Homeदेश-समाजमरीज ने डॉक्टर को एक किलो पीतल पकड़ाकर, फिल्मी अंदाज में ठगे 40 तोला...

मरीज ने डॉक्टर को एक किलो पीतल पकड़ाकर, फिल्मी अंदाज में ठगे 40 तोला सोना, 11 लाख कैश: ऐसे खुला जालसाजी का राज

ठगों ने डॉक्टर से कहा कि उनके पास करीब एक किलो सोने के पतरे हैं। पतरे बिकने में दिक्कत आएगी, लेकिन जेवर आसानी से बिक जाएँगे। ठगों ने यह भी कहा कि यदि एक किलो सोना के बदले आधा भी मिल जाए तो काम हो जाएगा।

मध्य प्रदेश के इंदौर से फिल्मी अंदाज में 40 तोला सोना और लाखों रुपए ठगने का मामला सामने आया है। राज महल कॉलोनी में रहने वाले डॉ. गणेश उदासी ने पुलिस में ठगी की शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ केस दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है।

बताया जा रहा है कि हाल ही में तीन ठग डॉक्टर के पास मरीज बनकर आए थे। इनमें से एक ने डॉक्टर से बीमार होने की बात कही। शातिर ठग डॉक्टर को अपने जाल में फँसाने के लिए तीन दिन तक लगातार क्लिनिक पर आते रहे। डॉक्टर का विश्वास जीतने के बाद उन लोगों ने डॉक्टर से कहा कि उनके पास पुराने जेवरात हैं और उन्हें इस समय पैसों की सख्त जरूरत है। ठगों ने डॉक्टर से उसे बेचवाने के लिए कहा। इसके बाद डॉक्टर ने उन लोगों की मदद करने के लिए उसे अपने परिचित के पास बिकवा देने की बात कही।

ठगों ने डॉक्टर से कहा कि उनके पास करीब एक किलो सोने के पतरे हैं। पतरे बिकने में दिक्कत आएगी, लेकिन जेवर आसानी से बिक जाएँगे। ठगों ने यह भी कहा कि यदि एक किलो सोना के बदले आधा भी मिल जाए तो काम हो जाएगा। यह सुनकर डॉक्टर के मन में लालच आ गया। इसके बाद डॉक्टर ने उनका सोना लेकर खुद पैसे देने की बात कही।

ठगों से डॉक्टर ने असली सोना समझकर नकली सोना ले लिया और उसके बदले में अपने घर में रखा 40 तोला सोने का जेवर और 11 लाख कैश दे दिए। ठगों ने कहा कि जब यह बिक जाए तो आप अपना सोना वापस ले लेना। डॉक्टर को भी कहाँ पता था कि वह जिन पर विश्वास कर रहा वही उससे विश्वासघात करेंगे। बस फिर क्या था ठगों के हाथों में जैसे ही असली सोना आया वह उसे लेकर फरार हो गए।

जब डॉक्टर को पता चला कि वह ठगी का शिकार हो गया है, तो उसने नकली सोने के जेवरों की जाँच कराई। जाँच में वह सोना नहीं पीतल निकला। टीआई का कहना है कि आरोपितों ने पीतल के जेवरात पर सोने की पाॅलिश कर रखी थी। पुलिस इन लोगों का पता लगाने में जुट गई है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

INDI गठबंधन की बैठक में आई पार्टियाँ बजा रही थी अपनी ढपली अपना राग, उधर एक झटके में 21 सांसद हो गए कम: जानें...

एक तरफ दीदी दिल्ली में विपक्षी एकता की नई स्क्रिप्ट लिख रही थीं, तो दूसरी तरफ एक ही झटके में उनके 21 सांसद कम हो चुके थे।

बंगाल में CAA-विरोधी दंगों की जाँच के आदेश, UP स्टाइल में होगी वसूली: पढ़ें ममता सरकार ने इस्लामी कट्टरपंथियों को कैसे दी थी रेलवे...

बंगाल में 2019 के CAA विरोधी दंगों की जाँच फिर से होगी। सीएम शुभेंदु ने रेलवे को हुए 93 करोड़ के नुकसान और हिंसा की समीक्षा के आदेश दिए हैं।
- विज्ञापन -