Friday, April 19, 2024
Homeरिपोर्टमीडिया'नूपुर शर्मा गलत नहीं थीं': इस्लामिक स्कॉलर अतीकुर रहमान की दो टूक, कहा- कोई...

‘नूपुर शर्मा गलत नहीं थीं’: इस्लामिक स्कॉलर अतीकुर रहमान की दो टूक, कहा- कोई मौलवी बताए वह कहाँ गलत थीं

“मैं आपको बताना चाहता हूँ कि नूपुर शर्मा गलत नहीं थीं। वो गलत नहीं थी। अगर कोई इस्लामी विद्वान या मुस्लिम सोचता है कि वह गलत थीं, तो इस्लाम का दायरा इतना व्यापक है कि उन्हें माफ किया जा सकता है। कोई वरिष्ठ मौलवी बताए कि वो कहाँ गलत थीं।"

इस्लामिक स्कॉलर अतीकुर रहमान का कहना है कि नूपुर शर्मा ने पैगंबर मोहम्मद पर जो टिप्पणी की थी, वह गलत नहीं थी। उन्होंने यह बात ‘इंडिया न्यूज’ पर प्रदीप भंडारी के डिबेट शो के दौरान कही। साथ ही इसको लेकर सोशल मीडिया के जरिए फैलाई गई नफरत और धमकियों पर भी अफसोस जताया। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी को लगता है कि नूपुर शर्मा ने गलत कहा तो किसी वरिष्ठ मौलवी को बताना चाहिए कि वह कहाँ गलत थीं।

दरअसल, डिबेट के दौरान विश्व हिन्दू परिषद के नेता विनोद बंसल ने इस्लामवादियों द्वारा हत्या की धमकियों का मुद्दा उठाया था। इसके जवाब में शो के होस्ट प्रदीप भंडारी ने कहा कि भारत एक लिबरल डेमोक्रेसी वाला देश है। कोई कट्टर धार्मिक देश नहीं है, जहाँ धर्म की आलोचना का मतलब सख्त सजा है।

इसके बाद विनोद बंसल ने कहा, “मैं अतीकुर रहमान के उस बयान का समर्थन करता हूँ कि पैगंबर मुहम्मद के जीवन पर चर्चा होनी चाहिए, क्योंकि उनके जीवन से बहुत सी चीजें सीखनी हैं। भारत ऐसा देश है, जहाँ हम भगवान राम और कृष्ण के जीवन के बारे में चर्चा करते हैं, ताकि चीजों को सीखें और उनकी शिक्षाओं से प्रेरित हों। ऐसे में हमें पैगंबर मुहम्मद से क्यों नहीं सीखना चाहिए?”

इसके बाद बंसल ने अतीकुर रहमान से पूछा, “जहाँ तक ​​नुपुर शर्मा का सवाल है, उन्होंने जो भी कहा है वो इस्लामिक किताबों के हवाले से कहा है और यही बात कई इस्लामिक विद्वानों ने भी कही है। इसलिए मैं पूछना चाहता हूँ कि उनके बयान में क्या गलत था? क्या वो गलत बोलीं थीं? या फिर उनकी शैली और व्यवहार गलत था? इस्लामिक ग्रंथों में जो भी लिखा है, वो गलत है? आखिर इस्लामवादी उनका सर तन से जुदा करने की माँग क्यों कर रहे हैं?”

इसके जबाव में रहमान ने कहा, “मैं आपको बताना चाहता हूँ कि नूपुर शर्मा गलत नहीं थीं। वो गलत नहीं थी। अगर कोई इस्लामी विद्वान या मुस्लिम सोचता है कि वह गलत थीं, तो इस्लाम का दायरा इतना व्यापक है कि उन्हें माफ किया जा सकता है। कोई वरिष्ठ मौलवी बताए कि वो कहाँ गलत थीं।”

अतीकुर रहमान के इस बयान का समर्थन करते हुए प्रदीप भंडारी ने कहा कि धर्म के बारे में इस तरह से बहस होनी चाहिए। जहाँ किसी भी गलतफहमी को बातचीत और विचारों के आदान-प्रदान से दूर किया जाता है न कि धमकियों से।

इसी डिबेट के दौरान इस्लामिक विद्वान ने ये भी कहा कि इस्लाम के फॉलोवर के तौर पर उन्हें टीवी डिबेट में आने का कोई हक नहीं बनता, अगर वो इतने सक्षम नहीं हैं कि नूपुर शर्मा को आमंत्रित कर उनकी गलत जानकारियों को सही कर सकें। उन्होंने कहा, “मैं इस्लाम और पैगंबर मुहम्मद के खिलाफ आलोचना को आमंत्रित करता हूँ। इससे मुझे दुनिया को यह समझाने का मौका मिल सकता है कि उनका संदेश क्या था। दुनिया में अपना संदेश फैलाने के लिए उन्हें (पैगंबर मुहम्मद) अल्लाह ने कैसे चुना।”

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

लोकसभा चुनाव 2024 के पहले चरण में 21 राज्य-केंद्रशासित प्रदेशों के 102 सीटों पर मतदान: 8 केंद्रीय मंत्री, 2 Ex CM और एक पूर्व...

लोकसभा चुनाव 2024 में शुक्रवार (19 अप्रैल 2024) को पहले चरण के लिए 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की 102 संसदीय सीटों पर मतदान होगा।

‘केरल में मॉक ड्रिल के दौरान EVM में सारे वोट BJP को जा रहे थे’: सुप्रीम कोर्ट में प्रशांत भूषण का दावा, चुनाव आयोग...

चुनाव आयोग के आधिकारी ने कोर्ट को बताया कि कासरगोड में ईवीएम में अनियमितता की खबरें गलत और आधारहीन हैं।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
282,677FollowersFollow
417,000SubscribersSubscribe