Monday, July 22, 2024
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‘दलित ईसाई हूँ, वरना ब्राह्मण पड़ोसी पर SC/ST एक्ट लगा देती’: The Quint में लिखने वाली एक्टिविस्ट ने डिलीट किए ट्वीट्स, कहा – ‘RSS समर्थक शूद्र’ धमका रहे

"यही कारण है कि ईसाइयों/मुस्लिमों को कभी भी अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति का दर्जा नहीं दिया जाना चाहिए। वे उत्पीड़ित नहीं हैं, बल्कि हिंदू विरोधी/मूर्ति पूजा विरोधी हैं।"

फर्जी खबर फैलाने के मामले में अपनी पहचान बना चुके वामपंथी पोर्टल ‘द क्विंट’ में लिखने वाली कथित एक्टिविस्ट शालिन मारिया लॉरेंस (Shalin Maria Lawrence) ने ट्विटर पर विवादित पोस्ट किया है। उन्होंने ब्राह्मणों पर निशाना साधते हुए लिखा, “एक ब्राह्मण पड़ोसी नहीं चाहती कि उसके घर से मेरा वाईफाई कनेक्शन चले। उसने केबल के साथ छेड़छाड़ करना शुरू कर दिया, जिससे मेरे वाईफाई ने काम करना बंद कर दिया। उसने एयरटेल इंडिया को फोन किया और मेरी शिकायत के बाद उसे ठीक करने के लिए बॉक्स को शिफ्ट करने के लिए कहा।”

इसके बाद वह एक और ट्वीट करती हैं। अपने दूसरे ट्वीट में वह कहती हैं, “यह साफ तौर पर उल्लंघन है। मैं उस पर एससी/एसटी का मामला दर्ज कर सकती हूँ, जो उसने मेरे खिलाफ वर्षों से किए हैं। लेकिन मैं नहीं कर सकती, क्योंकि मैं एक ईसाई दलित हूँ। मैं एससी/एसटी पीओए के अंतर्गत नहीं आती हूँ।”

‘द क्विंट’ में लिखने वाली पत्रकार ने अपना ट्वीट वायरल होने के बाद इसे डिलीट कर दिया है। लेकिन, ट्विटर पर @iMac_too नाम के यूजर ने इसका स्क्रीनशॉट ले लिया। ब्राह्मणों को लेकर उनकी नफरत इस पोस्ट में साफ दिखाई दे रही है। इसको लेकर वह सोशल मीडिया पर यूजर्स के निशाने पर आ गई हैं। एक यूजर ने लिखा, “इन दिनों मेरा इंटरनेट बहुत स्लो चल है। मुझे मेरे गृहनगर में 5G भी नहीं मिलता है। यह एक स्पष्ट उल्लंघन है।”

एक अन्य यूजर ने लिखा, “वह यह भी चाहती थीं कि लोग भाजपा को हराने के लिए ईसाई धर्म अपनाएँ।”

एक और यूजर ने लिखा, “नरेंद्र मोदी। यही कारण है कि ईसाइयों/मुस्लिमों को कभी भी अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति का दर्जा नहीं दिया जाना चाहिए। वे उत्पीड़ित नहीं हैं, बल्कि हिंदू विरोधी/मूर्ति पूजा विरोधी हैं। अब तक मैंने आपके लगभग सभी ‘मास्टरस्ट्रोक’ पर आपका समर्थन किया है, लेकिन कृपया मुझे इसे बदलने के लिए न कहें।”

फोटो साभार: शालिन मारिया लॉरेंस का ट्विटर

यूजर्स के निशाने पर आने के बाद शालिन मारिया लॉरेंस ने अपने दोनों ट्वीट डिलीट कर दिए हैं। उन्होंने अपने नए ट्वीट में लिखा, “मैंने अपने पिछले ट्वीट डिलीट कर दिए हैं। मैं वास्तव में ब्राह्मणों और आरएसएस समर्थक शूद्रों द्वारा दी जा रही जातिवादी गाली और धमकियों को बर्दाश्त नहीं कर सकती हूँ। यह भयावह है कि कास्ट (जाति) नेटवर्क कैसे काम करते हैं। मैं यह साबित करने के लिए अपने आपको मानसिक रूप से परेशान नहीं करूँगी। मैं सही हूँ यह काफी है। मैं कानूनी रूप से इसका सामना करूँगी।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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