Thursday, July 25, 2024
Homeरिपोर्टमीडियावाशिंगटन पोस्ट ने आतंक के सरगना बगदादी का किया गुणगान, लोगों का फूटा गुस्सा...

वाशिंगटन पोस्ट ने आतंक के सरगना बगदादी का किया गुणगान, लोगों का फूटा गुस्सा तो बदली हेडिंग

अपनी एक ख़बर की हेडलाइन में वाशिंगटन पोस्ट ने बगदादी को 'धार्मिक विद्वान' बताया। मानो बगदादी की पहचान आतंक के लिए न होकर धार्मिक स्कॉलर की रही हो। लोगों की नाराजगी को देख आनन-फानन में उसने हेडिंग बदली, जिसमें पहले बगदादी को आतंक का मुखिया और फिर आतंकी सरगना बताया गया।

इस्लामिक स्टेट का खूॅंखार सरगना अबु बकर अल-बगदादी मारा गया तो पूरी दुनिया ने राहत की सॉंस ली। इसे
दुनिया भर के नेता आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में निर्णायक मोड़ बता रहे। लेकिन, वाशिंगटन पोस्ट ने उसकी शान में कसीदें पढ़े। अपनी एक ख़बर की हेडलाइन में वाशिंगटन पोस्ट ने बगदादी को ‘धार्मिक विद्वान’ बताया। मानो बगदादी की पहचान आतंक के लिए न होकर धार्मिक स्कॉलर की रही हो।



खूंखार आतंंकवादी अबू बक्र अल-बगदादी के संदर्भ में वाशिंगटन पोस्ट की हेडलाइन

वाशिंगटन पोस्ट ने किस नीयत से हेडलाइन में यह खेल किया, यह वह ही जानें। लेकिन, लोगों को उसका ऐसा करना नहीं भाया। लोगों की नाराजगी को देख आनन-फानन में उसने हेडिंग बदली, जिसमें पहले बगदादी को आतंक का मुखिया और फिर आतंकी सरगना बताया गया।


खूंखार आतंंकवादी अबू बक्र अल-बगदादी के संदर्भ में वाशिंगटन पोस्ट ने बदली हेडलाइन

वाशिंगटन पोस्ट के वीपी कम्युनिकेशन्स, क्रिस्टीन कोरैटी केली ने ट्विटर कर कहा, “हमने समय रहते हेडलाइन बदल दी। इस तरह की हेडलाइन नहीं जानी चाहिए थी।” लेकिन, सोशल मीडिया में तब तक वाशिंगटन पोस्ट की धार्मिक स्कॉलर वाली हेडलाइन ट्रोल हो चुकी थी।

हेडलाइन को लेकर आपत्ति जताने में नेटिज़ेंस ने ज़रा भी देर नहीं लगाई। उन्होंने पूछा कि लाखों मासूमों की मौत के जिम्मेदार को वाशिंगटन पोस्ट ने कैसे पाक-साफ़ बताने की कोशिश की।

वाशिंगटन पोस्ट की ख़बर की हेडिंग का सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो गया और यूज़र्स ने इसका मज़ाक भी उड़ाना शुरू कर दिया। इसके लिए यूज़र्स ने हैशटैग #WaPoDeathNotices का उपयोग करना शुरू कर दिया।

बता दें कि आइएस सरगना से सहानुभूति दिखाने वाला वाशिंगटन पोस्ट अकेला नहीं है। ब्लूमबर्ग ने भी बगदादी का महिमामंडन किया है। उसके मुताबिक, “बगदादी छोटे से गॉंव से आया ऐसा शख्स था जिसने कई बाधाओं को पार कर मुकाम हासिल किया।”

गौरतलब है कि बगदादी की मौत की पुष्टि करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पत्रकारों से कहा कि वह कायर था और कुत्ते की मौत मारा गया। ट्रंप ने बताया कि शनिवार को स्पेशल फ़ोर्सेस के रेड (छापेमारी) के बाद बग़दादी ने पहले कायरों की तरह भागने की कोशिश की और आख़िर में एक सुरंग में जाकर ख़ुद को उड़ा लिया। धमाके में उसके तीन बच्चे भी मारे गए। धमाकों के बाद शरीर के चिथड़े उड़ गए। डीएनए टेस्ट से उसकी पहचान सुनिश्चित की गई।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

अखलाक की मौत हर मीडिया के लिए बड़ी खबर… लेकिन मुहर्रम पर बवाल, फिर मस्जिद के भीतर तेजराम की हत्या पर चुप्पी: जानें कैसे...

बरेली में एक गाँव गौसगंज में तेजराम नाम के एक युवक की मुस्लिम भीड़ ने मॉब लिंचिंग कर दी। इलाज के दौरान तेजराम की मौत हो गई।

‘वन्दे मातरम’ न कहने वालों को सेना के जवान और डॉक्टर ने Whatsapp ग्रुप में कहा – पाकिस्तान जाओ: सिद्दीकी ने करवा दी थी...

शिकायतकर्ता शबाज़ सिद्दीकी का कहना है कि सेना के जवान और डॉक्टर ने मुस्लिमों की भावनाओ को ठेस पहुँचाई है, उनके भीतर दुर्भावना थी।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -