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कोरोना से सिंगापुर में एक भी मौत नहीं: शेखर गुप्ता की ‘द प्रिंट’ ने शेयर किया पुराना डेटा, लगी लताड़

'द प्रिंट' ने 18 मार्च को एक लेख लिखा और फिर से 24 मार्च को इसे रीपब्लिश किया। शायद उसे पता नहीं था कि इस बीच सिंगापुर में कोरोना वायरस के कारण 2 लोगों की जान जा चुकी है। यहाँ तक कि इसके संस्थापक और 'एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया' के अध्यक्ष शेखर गुप्ता ने भी ट्विटर पर इस ख़बर को शेयर करते हुए दावा किया कि सिंगापुर में कोरोना के 266 मामले सामने आए हैं लेकिन एक भी मृत्यु नहीं हुई है।

पीएम मोदी की बुराई के चक्कर में वामपंथी किसी भी हद तक जा सकते हैं। शेखर गुप्ता की ‘द प्रिंट’ ने दावा किया है कि सिंगापुर में कोरोना वायरस के कारण एक भी व्यक्ति की मौत नहीं हुई है। ‘द प्रिंट’ ने 18 मार्च को एक लेख लिखा और फिर से 24 मार्च को इसे रीपब्लिश किया। शायद उसे पता नहीं था कि इस बीच सिंगापुर में कोरोना वायरस के कारण 2 लोगों की जान जा चुकी है। यहाँ तक कि इसके संस्थापक और ‘एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया’ के अध्यक्ष शेखर गुप्ता ने भी ट्विटर पर इस ख़बर को शेयर करते हुए दावा किया कि सिंगापुर में कोरोना के 266 मामले सामने आए हैं लेकिन एक भी मृत्यु नहीं हुई है।

साथ ही उन्होंने ये भी दावा किया कि वहाँ पर ‘इन्फेक्शन रेट’ बाकी दुनिया से एकदम अलग है। साथ ही उन्होंने लिखा कि ये सब बिना लॉकडाउन के ही संभव हुआ। हालाँकि, आज ही ख़बर आई है कि सिंगापुर के दो इंटरनेशनल स्कूलों के बच्चों के 6 पेरेंट्स कोरोना वायरस के शिकार हो गए हैं। वहाँ के अधिकतर स्कूल ‘रिमोट लर्निंग’ पर काम कर रहे हैं ताकि बच्चों को स्कूल न जाना पड़े। कोरोना वायरस से दुनिया भर में दहशत फ़ैल रहा है।

कोरोना को लेकर शेखर गुप्ता का ग़लत डेटा

भारत के विभिन्न राज्यों में कोरोना वायरस को लेकर लॉकडाउन की घोषणा की गई है। कई जगहों पर कर्फ्यू भी लगा हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज दूसरी बार राष्ट्र को सम्बोधित किया हैं। वहीं कई लोगों ने ‘द प्रिंट’ को उसकी हरकत के लिए लताड़ लगाई। लोगों ने कहा कि मोदी विरोधी मीडिया हमेशा भाजपा के विरोध के चक्कर में फेक न्यूज़ को भी शेयर करने से नहीं हिंचकता।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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