईं।

अभी कुछ समय पहले का एक मामला देखिए। इसकी कवरेज की फोटो अब वायरल होनी शुरू हुई है। पिछले साल, बिलासपुर में एक महिला अपने पति के दूर जाने व पारिवारिक समस्याओं के चलते परेशान थी। उसे कहीं से एक मुस्लिम आलिम असलम फैजी के बारे में सूचना मिली। वह उसके पास मदद के लिए पहुँच गई। आलिम ने महिला की समस्या को दूर करने के बहाने पहले उसे डरा-धमकाकर शारीरिक संबंध बनाया। फिर, उसे आश्वासन दिया कि अब उसकी समस्या हल हो जाएगी। 

कुछ दिन बाद जब महिला के पास न उसका पति लौटा और न ही उसकी परेशानियाँ समाप्त हुईं, तो उसे एहसास हुआ कि असलम फैजी ने उसकी मजबूरी का फायदा उठाकर उसके साथ दुष्कर्म किया है। इसके बाद महिला ने फौरन पुलिस में जाकर असलम फैजी की शिकायत की। पुलिस ने आरोपित के ख़िलाफ़ धारा 376 के तहत मामला दर्ज कर लिया।

नई दुनिया में प्रकाशित संबंधित खबर

पुलिस की पड़ताल में भी ये मालूम चला कि मूलत: मनेंद्रगढ़-चिरमिरी निवासी असलम फैजी उर्फ सुहैल रजा एक मस्जिद का मौलवी था। वह पेंड्रा में किराए पर रहता था और यहाँ पर लोगों को जादू-टोने से ठीक करने का दावा करता था।

जाँच में ये भी पता चला कि असलम के पास न केवल आसपास से लोग आते थे, बल्कि दूसरे जिले के लोग भी उसके पास अपनी समस्या लेकर आते थे। ऐसे मे जब 34 वर्षीय महिला को इसकी सूचना मिली, तो वो भी असलम के पास पहुँची। जहाँ असलम ने पहले महिला की परेशानी को सुना और फिर उसे झाड़-फूँक के नाम पर कमरे में ले गया गया और उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए।

बिछड़े पति से मिलाने का झांसा देकर तांत्रिक ने किया दुष्कर्म, आरोपी गिरफ्तार
साभार: हरिभूमि

अब चूँकि पूरा मामला समुदाय विशेष के अपराध से संबंधित था, तो जरूरी है कि खबर को कवर करते समय दोनों बातों का ख्याल रखा जाए। मगर, नई दुनिया समेत कई मीडिया पोर्ट्ल्स ने इस खबर को प्रकाशित किया और हेडलाइन में मुस्लिम आलिम की जगह ‘तांत्रिक’ शब्द का प्रयोग किया। साथ ही जादू-टोना करने वाले मौलवी की जगह एक पुजारी का स्केच लगा दिया।

अब ऐसा नहीं है कि शब्दकोष में जादू-टोना करने वालों के लिए कोई अन्य शब्द नहीं है या फिर इंटरनेट पर जादू-टोना करते मौलवियों की प्रतीकात्मक तस्वीर नहीं है। लेकिन, फिर भी पाठकों को बरगलाने के लिए किया गया इस तरह का प्रयास दर्शाता है कि अब मीडिया की हर विधा में इस बात को सामान्य मान लिया गया है कि मुस्लिमों के अपराध को छिपाने के लिए हिंदुओं की संस्कृति, सभ्यता से जुड़े चिह्नों व शब्दों को प्रयोग में लाना आवश्यक है।

बता दें, पिछले साल का ये वाकया मीडिया के इतिहास में घटिया प्रयास की पहली-दूसरी घटना नहीं है। इससे पहले और इसके बाद कई बार कई मीडिया संस्थानों ने हिंदू भावनाओं की कद्र किए बिना मुस्लिम आलिम के लिए ‘तांत्रिक’ शब्द का इस्तेमाल किया और जादू-टोना करने वालों को मंत्रों की झाड़-फूँक करने वाला बताकर दर्शाया। साथ ही मुस्लिमों द्वारा किए गए अपराध को ‘हिन्दू स्पिन’ दे दिया ।

पिछले दिनों ऐसा ही एक मामला पश्चिम बंगाल के नदिया जिले में घटी घटना के बाद सामने आया था। जहाँ मुस्लिम आलिम द्वारा काले जादू का उपयोग करके किए गए इलाज में 10 साल के बच्चे की मौत हो गई थी। मगर मीडिया गिरोह ने इस अपराध को हिन्दू द्वारा किए गए अपराध के रूप में फैलाया था।

मुस्लिम आलिम के गिरफ्तार होने पर मीडिया हाउस ने इसे हिन्दू स्पिन देने के लिए मुस्लिम आलिम की जगह ‘तांत्रिक’ लिखा। NDTV, India Today, The Tribune और कई अन्य  मीडिया हाउसों ने PTI द्वारा प्रकाशित की गई उस खबर को आगे फैलाया। इसमें लिखा गया था कि तांत्रिक द्वारा पारंपरिक तरीके से इलाज के दौरान पश्चिम बंगाल में 10 साल के बच्चे की मौत हो गई।

इसी प्रकार एक तलाक का मामला भी कुछ दिन पहले सामने आया। इस मामले में हलाला का हवाला देकर निकाई अब्बा ने एक मुस्लिम महिला का बलात्कार किया। मगर NDTV जैसे न्यूज़ चैनल ने तथाकथित सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की कोशिश में मुस्लिम अपराधी के लिए ‘तांत्रिक’, ‘बाबा’, जैसे शब्दों का प्रयोग किया।

यहाँ, बता दें तांत्रिक से मतलब तंत्र विद्या अभ्यास करने से जुड़ा है। ये मुख्य रूप से हिन्दू धर्म से जुड़ा हुआ है। मगर, मीडिया द्वारा की गई ऐसी रिपोर्ट्स से ये संदेश जाता है कि अपराध हिन्दू व्यक्ति द्वारा किया गया था, जबकि ये अपराध मुस्लिम आलिम द्वारा किए गए होते हैं।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बाबा बैद्यनाथ मंदिर में ‘गौमांस’ वाले कॉन्ग्रेसी MLA इरफान अंसारी ने की पूजा, BJP सांसद ने उठाई गिरफ्तारी की माँग

"जिस तरह काबा में गैर मुस्लिम नहीं जा सकते, उसी तरह द्वादश ज्योतिर्लिंग बाबा बैद्यनाथ मंदिर में गैर हिंदू का प्रवेश नहीं। इरफान अंसारी ने..."

‘मुहर्रम के कारण दुर्गा विसर्जन को रोका’ – कॉन्ग्रेस के साथी मौलाना सिद्दीकी का ममता पर आरोप

भाईचारे का राग अलाप रहे मौलाना फुरफुरा शरीफ के वही पीरजादा हैं, जिन्होंने अप्रैल 2020 में वायरस से 50 करोड़ हिंदुओं के मरने की दुआ माँगी थी।

‘जब गैर मजहबी मरते हैं तो खुशी…’ – नाइजीरिया का मंत्री, जिसके अलकायदा-तालिबान समर्थन को लेकर विदेशी मीडिया में बवाल

“यह जिहाद हर एक आस्तिक के लिए एक दायित्व है, विशेष रूप से नाइजीरिया में... या अल्लाह, तालिबान और अलकायदा को जीत दिलाओ।”

मजनू का टीला: पाकिस्तानी हिंदू शरणार्थियों की इस तरह से मदद कर रहा ‘सेवा भारती’, केजरीवाल सरकार ने छोड़ा बेसहारा

धर्मवीर ने कहा कि दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने उनकी नहीं सुनी, न कोई सुध ली। वो 5-6 साल पहले यहाँ आए थे। इसके बाद नहीं आए। उन्होंने बिजली लगाने का वादा किया था, लेकिन कुछ भी नहीं किया। RSS ने हमारी मदद की है

मथुरा की अदालत में फिर उठी मस्जिद की सीढ़ियों से भगवान श्रीकृष्ण की मूर्तियाँ निकलवाने की माँग: 10 मई को अगली सुनवाई

मथुरा की अदालत में एक बार फिर से सन् 1670 में ध्वस्त किए गए श्रीकृष्ण मंदिर की मूर्तियों को आगरा फोर्ट की मस्जिद से निकलवाने की माँग की गई है।

उदित राज ने कुम्भ पर फैलाया फेक न्यूज, 2013 की तस्वीर को जोड़ा तबलीगी जमात से: लोगों ने दिखाया आइना

“1500 तबलिगी जमात भारत में कोरोना जेहाद कर रहे थे और अब लाखों साधू जुटे कुम्भ में उस जेहाद और कोरोना से निपटने के लिए।”

प्रचलित ख़बरें

छबड़ा में मुस्लिम भीड़ के सामने पुलिस भी थी बेबस: अब चारों ओर तबाही का मंजर, बिजली-पानी भी ठप

हिन्दुओं की दुकानों को निशाना बनाया गया। आँसू गैस के गोले दागे जाने पर हिंसक भीड़ ने पुलिस को ही दौड़ा-दौड़ा कर पीटा।

‘कल के कायर आज के मुस्लिम’: यति नरसिंहानंद को गाली देती भीड़ को हिन्दुओं ने ऐसे दिया जवाब

यमुनानगर में माइक लेकर भड़काऊ बयानबाजी करती भीड़ को पीछे हटना पड़ा। जानिए हिन्दू कार्यकर्ताओं ने कैसे किया प्रतिकार?

थूको और उसी को चाटो… बिहार में दलित के साथ सवर्ण का अत्याचार: NDTV पत्रकार और साक्षी जोशी ने ऐसे फैलाई फेक न्यूज

सोशल मीडिया पर इस वीडियो के बारे में कहा जा रहा है कि बिहार में नीतीश कुमार के राज में एक दलित के साथ सवर्ण अत्याचार कर रहे।

जानी-मानी सिंगर की नाबालिग बेटी का 8 सालों तक यौन उत्पीड़न, 4 आरोपितों में से एक पादरी

हैदराबाद की एक नामी प्लेबैक सिंगर ने अपनी बेटी के यौन उत्पीड़न को लेकर चेन्नई में शिकायत दर्ज कराई है। चार आरोपितों में एक पादरी है।

पहले कमल के साथ चाकूबाजी, अगले दिन मुस्लिम इलाके में एक और हिंदू पर हमला: छबड़ा में गुर्जर थे निशाने पर

राजस्थान के छबड़ा में हिंसा क्यों? कमल के साथ फरीद, आबिद और समीर की चाकूबाजी के अगले दिन क्या हुआ? बैंसला ने ऑपइंडिया को सब कुछ बताया।

छबड़ा में कर्फ्यू जारी, इंटरनेट पर पाबंदी बढ़ी: व्यापारियों का ऐलान- दोषियों की गिरफ्तारी तक नहीं खुलेंगी दुकानें

राजस्थान के बाराँ स्थित छबड़ा में आबिद, फरीद और समीर की चाकूबाजी के अगले दिन भड़की हिंसा में मुस्लिम भीड़ ने 6 दर्जन के करीब दुकानें जला डाली थी।
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

292,985FansLike
82,215FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe