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जिसे दिल्ली पुलिस कह रही फेक न्यूज, उसे NDTV की पूर्वकर्मी निधि राजदान बता रही- ‘कश्मीर मॉडल’, जानिए क्या है मामला

उत्तर दिल्ली के डीसीपी एंटो एल्फॉन्स ने स्पष्ट शब्दों में सीएम आवास के बाहर पुलिस तैनाती को बिलकुल सामान्य बताया है। उन्होंने कहा है कि ये तैनाती सुरक्षा के लिहाज से की गई है ताकि आम आदमी पार्टी और अन्य पार्टियों में झड़प न हो। ये हाउस अरेस्ट नहीं है।

किसानों के भारत बंद के आह्वान को दिल्ली की केजरीवाल सरकार कल तक अपना पूरा समर्थन दिखा रही थी। मगर, आज इसे विफल होता देख, AAP ने आरोप लगाया है कि सीएम अरविंद केजरीवाल को गृह मंत्रालय ने हाउस अरेस्ट करवा दिया है। हालाँकि, पुलिस ने इस खबर को फर्जी और निराधार कहकर खारिज कर दिया है।

समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार उत्तर दिल्ली के डीसीपी एंटो एल्फॉन्स ने स्पष्ट शब्दों में सीएम आवास के बाहर पुलिस तैनाती को बिलकुल सामान्य बताया है। उन्होंने कहा है कि ये तैनाती सुरक्षा के लिहाज से की गई है ताकि आम आदमी पार्टी और अन्य पार्टियों में झड़प न हो। ये हाउस अरेस्ट नहीं है।

इसके बावजूद एनडीटीवी की पूर्व पत्रकार निधि राजदान इस पर झूठ फैलाने के लिए आगे आई हैं। उन्होंने एक ऐसे हाउस अरेस्ट को कश्मीर मॉडल से जोड़ा है जिसे दिल्ली पुलिस पहले ही झूठा और निराधार बता चुकी है। निधि ने सीएम केजरीवाल के प्रति अपना गुस्सा व्यक्त करते हुए लिखा, “कश्मीर मॉडल, जिसे दिल्ली सीएम ने भी तब समर्थन दिया था, आज दिल्ली आ गया है।”

निधि का यह ट्वीट देखकर कई लोगों ने इसे पूरी तरह से फेक न्यूज कहा है और आम आदमी के साथ उन्हें भी एजेंडा चलाने वाला बताया है।

वहीं कुछ आप समर्थकों ने पूछा है कि आखिर अरविंद केजरीवाल ने नेताओं को नजर बंद की जाने वाली बात को कब समर्थन दिया? इन समर्थकों का कहना कि आज लुटियन दिल्ली वाले खुलकर केजरीवाल के प्रति नफरत दिखा रहे हैं। क्या वह ऐसी चीज तब कहेंगे जब इसी तरह का काम पत्रकारों के साथ होगा।

वहीं किरण जीत सिंह नाम के यूजर ने निधि को समझाया है, “अनुच्छेद 370 को हटाने का समर्थन करना हाउस अरेस्ट को समर्थन देने से बहुत अलग है। अपना झूठ बोलना बंद करो। अपना एजेंडा चलाना बंद करो। कितनी पाखंडी हो?”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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