Homeरिपोर्टमीडियाहत्या-दंगा-ठगी करने वाला हारून मियाँ के लिए TOI ने तांत्रिक लिख फैलाया भ्रम, बेटा...

हत्या-दंगा-ठगी करने वाला हारून मियाँ के लिए TOI ने तांत्रिक लिख फैलाया भ्रम, बेटा आरिफ भी देता था अब्बा का साथ

अमर उजाला से लेकर अन्य मीडिया संस्थानों ने भी इस खबर को प्रकाशित किया। शीर्षक में ही हारून लिख कर स्पष्ट किया गया कि आरोपित कौन है, उसके अपराध का तरीका क्या है। लेकिन Times of India हमेशा की तरह तांत्रिक लिख कर भ्रम फैलाते हुए...

दिल्ली पुलिस ने ठगी करने वाले जालसाज हारून मियाँ उर्फ शाहजी बंगाली को अरेस्ट किया है। हारून लोगों को अंधविश्वास में फँसाता और उनसे पैसे हड़पता था। मेरठ के ज़ाकिर नगर के रहने वाले हारून ने गूगल व ट्रू कॉलर एप पर भी मियाँ शाहजी बंगाली के नाम से खुद को पंजीकृत कर रखा था।

अमर उजाला ने इस खबर प्रकाशित किया। खबर की शीर्षक में ही हारून लिख कर स्पष्ट किया गया कि आरोपित कौन है, उसके अपराध का तरीका क्या है।

‘हिंदू पोस्ट’ नाम के एक छोटे (TOI की तुलना में) से मीडिया पोर्टल ने भी इस खबर की रिपोर्टिंग की। शीर्षक में Muslim Occult practitioner लिख कर यहाँ भी भ्रम फैलाने की कोशिश नहीं की गई।

लेकिन टाइम्स ऑफ इंडिया (TOI) अपने आदत से बाज नहीं आया। मुस्लिम आरोपितों के नाम छिपाने या उसकी जगह हिंदू शब्दों और प्रतीक चित्रों को खबर में जगह देकर वो पाठकों को पहले भी बरगलाता रहा है। इस बार भी उसने यही किया।

हारून के खिलाफ हत्या और दंगों के कई मामले दर्ज हैं। सिर्फ हारून ही नहीं बल्कि उसका बेटा आरिफ भी धोखाधड़ी के धंधे में शामिल था। इतने सारे आरोपों के बावजूद TOI को अपने शीर्षक के लिए तांत्रिक शब्द ही सबसे पर्याप्त सूझा, यह उनकी पत्रकारिता की पहचान है।

आपको बता दें कि हारून ने एक महिला से घर में शांति कराने के नाम पर 85,000 रुपए उसके खाते में ट्रांसफर करने के लिए कहा। पीड़ित महिला को शक तब हुआ जब आरोपित ने उससे से 55 हजार रुपए और जमा कराने को कहा। इसके बाद पुलिस से शिकायत की और हारून गिरफ्तार हुआ।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?

मुस्लिमों को रिझाने में 2017 में औंधे मुँह गिरे थे अखिलेश, आरक्षण का वादा किया लेकिन घोषणापत्र खाली रहा: 2027 के चुनावी रण में...

मुस्लिम आरक्षण पर अखिलेश बयानों से लेकर मुलायम सिंह यादव की मुस्लिम राजनीति अपने पुराने ढर्रे पर रही है। हालाँकि अब यूपी में वोटर्स अपनी प्रथमिकताएँ बदल रहे हैं।
- विज्ञापन -