Homeरिपोर्टमीडियाPCI के मेंबर्स केंद्र सरकार नियुक्त नहीं करती: ‘द कारवाँ’ वाले विनोद जोस को...

PCI के मेंबर्स केंद्र सरकार नियुक्त नहीं करती: ‘द कारवाँ’ वाले विनोद जोस को लेकर जारी विवाद के बीच ‘एक फैक्ट’ यह भी

"नामांकन से लेकर नियुक्त करने तक की पूरी प्रक्रिया पीसीआई द्वारा की जाती है, जो भारत सरकार से कार्यात्मक रूप से अलग एक स्वायत्तशासी संगठन है। यह आरोप लगाना कि भारत सरकार ने पीसीआई के लिए किसी सदस्य को नियुक्त किया है, पूरी तरह से गलत और झूठ है।"

‘द कारवाँ’ के मुख्य संपादक विनोद जोस को भारतीय प्रेस परिषद (PCI) का सदस्य नियुक्त करने के बाद से विवाद गहराया हुआ है। हालाँकि, सरकारी सूत्रों ने ऑपइंडिया को बताया है कि प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया में सदस्यों को नियुक्ति के लिए केंद्र सरकार जिम्मेदार नहीं है। जोस को इसका सदस्य बनाए जाने पर लोगों ने केंद्र सरकार के प्रति खासी नाराजगी व्यक्त की ​थी। उसके बाद सूत्रों ने यह स्थिति स्पष्ट की है।ही यह प्रतिक्रिया सामने आई है।

नेटिज़न्स ने सोशल मीडिया पर इसलिए नाराजगी व्यक्त की थी, क्योंकि विनोद के जोस अपनी पत्रिका ‘द कारवाँ’ के जरिए लंबे समय से मोदी सरकार और हिंदुओं के खिलाफ लगातार झूठ-नफरत फैला रहे हैं। ‘द कारवाँ’ को मोदी और भाजपा विरोधी एजेंडा चलाने और विनोद जोस को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से घृणा करने के लिए जाना जाता है।

स्पष्टीकरण देते हुए सरकारी सूत्र ने बताया, “नामांकन से लेकर नियुक्त करने तक की पूरी प्रक्रिया पीसीआई द्वारा की जाती है, जो भारत सरकार से कार्यात्मक रूप से अलग एक स्वायत्तशासी संगठन है। यह आरोप लगाना कि भारत सरकार ने पीसीआई के लिए किसी सदस्य को नियुक्त किया है, पूरी तरह से गलत और झूठ है।”

मालूम हो कि 7 मार्च, 2021 को भारतीय प्रेस परिषद ने सदस्यों के लिए नामांकन आमंत्रित करते हुए अधिसूचना जारी की थी, क्योंकि इसका तीन साल का कार्यकाल 30 मई, 2021 को समाप्त हो चुका है।

पीसीआई की अधिसूचना

बता दें कि ‘द कारवाँ’ का इतिहास काफी दागदार रहा है, जिसने न सिर्फ जस्टिस लोया की मौत के मामले में गुमराह कर अमित शाह को बदनाम किया, बल्कि असीमानंद को आतंकवादी बताने की भी कोशिश की थी। कारवाँ मैगजीन के साथ मिल कर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल के बेटे विवेक डोभाल के खिलाफ दुष्प्रचार करने के मामले में कॉन्ग्रेस नेता जयराम रमेश को कोर्ट में माफ़ी तक माँगनी पड़ी थी।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

आतंकियों तक आधार पहुँचाने की साजिश किसकी? MP के ‘क्लोन Aadhar मशीन’ मामले ने बढ़ाई चिंता, अन्य राज्यों में भी फर्जी पंजीकरण के नेटवर्क...

मध्य प्रदेश के क्लोन आधार मशीन मामले के बाद जानिए, क्या दूसरे राज्यों में भी आधार पंजीकरण में ऐसी गड़बड़ियाँ सामने आई हैं।

बीमारी के बहाने निशाने पर भारत… BBC ने ’38 परजीवी’ के सहारे 19 साल पुरानी घटना पर किया बदनाम: पढ़ें- कैसे पश्चिमी मीडिया ने...

BBC ने रिपोर्ट में लिखा कि भारत घूमने आई महिला के दिमाग में 38 परजीवी मिले। यह दावा न तो मेडिकल साइंस के हिसाब से सही और न इसमें कोई सच्चाई।
- विज्ञापन -