Homeदेश-समाजअमर्त्य सेन आए 'डरे हुए' नसीरुद्दीन शाह के बचाव में

अमर्त्य सेन आए ‘डरे हुए’ नसीरुद्दीन शाह के बचाव में

अमर्त्य सेन ने कहा, "अभिनेता को परेशान करने के प्रयास किए जा रहे हैं। देश में जो कुछ हो रहा है, वह आपत्तिजनक है और इसे जरूर रोका जाना चाहिए।''

नोबेल पुरस्कार से सम्मानित अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन ने रविवार को दिये अपने एक बयान में नसीरुद्दीन शाह का बचाव किया है। सेन ने कहा कि देश में इस तरह के विरोधों के खिलाफ आवाज उठाई जानी चाहिए। अमर्त्य सेन ने रविवार को अभिनेता नसीरुद्दीन शाह का समर्थन करते हुए कहा कि उन्हें ‘परेशान’ करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

देश में भीड़ हिंसा पर प्रतिक्रिया देने और गैर सरकारी संगठनों पर सरकार द्वारा की जा रही कथित कार्रवाई के खिलाफ एमनेस्टी इंडिया को दिये एक वीडियो में शाह ने कहा है कि देश में अभिव्यक्ति की आजादी नहीं है। साथ ही ये भी कहा कि इस देश में अधिकार मांगने वालों को कैद किया जा रहा है। इस विडियो के बाद से नसीरुद्दीन शाह एक बार फिर विवादों में आ गए हैं।

अमर्त्य सेन ने कहा कि “अभिनेता को ‘परेशान’ करने के प्रयास किए जा रहे हैं। हमें अभिनेता को परेशान करने के इस तरह के प्रयासों के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए। देश में जो कुछ हो रहा है, वह आपत्तिजनक है और इसे जरूर रोका जाना चाहिए।”

इसी मुद्दे पर एक कटाक्ष यहाँ पढ़ें: चोखा धंधा है अभिव्यक्ति की आज़ादी का छिन जाना! गुनाह है ये!

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

आर्कबिशप पीटर मचाडो कौन हैं, जो चाहता है धर्मांतरण विरोधी कानून और गोहत्या कानून में बदलाव: कर्नाटक में कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे से क्या...

आर्कबिशप की कॉन्ग्रेस अध्यक्ष खड़गे से मुलाकात के सियासी मायने निकाले जा रहे हैं। बैंगलुरु में हुई इस मुलाकात के बाद आर्कबिशप ने खुद अपनी माँगों को सार्वजनिक किया।

अग्निवीरों के रोजगार पर कांग्रेस शासित राज्यों की चुप्पी क्यों? बीजेपी सरकारों ने बनाई नीति, विपक्षी राज्यों में अब भी इंतजार

अग्रिवीरों का पहला बैच 31 दिसंबर 2026 को अपना कार्यकाल पूरा करेगा जिसमें से 75 फीसदी सेना छोड़ देंगे। इनके जॉब को लेकर कॉन्ग्रेस सरकारें कोई प्लान नहीं बना पाई है।
- विज्ञापन -