Wednesday, June 16, 2021
Home रिपोर्ट मीडिया 26 फ़ीसदी FDI की अनुमति: केंद्र सरकार ने PIB मान्यता सहित डिजिटल मीडिया समूहों...

26 फ़ीसदी FDI की अनुमति: केंद्र सरकार ने PIB मान्यता सहित डिजिटल मीडिया समूहों के उत्थान के लिए उठाए कई कदम

सरकार द्वारा जारी किया गया यह आदेश स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म पर लागू होगा जिसमें एप्लीकेशन, वेबसाइट या न्यूज़ पॉडकास्ट बनाने वाले प्लेटफॉर्म मुख्य हैं। यह आदेश उन समाचार एजेंसियों पर भी लागू होगा जो डिजिटल मीडिया को ख़बरें प्रदान करती हैं। समाचार एग्रीगेटर्स को भी इस दायरे में रखा गया है।

केंद्र सरकार ने डिजिटल मीडिया में विदेशी निवेश (FDI) के संबंध में अहम घोषणा की है। सूचना प्रसारण मंत्रालय ने इस मुद्दे पर प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा कि सरकार का उद्देश्य डिजिटल (न्यू) मीडिया के लिए ज़िम्मेदारी भरा माहौल तैयार करना है। 

इसके अलावा डिजिटल मीडिया को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाना भी एक उद्देश्य है। डिजिटल मीडिया में 26 फ़ीसदी FDI की अनुमति होगी लेकिन इसके लिए सरकार से अनुमति लेना अनिवार्य होगा। इस कदम के एक और अहम मायने यह हैं कि इससे सरकार चीनी डिजिटल मीडिया पर भी लगाम लगा पाएगी।

सरकार द्वारा जारी किया गया यह आदेश स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म पर लागू होगा जिसमें एप्लीकेशन, वेबसाइट या न्यूज़ पॉडकास्ट बनाने वाले प्लेटफॉर्म मुख्य हैं। यह आदेश उन समाचार एजेंसियों पर भी लागू होगा जो डिजिटल मीडिया को ख़बरें प्रदान करती हैं। समाचार एग्रीगेटर्स को भी इस दायरे में रखा गया है। 

केंद्र सरकार द्वारा डिजिटल मीडिया समूहों को लगभग 1 वर्ष का समय दिया गया है जिससे वह इस अवधि में शेयर होल्डिंग से संबंधित मानदंडों को पूरा कर सकें। कुल मिला कर भारत में पंजीकृत और यहाँ मौजूद डिजिटल मीडिया समूहों पर 26 फ़ीसदी विदेशी निवेश का आदेश लागू होगा।      

केंद्र सरकार के इस फैसले का एक और बड़ा फायदा यह है कि अब विनियामक ओवरसाईट बनाई जा सकती है। इसका मुखिया (सीईओ) भारत का नागरिक होना चाहिए और विदेशी समूहों के लिए सुरक्षा स्वीकृति भी ज़रूरी हो जाती है। इस तरह के दिशा निर्देश अभी तक सिर्फ ब्रॉडकास्ट मीडिया पर लागू होते थे लेकिन अब यह डिजिटल मीडिया में भी प्रभावी होंगे। 

फ़िलहाल भारतीय डिजिटल मीडिया की दुनिया में ऐसे तमाम समूह हैं जो चीन से जुड़े हुए हैं। इसमें यूसी न्यूज़, ओपेरा न्यूज़, डेली हंट, हैलो, न्यूज़ डॉग आदि शामिल हैं, इनके अलावा भी दूसरे देशों के कई डिजिटल मीडिया समूह शामिल हैं। इनसे देश के हित और चुनाव प्रभावित हो सकते थे, अब इसे रोकने में मदद मिलेगी। ऐसा विदेशी निवेश स्वीकार किया जाएगा जिनसे हित सुनिश्चित हो सके। इसके अलावा भारतीय सीईओ होने से भी सकारात्मक नतीजे हासिल होंगे। सामान्य शब्दों में कहा जाए तो चीनी और विदेशी मीडिया पर लगाम लगा पाना आसान होगा। 

सरकार का यह कदम नीतिगत है जिससे डिजिटल युग के तमाम ख़तरों का सामना करने में मदद मिलेगी। इंटरनेट किफ़ायती दाम पर उपलब्ध है इसलिए इसके दुरूपयोग की गुंजाईश काफी ज़्यादा है, सबसे प्रत्यक्ष उदाहरण है फ़ेक न्यूज़। इस श्रेणी के ख़तरों से निपटने में भी काफी आसानी होगी।  

सरकार की तरफ से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में कार्यरत पत्रकारों और संवाददाताओं के लिए जल्द बड़ा ऐलान हो सकता है। सरकार आगामी कुछ वर्षों में डिजिटल समसामयिक विषयक एवं समाचार मीडिया निकायों के पत्रकारों/संवाददाताओं, वीडियोग्राफर्स और छायाकारों को पीआईबी मान्यता के समानांतर लाभ देने पर विचार करने वाली है। 

इसके अलावा केंद्र सरकार ने डिजिटल मीडिया निकायों से खुद के हितों को आगे बढ़ाने और सरकार के साथ संवाद के लिए स्वयं नियमन संस्थाओं के निर्माण की अपील भी की। मंत्रालय द्वारा जारी किए गए आधिकारिक बयान में यह भी कहा गया है कि परंपरागत मीडिया (अखबार, टेलीविज़न) को जितने लाभ प्राप्त हैं। आने वाले समय में यही लाभ ऐसे डिजिटल मीडिया निकायों को देने पर किया जा रहा है जो ख़बरों से लेकर समसामयिक विषयों की अपलोडिंग और स्ट्रीमिंग कर रहे हैं। 

इसमें तमाम प्रकार की सुविधाएँ शामिल हैं, जिसमें सबसे अहम संवाददाताओं/पत्रकारों, छायाकारों, वीडियो ग्राफर्स को पीआईबी की मान्यता, आधिकारिक संवाददाता सम्मलेन का हिस्सा बनने की अनुमति जैसे अहम लाभ शामिल हैं। इस आदेश की स्वीकृति के बाद सीजीएचएस लाभ और रियायती रेल किराया भी मिलना सम्भव होगा। इसके अलावा डिजिटल मीडिया निकाय ब्यूरो की सहायता से डिजिटल विज्ञापन के लिए योग्य हो जाएँगे जिससे उनके रेवेन्यू के नए अवसर भी बनेंगे।        

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

LJP की फाइट से ‘यौन शोषण’ बाहर निकला , चिराग ने कहा- ‘शेर के बेटे को चाचा ने कर दिया अनाथ’

पशुपति पारस के आवास के बाहर चिराग पासवान के समर्थकों ने प्रदर्शन भी किया। चिराग पासवान ने कहा कि जब वो बीमार थे, तब उनके पीठ पीछे पार्टी को तोड़ने की साजिश रची गई।

जैसे-जैसे फूटा लेफ्ट-कॉन्ग्रेस-इस्लामी इकोसिस्टम का बुलबुला, वैसे-वैसे बढ़ता गया ‘जय श्रीराम’ पर प्रोपेगेंडा 

कम्युनिस्ट-कॉन्ग्रेस-मीडिया-बुद्धिजीवियों के गठबंधन को पहली चोट जय श्रीराम से ही लगी थी। मोदी के उदय ने इसे और गहरा कर दिया।

अविवाहित रहे, राम मंदिर के लिए जीवन खपा दिया, आपातकाल में 18 महीने की जेल झेली: जानिए कौन हैं VHP के चंपत राय

धामपुर के RSM डिग्री कॉलेज में रसायन विज्ञान के प्रोफेसर रहे चंपत राय सुप्रीम कोर्ट में चली राम मंदिर के मुकदमे की सुनवाई में मुख्य पैरोकार एवं पक्षकार रहे हैं।

यूपी में एक्शन ट्विटर का सुरक्षा कवच हटने का आधिकारिक प्रमाण: IT और कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने 9 ट्वीट में लताड़ा

यह एक्शन इस बात का प्रमाण भी है कि मध्यस्थता प्लेटफार्म के रूप में ट्विटर को जो कानूनी छूट प्रदान की गई थी, वह अब आधिकारिक रूप से समाप्त हो गई है।

हत्या, बच्चे को गोली मारी, छात्रों को सस्पेंड किया: 15 घटनाएँ, जब ‘जय श्री राम’ कहने पर हिन्दुओं के साथ हुई क्रूरता

अब ऐसी घटनाओं को देखिए, जहाँ 'जय श्री राम' कहने पर हिन्दुओं की हत्या तक कर दी गई। गौर करने वाली बात ये कि इस तरह की घटनाओं पर कोई आउटरेज नहीं हुआ।

3 कॉन्ग्रेसी, 2 प्रोपेगंडा पत्रकार: जुबैर के अलावा इन 5 पर भी यूपी में FIR, ‘जय श्रीराम’ पर फैलाया था झूठ

डॉक्टर शमा मोहम्मद कॉन्ग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता हैं। सबा नकवी खुद को राजनीतिक विश्लेषक बताती हैं। राना अयूब को 'वाशिंगटन पोस्ट' ने ग्लोबल एडिटर बना रखा है। कॉन्ग्रेसी मशकूर अहमद AMU छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष हैं। पीएम मोदी के माता-पिता पर टिप्पणी कर चुके सलमान निजामी जम्मू कश्मीर के कॉन्ग्रेस नेता हैं।

प्रचलित ख़बरें

‘राजदंड कैसा होना चाहिए, महाराज ने दिखा दिया’: लोनी घटना के ट्वीट पर नहीं लगा ‘मैनिपुलेटेड मीडिया’ टैग, ट्विटर सहित 8 पर FIR

"लोनी घटना के बाद आए ट्विट्स के मद्देनजर योगी सरकार ने ट्विटर के विरुद्ध मुकदमा दायर किया है और कहा है कि ट्विटर ऐसे ट्वीट पर मैनिपुलेटेड मीडिया का टैग नहीं लगा पाया। राजदंड कैसा होना चाहिए, महाराज ने दिखा दिया है।"

‘जो मस्जिद शहीद कर रहे, उसी के हाथों बिक गए, 20 दिलवा दूँगा- इज्जत बचा लो’: सपा सांसद ST हसन का ऑडियो वायरल

10 मिनट 34 सेकंड के इस ऑडियो में सांसद डॉ. एस.टी. हसन कह रहे हैं, "तुम मुझे बेवकूफ समझ रहे हो या तुम अधिक चालाक हो... अगर तुम बिक गए हो तो बताया क्यों नहीं कि मैं भी बिक गया।

‘मुस्लिम बुजुर्ग को पीटा-दाढ़ी काटी, बुलवाया जय श्री राम’: आरोपितों में आरिफ, आदिल और मुशाहिद भी, ज़ुबैर-ओवैसी ने छिपाया

ओवैसी ने लिखा कि मुस्लिमों की प्रतिष्ठा 'हिंदूवादी गुंडों' द्वारा छीनी जा रहीहै । इसी तरह ज़ुबैर ने भी इस खबर को शेयर कर झूठ फैलाया।

राम मंदिर की जमीन पर ‘खेल’ के दो सूत्र: अखिलेश यादव के करीबी हैं सुल्तान अंसारी और पवन पांडेय, 10 साल में बढ़े दाम

भ्रष्टाचार का आरोप लगाने वाले पूर्व मंत्री तेज नारायण पांडेय 'पवन' और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव से सुल्तान के काफी अच्छे रिश्ते हैं।

‘इस बार माफी पर न छोड़े’: राम मंदिर पर गुमराह करने वाली AAP के नेताओं ने जब ‘सॉरी’ कह बचाई जान

राम मंदिर में जमीन घोटाले के बेबुनियाद आरोपों के बाद आप नेताओं पर कड़ी कार्रवाई की माँग हो रही है।

फाइव स्टार होटल से पकड़ी गई हिरोइन नायरा शाह, आशिक हुसैन के साथ चरस फूँक रही थी

मुंबई पुलिस ने ड्रग्स का सेवन करने के आरोप में एक्ट्रेस नायरा नेहल शाह और उनके दोस्त आशिक साजिद हुसैन को गिरफ्तार किया।
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
104,290FollowersFollow
392,000SubscribersSubscribe