लेफ्ट-लिबरल प्रोपेगेंडाबाज ईरान को 'बेचारा' मुल्क दिखाते हैं लेकिन अफगानिस्तान में मौत पर चुप रहते हैं। दिल्ली में तरुण की हत्या पर भी इनसे पोस्ट नहीं होती।
इंडिया टुडे कॉन्क्लेव में लॉरा लूमर को आमंत्रित करने के विरोध से शुरू हुआ मामला कुछ ही समय में टीवी पर हुई तीखी बातचीत और आंशिक माफी तक पहुँच गया। जिससे कहानी का रुख ही बदल गया।
पत्रकारिता के नाम पर प्रोपेगेंडा फैलाने वाले राजदीप सरदेसाई ने साल 2011 में अपने एक टीवी शो में पूर्व बीजेपी पार्षद अजीत सिंह टोकस पर रिश्वत लेने का आरोप लगाने को लेकर माफी माँगी है।